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Kurukshetra News: गुरनाम चढूनी ने दिखाई सक्रियता, आज बुलाई आपात बैठक
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। इस बार किए जा रहे किसान आंदोलन को लेकर भले ही भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट से कोई संपर्क नहीं किया गया, जिसके चलते चढूनी गुट फिलहाल आंदोलन से दूरी बनाए रहा लेकिन बुधवार को चढूनी गुट में सक्रियता दिखाई दी और अध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी की आपात बैठक वीरवार को अपने ही गांव के गुरुद्वारा साहिब में बुलाई है।
इस बैठक में किसान आंदोलन के पूरे हालात पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद कोई फैसला लिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले कोर कमेटी की आपात बैठक कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के निवास स्थान पर संपन्न हुई। जिसमें किसानों द्वारा दिल्ली कूच को लेकर चल रहे आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विचार विमर्श किया गया और कहा कि यूनियन किसानों का समर्थन करती है और सरकार द्वारा मंगलवार को किसानों को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की निंदा की। चढूनी ने कहा कि आंदोलनरत किसान अपने ही देश के है किंतु सरकार दूसरे दुश्मन देश के सैनिकों की तरह उनके साथ व्यवहार कर रही है। सड़कों पर कील, दीवार व बैरिकेड लगाकर राइट टू फ्री मूवमेंट का अधिकार छीन रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी व प्रवक्ता राकेश बैंस का कहना है कि भले ही उनके गुट से आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने अभी तक संपर्क नहीं किया है, लेकिन उनकी भावनाएं किसानों से जुड़ी है। वे सरकार से संयम बनाए रखने की अपील करते हैं। सरकार को किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए।
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आपात बैठक पर टिकी हर किसी की निगाहें
बता दें कि पहले किए गए आंदोलन में प्रदेश में मुख्य तौर पर किसानों द्वारा बैरिकेड तोड़ने का काम चढूनी की अगुवाई में ही किया गया था। ऐसे में हर किसान यूनियन से लेकर प्रशासन, सरकार व खुफिया एजेंसियों की निगाहें भी चढूनी व उनके पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर टिकीं हैै। उनसे लगातार संपर्क भी साधा जा रहा है। अब वीरवार को होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें टिक गईं है। उधर, प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों से लेकर खुफिया कर्मी भी उनके पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ लगातार संपर्क साधे हुए हैं।
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इस बैठक में किसान आंदोलन के पूरे हालात पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद कोई फैसला लिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले कोर कमेटी की आपात बैठक कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के निवास स्थान पर संपन्न हुई। जिसमें किसानों द्वारा दिल्ली कूच को लेकर चल रहे आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विचार विमर्श किया गया और कहा कि यूनियन किसानों का समर्थन करती है और सरकार द्वारा मंगलवार को किसानों को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की निंदा की। चढूनी ने कहा कि आंदोलनरत किसान अपने ही देश के है किंतु सरकार दूसरे दुश्मन देश के सैनिकों की तरह उनके साथ व्यवहार कर रही है। सड़कों पर कील, दीवार व बैरिकेड लगाकर राइट टू फ्री मूवमेंट का अधिकार छीन रही है।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढूनी व प्रवक्ता राकेश बैंस का कहना है कि भले ही उनके गुट से आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने अभी तक संपर्क नहीं किया है, लेकिन उनकी भावनाएं किसानों से जुड़ी है। वे सरकार से संयम बनाए रखने की अपील करते हैं। सरकार को किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए।
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आपात बैठक पर टिकी हर किसी की निगाहें
बता दें कि पहले किए गए आंदोलन में प्रदेश में मुख्य तौर पर किसानों द्वारा बैरिकेड तोड़ने का काम चढूनी की अगुवाई में ही किया गया था। ऐसे में हर किसान यूनियन से लेकर प्रशासन, सरकार व खुफिया एजेंसियों की निगाहें भी चढूनी व उनके पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर टिकीं हैै। उनसे लगातार संपर्क भी साधा जा रहा है। अब वीरवार को होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें टिक गईं है। उधर, प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों से लेकर खुफिया कर्मी भी उनके पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ लगातार संपर्क साधे हुए हैं।