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गेहूं के लिए आए पुराने बारदाने पर उठे सवाल
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:28 AM IST
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गेहूं के लिए आए पुराने बारदाने पर उठे सवाल
- फोटो : amar ujala
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खाद्य आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज मंगलवार प्रात: नई अनाज मंडी पहुंचे और मात्र दो ढेरियों पर जाकर दौरे की औपचारिकता निभाकर चले गए। उन्होंने गेहूं की ढेरियों पर जाकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी मांगी। इस अवसर पर आढ़ती पवन बंसल ने खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा मंडी में दोयम दर्जे का पुराना बारदाना देने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि बारदाने में 2010-11 से 2015-16 तक का पुराना बारदाना है और जिसमें अधिकांश कट्टे टाकियां लगे हुए व फटे हुए हैं। इन कट्टों पर मार्का भी पंजाब, यूपी व भारत सरकार का है। जबकि कट्टे हमेशा हरियाणा खाद्य आपूर्ति विभाग के होते हैं। उन्होंने कहा कि चिथड़े हुए बारदाने का आढ़ती क्या करेंगे। इस पर कंबोज ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि सभी कट्टों को उठवाया जाएगा व फटे हुए कट्टों को वापिस ले लिया जाएगा।
मंडी प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालड़ा बिट्टू ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा मंडी में ढेड लाख खाली कट्टे वितरित कर दिए हैं जिसमें से 82 हजार कट्टे भरे जा चुके हैं। लेकिन अभी तक मंडी से एक भी कट्टा लिफ्ट नहीं हुआ है और न ही अभी तक कोई पेमेंट मिली है।
इस अवसर पर अशोक कुमार, अनूप गर्ग, चिंटा राणा, रवि गाबा, संजय बत्तरा, त्रिलोक सिंगला, कर्ण गुप्ता, संजीव गोयल, प्रवीण गर्ग सहित भारी संख्या में आढ़ती उपस्थित थे। इंसपेक्टर जसबीर सिंह ने फोन पर बताया कि वह तो केवल नया बारदाना में भरे गेहूं को ही लेेंगे। ऐसे में सप्लाई किए गए पुराने कट्टों का क्या होगा यह भविष्य के गर्भ में है। पत्रकारों से बातचीत में कर्ण देव कंबोज ने कहा कि सरकार गेहूं का एक-एक दाना खरीदेगी और किसी प्रकार की कोई भी दिक्कत आने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं और सफाई, बिजली व उठान के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस अवसर पर डीएफएससी डॉ. घनश्याम सिंह, सचिव चंद्र प्रकाश, इंस्पेक्टर गौरव अरोड़ा, रणजीत राव, गौरव बेदी, दलबीर सिंह अरुण कंसल, मुलख राज गुंबर, कर्ण राज सिंह तूर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
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हो सकता है बड़ा स्केंडल
जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग का विवादों से नाता रहा है और इस्माईलाबाद व पिहोवा के बाद अब शाहाबाद मंडी में भी पुराने व नए बारदाने के हेर-फेर में बड़े स्केंडल की बू आ रही है। विभाग द्वारा हमेशा ही आढ़तियों को नया बारदाना ही दिया जाता है लेकिन इस बार आढ़तियों के पास दोयम दर्जे के पुराने बारदाने का पहुंचना शंका को बल देता है और ऐसे में बारदाना भी अनेक मार्कों का। नया बारदाना पुराने में कैसे बदला यह जांच का विषय है और यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई गई तो लाखों रुपए का घोटाला सामने आ सकता है।
इंस्पेक्टर कुलदीप ने दिया था बारदाना
खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने मंडी में इस बारदाने को वितरित किया था। उक्त इंस्पेक्टर का तबादला पैडी के सीजन में हो गया था लेकिन बाद में फिर उन्हें शाहाबाद में लगा दिया गया। हालांकि कुलदीप का तबादला मार्च में ही शाहाबाद से तरावड़ी हो गया था लेकिन किसी भी अन्य इंस्पेक्टर ने चार्ज नहीं संभाला था। अब उनके स्थान पर चार्ज लेने वाले इंस्पेक्टर जसबीर सिंह द्वारा पुराने बारदाने में भरा गेहूं लेने से मना करने पर स्थिति हास्यस्पद हो गई है। मंत्री के वायदे का क्या होगा यह भविष्य के गर्भ में है।
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मंडी प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालड़ा बिट्टू ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा मंडी में ढेड लाख खाली कट्टे वितरित कर दिए हैं जिसमें से 82 हजार कट्टे भरे जा चुके हैं। लेकिन अभी तक मंडी से एक भी कट्टा लिफ्ट नहीं हुआ है और न ही अभी तक कोई पेमेंट मिली है।
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इस अवसर पर अशोक कुमार, अनूप गर्ग, चिंटा राणा, रवि गाबा, संजय बत्तरा, त्रिलोक सिंगला, कर्ण गुप्ता, संजीव गोयल, प्रवीण गर्ग सहित भारी संख्या में आढ़ती उपस्थित थे। इंसपेक्टर जसबीर सिंह ने फोन पर बताया कि वह तो केवल नया बारदाना में भरे गेहूं को ही लेेंगे। ऐसे में सप्लाई किए गए पुराने कट्टों का क्या होगा यह भविष्य के गर्भ में है। पत्रकारों से बातचीत में कर्ण देव कंबोज ने कहा कि सरकार गेहूं का एक-एक दाना खरीदेगी और किसी प्रकार की कोई भी दिक्कत आने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं और सफाई, बिजली व उठान के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस अवसर पर डीएफएससी डॉ. घनश्याम सिंह, सचिव चंद्र प्रकाश, इंस्पेक्टर गौरव अरोड़ा, रणजीत राव, गौरव बेदी, दलबीर सिंह अरुण कंसल, मुलख राज गुंबर, कर्ण राज सिंह तूर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
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हो सकता है बड़ा स्केंडल
जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग का विवादों से नाता रहा है और इस्माईलाबाद व पिहोवा के बाद अब शाहाबाद मंडी में भी पुराने व नए बारदाने के हेर-फेर में बड़े स्केंडल की बू आ रही है। विभाग द्वारा हमेशा ही आढ़तियों को नया बारदाना ही दिया जाता है लेकिन इस बार आढ़तियों के पास दोयम दर्जे के पुराने बारदाने का पहुंचना शंका को बल देता है और ऐसे में बारदाना भी अनेक मार्कों का। नया बारदाना पुराने में कैसे बदला यह जांच का विषय है और यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई गई तो लाखों रुपए का घोटाला सामने आ सकता है।
इंस्पेक्टर कुलदीप ने दिया था बारदाना
खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने मंडी में इस बारदाने को वितरित किया था। उक्त इंस्पेक्टर का तबादला पैडी के सीजन में हो गया था लेकिन बाद में फिर उन्हें शाहाबाद में लगा दिया गया। हालांकि कुलदीप का तबादला मार्च में ही शाहाबाद से तरावड़ी हो गया था लेकिन किसी भी अन्य इंस्पेक्टर ने चार्ज नहीं संभाला था। अब उनके स्थान पर चार्ज लेने वाले इंस्पेक्टर जसबीर सिंह द्वारा पुराने बारदाने में भरा गेहूं लेने से मना करने पर स्थिति हास्यस्पद हो गई है। मंत्री के वायदे का क्या होगा यह भविष्य के गर्भ में है।