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मॉडल स्कूल में बीएड कर रहे विद्यार्थी बने गुरुजी
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राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में पढ़ाते शिक्षक गौतम दत्त शर्मा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। तबादलों के बाद शिक्षकों से खाली हुए राजकीय संस्कृतिक मॉडल स्कूलों में अब नया प्रयोग शुरू किया गया है। शिक्षकों की कमी का तोड़ निकालते हुए बीएड कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अस्थाई तौर पर गुरुजी का काम सौंपा गया है, जिन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है।
सबसे पहले यह प्रयोग शहर में केयू के समीप स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र में किया गया है, जहां ऐसे 22 छात्रों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुजी बने इन छात्रों ने बच्चों को पढ़ाना भी शुरू कर दिया है। वहीं बच्चों की सितंबर माह की परीक्षा भी ली जाने लगी है। ऐसे में गुरुजी बने डॉ. बीआर अंबेडकर कॉलेज ऑफ एजूकेशन के इन छात्रों की अप्रेंटिस होगी तो वहीं स्थाई शिक्षक आने तक स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी कुछ राहत मिल पाएगी।
इस स्कूल में प्राध्यापकों के 32 व टीजीटी के 13 पद स्वीकृत है। इसमें प्राध्यापकों के 13 पद व टीजीटी के 8 पद रिक्त हैं। स्कूल में दो गेस्ट शिक्षक भी रहे हैं। हालांकि यहां से 19 शिक्षक तबादले के बाद रिलीव हुए हैं यहां बीएड के 22 छात्रों को लगाया गया है। अमर उजाला ने तबादलों के बाद उक्त मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की कमी को प्रमुखता से उठाया था, जिसके चलते अब यह व्यवस्था की गई है।
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उल्लेखनीय है कि जिले में पांच स्कूल मॉडल है, जो कुरुक्षेत्र के अलावा इस्माईलाबाद, बाबैन, थाना व खैरी गांव में स्थित है। इनमें 3500 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन स्कूलों में तैनात 186 शिक्षकों में से 95 का तबादला कर दिया गया था। बाबैन स्कूल से 25 शिक्षक रिलीव हुए थे। ऐसे में इन पांचों स्कूलों में एकसाथ शिक्षकों का टोटा हो गया था। अब दूसरे स्कूल भी यह प्रयोग कर सकते हैं।
बच्चों का नुकसान बचाने के लिए लिया निर्णय : सचिंद्र कोड़ा
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल सचिंद्र कोड़ा व सेंटा प्रशिक्षित प्राध्यापक गौतम दत्त शर्मा का कहना है कि तबादले के बाद स्कूल में शिक्षकों की कमी हो गई थी। ऐसे में बच्चों को ज्यादा नुक्सान न हो, इसके लिए बीएड कॉलेज में पढ़ाई कर रहे 22 छात्रों को बुलाया गया है। उम्मीद है कि 20 सितंबर को सेंटा की परीक्षा होगी, जिसके बाद इन स्कूलों में स्थाई शिक्षक तैनात हो जाएंगे।
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कुरुक्षेत्र। तबादलों के बाद शिक्षकों से खाली हुए राजकीय संस्कृतिक मॉडल स्कूलों में अब नया प्रयोग शुरू किया गया है। शिक्षकों की कमी का तोड़ निकालते हुए बीएड कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अस्थाई तौर पर गुरुजी का काम सौंपा गया है, जिन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है।
सबसे पहले यह प्रयोग शहर में केयू के समीप स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र में किया गया है, जहां ऐसे 22 छात्रों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुजी बने इन छात्रों ने बच्चों को पढ़ाना भी शुरू कर दिया है। वहीं बच्चों की सितंबर माह की परीक्षा भी ली जाने लगी है। ऐसे में गुरुजी बने डॉ. बीआर अंबेडकर कॉलेज ऑफ एजूकेशन के इन छात्रों की अप्रेंटिस होगी तो वहीं स्थाई शिक्षक आने तक स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी कुछ राहत मिल पाएगी।
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इस स्कूल में प्राध्यापकों के 32 व टीजीटी के 13 पद स्वीकृत है। इसमें प्राध्यापकों के 13 पद व टीजीटी के 8 पद रिक्त हैं। स्कूल में दो गेस्ट शिक्षक भी रहे हैं। हालांकि यहां से 19 शिक्षक तबादले के बाद रिलीव हुए हैं यहां बीएड के 22 छात्रों को लगाया गया है। अमर उजाला ने तबादलों के बाद उक्त मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की कमी को प्रमुखता से उठाया था, जिसके चलते अब यह व्यवस्था की गई है।
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उल्लेखनीय है कि जिले में पांच स्कूल मॉडल है, जो कुरुक्षेत्र के अलावा इस्माईलाबाद, बाबैन, थाना व खैरी गांव में स्थित है। इनमें 3500 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन स्कूलों में तैनात 186 शिक्षकों में से 95 का तबादला कर दिया गया था। बाबैन स्कूल से 25 शिक्षक रिलीव हुए थे। ऐसे में इन पांचों स्कूलों में एकसाथ शिक्षकों का टोटा हो गया था। अब दूसरे स्कूल भी यह प्रयोग कर सकते हैं।
बच्चों का नुकसान बचाने के लिए लिया निर्णय : सचिंद्र कोड़ा
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल सचिंद्र कोड़ा व सेंटा प्रशिक्षित प्राध्यापक गौतम दत्त शर्मा का कहना है कि तबादले के बाद स्कूल में शिक्षकों की कमी हो गई थी। ऐसे में बच्चों को ज्यादा नुक्सान न हो, इसके लिए बीएड कॉलेज में पढ़ाई कर रहे 22 छात्रों को बुलाया गया है। उम्मीद है कि 20 सितंबर को सेंटा की परीक्षा होगी, जिसके बाद इन स्कूलों में स्थाई शिक्षक तैनात हो जाएंगे।