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सरकारी डॉक्टर आज हड़ताल पर
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सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह को ज्ञापन सौंपते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच सरकारी चिकित्सकों ने हड़ताल करने का ऐलान कर दिया है। एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध और विशेषज्ञ कैडर बनाने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में मंगलवार को सरकारी डॉक्टर ओपीडी बंद करके विरोध जताएंगे। इतना ही नहीं, मांगें पूरी न होने पर 14 जनवरी से इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवाएं सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिला कार्यकारिणी के प्रधान डॉ. ललित कल्सन और डॉ. जगमिंद्र मलिक ने जिला सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया कि मंगलवार को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर इमरजेंसी को छोड़कर ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच नहीं करेंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 12 जनवरी तक उनकी मांगों पर सरकार ने कोई विचार नहीं किया तो वह 14 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान ओपीडी इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।
डॉ. कल्सन और डॉ. मलिक ने बताया कि करनाल में पांच दिसंबर को प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इसके बाद 12 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ बैठक भी हुई थी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने 31 दिसंबर तक सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। कहा कि सरकार ने उनकी फाइल को वहां दबाकर रखा हुआ है। अब तक कोई मांग सरकार ने नहीं मानीं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं करती तो 14 जनवरी से सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं होगी।
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कुरुक्षेत्र। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच सरकारी चिकित्सकों ने हड़ताल करने का ऐलान कर दिया है। एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध और विशेषज्ञ कैडर बनाने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में मंगलवार को सरकारी डॉक्टर ओपीडी बंद करके विरोध जताएंगे। इतना ही नहीं, मांगें पूरी न होने पर 14 जनवरी से इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवाएं सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिला कार्यकारिणी के प्रधान डॉ. ललित कल्सन और डॉ. जगमिंद्र मलिक ने जिला सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया कि मंगलवार को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर इमरजेंसी को छोड़कर ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच नहीं करेंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 12 जनवरी तक उनकी मांगों पर सरकार ने कोई विचार नहीं किया तो वह 14 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान ओपीडी इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।
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डॉ. कल्सन और डॉ. मलिक ने बताया कि करनाल में पांच दिसंबर को प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इसके बाद 12 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ बैठक भी हुई थी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने 31 दिसंबर तक सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। कहा कि सरकार ने उनकी फाइल को वहां दबाकर रखा हुआ है। अब तक कोई मांग सरकार ने नहीं मानीं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं करती तो 14 जनवरी से सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं होगी।
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