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Kurukshetra News: घग्गर नदी पुल पर आधा रास्ता खोला, ट्यूकर, अधोया व कुम्हार माजरा में 33 दिन बाद भी राहत नहीं
Tue, 12 Mar 2024 01:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 12 Mar 2024 01:00 PM IST
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कुरुक्षेत्र। पंजाब की सीमा से सटे दीवाना गांव के निकट घग्गर नदी के पुल पर प्रशासन ने नाकाबंदी में कुछ ढील दी है। यहां प्रशासन ने दोपहर बाद वाहनों के आने-जाने के लिए आधा रास्ता खोल दिया है। इससे हरियाणा-पंजाब से सटे कई गांवों के लोगों को राहत मिली है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी नाके पर बनी रहेगी ताकि पुल क्रॉस करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी जा सके।
उधर, जिले के ट्यूकर बॉर्डर, अधोया और इस्माईलाबाद के कुम्हार माजरा में 33 दिन बाद भी सीमाओं पर पुलिस और 200 अर्द्ध सैनिक बल के जवान पहरा लगाए बैठे हैं। यहां प्रशासन ने पक्के तौर पर नाकाबंदी कर रखी है। अधोया और कुम्हार माजरा को छोड़कर ट्यूकर बॉर्डर पर मारकंडा पुल के नजदीक पंजाब के किसान 25 दिन से पक्का मोर्चा लगाकर आंदोलनरत हैं।
मारकंडेश्वर महादेव बने सहारा
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ट्यूकर बॉर्डर पर पुलिस, अर्द्ध सैनिक बल, दमकलकर्मी और एंबुलेंस कर्मी दिन-रात ड्यूटी पर तैनात हैं। मारकंडेश्वर महादेव का मंदिर इन कर्मियों का सहारा बना हुआ है। दमकलकर्मियों ने जहां गाड़ी में रहने का ठिकाना बनाया हुआ है, वहीं अन्य कर्मी मंदिर में डेरा डाले हुए हैं। अर्द्ध सैनिक बल के जवानों ने अपने तंबू का बंदोबस्त कर रखा है।
बाक्स
यात्री हो रहे परेशान
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बॉर्डर सील होने के कारण आसपास के ग्रामीणों के साथ-साथ यात्री भी परेशान हो रहे हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पंजाब रोडवेज गत सप्ताह से मारकंडा पुल तक यात्रियों को पहुंचा रही है। हालांकि यहां से उनको ट्यूकर बस अड्डे तक का करीब दो किलो मीटर का सफर पैदल करना पड़ता है। वहीं मारकंडा मंदिर से ट्यूकर बस अड्डे तक प्रशासन की सहमति से ऑटो चल रहे हैं। ऑटो चालक यात्रियों को अड्डे तक पहुंचाने के लिए प्रति यात्री 10 रुपये वसूल कर रहे हैं।
14 मार्च को राहत के आसार
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डीएसपी पिहोवा रजत गुलिया ने बताया कि दीवाना बॉर्डर के पास पुल लगाई गई नाकाबंदी से वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ता दिया गया है। आने वाले 14 मार्च तक अन्य जगह भी ढील दी जा सकती है। अधोया बॉर्डर को भी जल्दी खोला जाएगा।
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उधर, जिले के ट्यूकर बॉर्डर, अधोया और इस्माईलाबाद के कुम्हार माजरा में 33 दिन बाद भी सीमाओं पर पुलिस और 200 अर्द्ध सैनिक बल के जवान पहरा लगाए बैठे हैं। यहां प्रशासन ने पक्के तौर पर नाकाबंदी कर रखी है। अधोया और कुम्हार माजरा को छोड़कर ट्यूकर बॉर्डर पर मारकंडा पुल के नजदीक पंजाब के किसान 25 दिन से पक्का मोर्चा लगाकर आंदोलनरत हैं।
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मारकंडेश्वर महादेव बने सहारा
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ट्यूकर बॉर्डर पर पुलिस, अर्द्ध सैनिक बल, दमकलकर्मी और एंबुलेंस कर्मी दिन-रात ड्यूटी पर तैनात हैं। मारकंडेश्वर महादेव का मंदिर इन कर्मियों का सहारा बना हुआ है। दमकलकर्मियों ने जहां गाड़ी में रहने का ठिकाना बनाया हुआ है, वहीं अन्य कर्मी मंदिर में डेरा डाले हुए हैं। अर्द्ध सैनिक बल के जवानों ने अपने तंबू का बंदोबस्त कर रखा है।
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यात्री हो रहे परेशान
बॉर्डर सील होने के कारण आसपास के ग्रामीणों के साथ-साथ यात्री भी परेशान हो रहे हैं। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पंजाब रोडवेज गत सप्ताह से मारकंडा पुल तक यात्रियों को पहुंचा रही है। हालांकि यहां से उनको ट्यूकर बस अड्डे तक का करीब दो किलो मीटर का सफर पैदल करना पड़ता है। वहीं मारकंडा मंदिर से ट्यूकर बस अड्डे तक प्रशासन की सहमति से ऑटो चल रहे हैं। ऑटो चालक यात्रियों को अड्डे तक पहुंचाने के लिए प्रति यात्री 10 रुपये वसूल कर रहे हैं।
14 मार्च को राहत के आसार
डीएसपी पिहोवा रजत गुलिया ने बताया कि दीवाना बॉर्डर के पास पुल लगाई गई नाकाबंदी से वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ता दिया गया है। आने वाले 14 मार्च तक अन्य जगह भी ढील दी जा सकती है। अधोया बॉर्डर को भी जल्दी खोला जाएगा।