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किसानों और मजदूरों को मुआवजा दे सरकार
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नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी इंद्र एवं अन्य। संवा?
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। किसान यूनियन ने बारिश से फसलें खराब होने पर किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को मुआवजा दिए जाने समेत कई मांगे उठाई है। यूनियन में इस संबंध में सोमवार को नायब तहसीलदार को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा है।
किसान यूनियन से बैनर तले किसानों सुबह अनाज मंडी स्थित विश्रामगृह में एकत्रित हुए और समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी इंद्र ने की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से खेतों में बहुत ज्यादा जलभराव हो गया है, जिस कारण फसलें खराब हो गई हैं। आलू, तोड़िया, सरसों, गेहूं, सब्जियों एवं अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, इसलिए विशेष गिरदावरी कराई जाए और किसानों की फसलों को हुए नुकसान का 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि कृषि पर आधारित मजदूर बीपीएल कार्डधारक एवं मनरेगा मजदूरों को 10 हजार रुपये प्रति परिवार मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में कहा कि खराब फसलों का मुआवजा बिना शर्त किसानों को देना सुनिश्चित किया जाए। ट्यूबवेल कनेक्शन पर फव्वारा सिस्टम की शर्त हटाई जाए एवं किसान की सहमति हो तो फव्वारा सिस्टम लगाया जाए, लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान किया जाए, किसानों एवं मजदूरों को कर्ज मुक्त किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का गारंटी कानून बनाने के बारे में केंद्र सरकार से सिफारिश की जाए। फसल खरीद पर पंजीकरण एवं अन्य शर्तें हटाई जाएं। जिन किसानों ने ट्यूबवेल के लिए आवेदन किया है उन्हें तुरंत कनेक्शन दिया जाए। इस अवसर पर चरणजीत सिंह, गुरनाम सिंह, करनैल सिंह, हरमीत सिंह, बलवान सिंह, जोगा सिंह, अंग्रेज सिंह, बलकार सिंह, अरुण, सत्यवान, बलबीर सिंह, विनोद कुमार, मुकेश, लवली, प्रेमजीत आदि मौजूद रहे।
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शाहाबाद। किसान यूनियन ने बारिश से फसलें खराब होने पर किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को मुआवजा दिए जाने समेत कई मांगे उठाई है। यूनियन में इस संबंध में सोमवार को नायब तहसीलदार को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा है।
किसान यूनियन से बैनर तले किसानों सुबह अनाज मंडी स्थित विश्रामगृह में एकत्रित हुए और समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी इंद्र ने की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से खेतों में बहुत ज्यादा जलभराव हो गया है, जिस कारण फसलें खराब हो गई हैं। आलू, तोड़िया, सरसों, गेहूं, सब्जियों एवं अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, इसलिए विशेष गिरदावरी कराई जाए और किसानों की फसलों को हुए नुकसान का 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
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वक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि कृषि पर आधारित मजदूर बीपीएल कार्डधारक एवं मनरेगा मजदूरों को 10 हजार रुपये प्रति परिवार मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में कहा कि खराब फसलों का मुआवजा बिना शर्त किसानों को देना सुनिश्चित किया जाए। ट्यूबवेल कनेक्शन पर फव्वारा सिस्टम की शर्त हटाई जाए एवं किसान की सहमति हो तो फव्वारा सिस्टम लगाया जाए, लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान किया जाए, किसानों एवं मजदूरों को कर्ज मुक्त किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का गारंटी कानून बनाने के बारे में केंद्र सरकार से सिफारिश की जाए। फसल खरीद पर पंजीकरण एवं अन्य शर्तें हटाई जाएं। जिन किसानों ने ट्यूबवेल के लिए आवेदन किया है उन्हें तुरंत कनेक्शन दिया जाए। इस अवसर पर चरणजीत सिंह, गुरनाम सिंह, करनैल सिंह, हरमीत सिंह, बलवान सिंह, जोगा सिंह, अंग्रेज सिंह, बलकार सिंह, अरुण, सत्यवान, बलबीर सिंह, विनोद कुमार, मुकेश, लवली, प्रेमजीत आदि मौजूद रहे।
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