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सड़क से ग्रिल गायब, रोजाना हो रहे हादसे
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सड़क को चौड़ा करने के लिए उखाड़ी गई ग्रिल के बाद की स्थिति। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मोहन नगर ओवरब्रिज से नीचे उतरते ही सड़क चौड़ी करने और गैस पाइप लाइन के लिए उखाड़ी गई लोहे की ग्रिल को अब तक नहीं लगाया गया। ग्रिल न होने के कारण अब यह स्थान हादसों का केंद्र बन चुका है।
सर्विस लाइन से अचानक ही वाहन चालक ओवरब्रिज पर चढ़ जाते हैं, जिससे ओवरब्रिज पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों की उनसे टक्कर हो जाती है। इतना ही नहीं कई बार ओवरब्रिज पर चल रहे वाहन चालक अचानक अपने वाहन को सर्विस लाइन पर उतार देते हैं। वहीं सर्विस लाइन और ओवरब्रिज का लेवल ऊंचा-नीचा होने के कारण हादसे भी हो रहे हैं।
इस प्वाइंट से मात्र 40 मीटर की दूरी पर पुलिस बूथ है। इस बूथ पर 24 घंटे पुलिस कर्मचारी तैनात रहते हैं, लेकिन हादसों के इस प्वाइंट पर हादसों की रोकथाम के लिए कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं किया गया है। रात के समय यह स्थिति बेहद ज्यादा खतरनाक हो जाती है, क्योंकि यहां लगी लाइटें ज्यादातर बंद ही रहती हैं। साथ लगती सर्विस लेन से कीर्ति नगर, वशिष्ठ कॉलोनी, मोहन नगर व साधू मंडी का ट्रैफिक भी गुजरता है। इसके अलावा यहां पर पीडब्ल्यूडी द्वारा कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
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कुछ समय पहले गैस पाइप लाइन दबाने के लिए यहां से ग्रिल उखाड़ी गई थी, लेकिन उसके बाद ग्रिल नहीं लगाई गई। ग्रिल न होने के चलते वाहन चालकों ने यहां से आने-जाने का रास्ता ही बना लिया। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि यहां से निकलने वाले वाहन कई बार पलट भी जाते हैं। रात के समय लाइट बंद रहने से ओवरब्रिज का किनारा भी नजर नहीं आता। इस वजह से चौपहिया वाहन ब्रिज से नीचे उतर जाते हैं और हादसा हो जाता है।
सोहन सैनी ने बताया कि कई बार यहां से गुजरते समय बाइक, स्कूटी फिसलने से लोग गिर जाते हैं। वह दौड़कर उन्हें उठाते हैं। वह लोगों को समझाते भी हैं कि यहां से वाहन लेकर निकालना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन कोई उनकी बात नहीं मानता। बारिश के मौसम में यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं।
दुकानदार शमशेर सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज से मोहन नगर की तरफ उतरते ही बायीं ओर हादसों का केंद्र बन गया है। ग्रिल उखड़े होने के चलते वाहन चालक समय बचाने के चक्कर में उधर से ही वाहन लेकर निकल जाते हैं। इससे गैस पाइप लाइन के भी नुकसान होने का डर बना रहता है। कई बार तो ट्रक व ट्रैक्टर जैसे भारी वाहन भी इस रास्ते से गुजरते हैं।
अंकित ने बताया कि वाहन चालकों की लापरवाही व जल्दबाजी के कारण रोजाना दो-तीन हादसे होते हैं। कोई न कोई स्कूटी या ऑटो पलट ही जाता है। कुछ दिन पहले एक महिला स्कूटी लेकर यहां से गुजर रही थी। जैसे ही स्कूटी ओवरब्रिज पर चढ़ी, ब्रिज से नीचे उतर रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। गनीमत रही महिला को ज्यादा चोट नहीं लगी।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन दलेल सिंह ने बताया कि सड़क का चौड़ीकरण करने के समय ग्रिलें उखाड़ी गई थी। अब उस जगह पर सेंट्रल वर्ज बनाया जाएगा, जिसमें पौधे लगाए जाएंगेे।
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कुरुक्षेत्र। मोहन नगर ओवरब्रिज से नीचे उतरते ही सड़क चौड़ी करने और गैस पाइप लाइन के लिए उखाड़ी गई लोहे की ग्रिल को अब तक नहीं लगाया गया। ग्रिल न होने के कारण अब यह स्थान हादसों का केंद्र बन चुका है।
सर्विस लाइन से अचानक ही वाहन चालक ओवरब्रिज पर चढ़ जाते हैं, जिससे ओवरब्रिज पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों की उनसे टक्कर हो जाती है। इतना ही नहीं कई बार ओवरब्रिज पर चल रहे वाहन चालक अचानक अपने वाहन को सर्विस लाइन पर उतार देते हैं। वहीं सर्विस लाइन और ओवरब्रिज का लेवल ऊंचा-नीचा होने के कारण हादसे भी हो रहे हैं।
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इस प्वाइंट से मात्र 40 मीटर की दूरी पर पुलिस बूथ है। इस बूथ पर 24 घंटे पुलिस कर्मचारी तैनात रहते हैं, लेकिन हादसों के इस प्वाइंट पर हादसों की रोकथाम के लिए कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं किया गया है। रात के समय यह स्थिति बेहद ज्यादा खतरनाक हो जाती है, क्योंकि यहां लगी लाइटें ज्यादातर बंद ही रहती हैं। साथ लगती सर्विस लेन से कीर्ति नगर, वशिष्ठ कॉलोनी, मोहन नगर व साधू मंडी का ट्रैफिक भी गुजरता है। इसके अलावा यहां पर पीडब्ल्यूडी द्वारा कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
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कुछ समय पहले गैस पाइप लाइन दबाने के लिए यहां से ग्रिल उखाड़ी गई थी, लेकिन उसके बाद ग्रिल नहीं लगाई गई। ग्रिल न होने के चलते वाहन चालकों ने यहां से आने-जाने का रास्ता ही बना लिया। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि यहां से निकलने वाले वाहन कई बार पलट भी जाते हैं। रात के समय लाइट बंद रहने से ओवरब्रिज का किनारा भी नजर नहीं आता। इस वजह से चौपहिया वाहन ब्रिज से नीचे उतर जाते हैं और हादसा हो जाता है।
सोहन सैनी ने बताया कि कई बार यहां से गुजरते समय बाइक, स्कूटी फिसलने से लोग गिर जाते हैं। वह दौड़कर उन्हें उठाते हैं। वह लोगों को समझाते भी हैं कि यहां से वाहन लेकर निकालना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन कोई उनकी बात नहीं मानता। बारिश के मौसम में यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं।
दुकानदार शमशेर सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज से मोहन नगर की तरफ उतरते ही बायीं ओर हादसों का केंद्र बन गया है। ग्रिल उखड़े होने के चलते वाहन चालक समय बचाने के चक्कर में उधर से ही वाहन लेकर निकल जाते हैं। इससे गैस पाइप लाइन के भी नुकसान होने का डर बना रहता है। कई बार तो ट्रक व ट्रैक्टर जैसे भारी वाहन भी इस रास्ते से गुजरते हैं।
अंकित ने बताया कि वाहन चालकों की लापरवाही व जल्दबाजी के कारण रोजाना दो-तीन हादसे होते हैं। कोई न कोई स्कूटी या ऑटो पलट ही जाता है। कुछ दिन पहले एक महिला स्कूटी लेकर यहां से गुजर रही थी। जैसे ही स्कूटी ओवरब्रिज पर चढ़ी, ब्रिज से नीचे उतर रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। गनीमत रही महिला को ज्यादा चोट नहीं लगी।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन दलेल सिंह ने बताया कि सड़क का चौड़ीकरण करने के समय ग्रिलें उखाड़ी गई थी। अब उस जगह पर सेंट्रल वर्ज बनाया जाएगा, जिसमें पौधे लगाए जाएंगेे।

अवैध कट से पुल पर चढ़ता ऑटो। संवाद- फोटो : Kurukshetra