न उठान हो रहा न भुगतान, मंडी हुई जाम
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कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में न तो सुचारु रुप से धान का उठान हो रहा है और न ही भुगतान ही समय पर किया जा रहा है। इससे थानेसर अनाज मंडी पूरी तरह से धान की ढेरियों से जाम हो चुकी है तो वहीं किसानों से लेकर आढ़तियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंडी में धान डालना तो दूर किसानों के खड़े होने की भी जगह नहीं रही है। उठान कार्य सुस्त होने और आवक चरम पर होने के चलते किसानों को धान डालने की बड़ी समस्या से जूझना पड़ रहा है तो वहीं अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूले हुए है। मंडी में धान उठान को उस समय और भी बड़ा धक्का लगा
जब मंगलवार को दशहरा पर्व के चलते दोपहर बाद पूरी लेबर यह पर्व देखने के लिए कार्य छोड़ शहर में चली गई और उठान कार्य ठप हो गया। यहीं नहीं सोमवार व बुधवार को स्पेशल लगने के चलते भी उठान कार्य सुचारु नहीं चल पाया। जबकि आवक लगातार तेज हो रही है। बुधवार को भी लगभग सवा 2 लाख क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई। मंडी में धान से अब सड़कें भी पूरी तरह से अट गई है और पूरा दिन ट्रैक्टर व अन्य वाहन जाम में फंसे रहने लगे है। ऐसे हालात में उठान कार्य में लगे वाहन भी संबंधित जगहों पर नहीं पहुंच पा रहे है।
फोन कर सुबह चार बजे पहुंचे, फिर भी फंस गए : रणजीत
गांव दबखेड़ी निवासी रणजीत सिंह का कहना था कि मंडी में जाम के चलते अब किसानों में भय बनने लगा है। जिसके चलते वह पहले धान डालने की जगह के लिए आढ़ती को फोन करने लगे है। वह भी फोन करके ही धान लेकर बुधवार अल सुबह 4 बजे मंडी में आए थे, लेकिन शाम छह बजे तक भी जाम में फंसे हुए है।
नहीं मिल रहा पूरा दाम : ईश्म
शांतिनगर निवासी किसान ईश्म सिंह का कहना है कि मंडी में किसानों को पूरा दाम नहीं मिल रहा है। न तो नए आदेशानुसार 22 फीसदी तक नमी का धान खरीदा जा रहा है और न ही सुखी हुई धान का ही सरकार द्वारा तय रेट लगाया जा रहा है। लेकिन किसान मजबूरी के चलते कम दामों पर ही धान बेच रहे हैं। मंडी में धान डालने के लिए भी जगह नहीं है, जिससे परेशानी हो रही है।
10 लाख कटटे जोह रहे उठान की बाट
मंडी में बुधवार को भी लगभग 10 लाख कट्टे उठान की बाट जोहते रहे। हालांकि कुछ वाहन उठान कार्य में लगे दिखाई दिए, लेकिन इसका भी कोई असर नहीं रहा। उठान सुस्त होने के चलते बुधवार सुबह ही एसडीएम नरेंद्र पाल मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उठान कार्य कर रहे मिलर्स को कहा कि मंडी जाम हो चुकी है, उठान कार्य तेज करो। वीरवार को उठान समस्या निपट जानी चाहिए। उन्होंने इस दौरान खाद्य एवं पूर्ति अधिकारियों व खरीद अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए और कहा कि मंडी में किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
100 करोड़ भुगतान अटका, 2 अक्तूबर के बाद नहीं हुआ भुगतान
अनाज मंडी में किसान धान डालने के साथ-साथ भुगतान को लेकर भी परेशानी झेल रहे हैं। 2 अक्तूबर के बाद कोई भी एजेंसी बिके हुए धान का भुगतान नहीं कर पाई है, जिसके चलते लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। जबकि सरकार की ओर से 48 घंटे में भुगतान के आदेश जारी है तो यही दावा भी किया जा रहा है।
कोई नहीं ले रहा सुध : दौलत बंसल
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि मंडी की कोई सुध नहीं ले रहा है। यहां आढ़तियों से लेकर किसान भी परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने एसडीएम द्वारा आज ली गई बैठक में भी यह बात रखी है। एसडीएम द्वारा ली गई बैठक के दौरान आढ़तियों ने कहा कि सरकारी खरीद हुए भी 12 दिन हो चुके है, लेकिन आज तक भी कोई पीसीआर यहां तैनात नहीं की गई है। जबकि यहां करोड़ों का व्यापार हो रहा है। इस पर एसडीएम ने तत्काल ही पुलिस अधिकारियों को कहकर स्थायी पीसीआर तैनात करने को कहा।
1121 धान की पहली ढेरी आई, नहीं बिकी
थानेसर अनाज मंडी में 1121 धान की पहली ढेरी गांव सलारपुर निवासी किसान जिले सिंह लेकर आए, लेकिन वह भी बिक नहीं पाई। व्यापारियों ने उसमें अधिक नमी बताकर उसे छोड़ दिया।
करनाल का धान पहुंच रहा कुरुक्षेत्र
थानेसर अनाज मंडी में जिले भर के धान के साथ-साथ अब करनाल का धान भी आने लगा है। करनाल के निसिंग व निगदू क्षेत्र के धान की जमकर आवक पिछले कई दिनों से हो रही है। जिसके पीछे बताया जा रहा है कि आसपास के जिलों की मंडियों की अपेक्षा यहां धान का भाव अधिक मिल रहा है, जो कि 1490 तक भी पहुंचा है। जबकि सरकार द्वारा तय किया गया रेट 1510 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों के अनुसार धान की खरीद पुराने आदेशानुसार ही की जा रही है। सरकार ने 22 फीसदी नमी तक का धान खरीदने व वजन कटौती के आदेश दिए हुए है, लेकिन 17 फीसदी माश्चर के आदेशानुसार ही खरीद की जा रही है। वहीं एसडीएम के साथ बैठक में आढ़तियों ने बताया कि किसान अनाज कटौती नहीं करवाना चाहते।
डीएफएससी ने खरीदा 1 लाख क्विंटल धान
बुधवार को डीएफएससी ने लगभग एक लाख 13 हजार क्विंटल धान की खरीद की तो वहीं हरियाणा एग्रो ने 75 क्विंटल व हैफेड ने 20385 क्विंटल धान की खरीद की। मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह के अनुसार अनाज मंडियों में 80 फीसदी से अधिक धान की आवक हो चुकी है और लगभग 20 फीसदी धान की आवक ही बाकी रही है। अगले एक सप्ताह में यह आवक भी पूरी होने की संभावना है।