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मां पार्वती ने घोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पाया : शास्त्री
Tue, 04 Aug 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:18 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कथा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ कथावाचक अनिल शास्त्री। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्रावण मास के पावन अवसर पर खेड़ा मंदिर रतगल सेक्टर-7 में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथावाचक अनिल शास्त्री ने बताया कि माता पार्वती ने 108 जन्मों की घोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाया था। एक आदर्श पत्नी की तरह मां पार्वती भगवान शिव की सभी बातों का पालन करती थीं।
शास्त्री ने बताया की एक बार भगवान शिव मां पार्वती को ब्रह्म ज्ञान देने के लिए सृष्टि की कथा सुना रहे थे। कथा सुनते सुनते मां पार्वती किन्ही दूसरे विचारों में खो गई। जैसे ही भगवान शिव ने मां पार्वती से पूछा की क्या आप कथा को सुन रही हैं लेकिन मां पार्वती कहीं और खोई हुई थी, इसलिए उन्होंने भगवान शिव के सवाल का कोई उत्तर नहीं दिया।
भगवान शिव ने क्रोधित होते हुए मां पार्वती से कहा कि आपने ब्रह्म ज्ञान का अनादर किया है। इसके बाद भगवान शिव ने दंडस्वरूप मां पार्वती को श्राप दिया कि अब आपका जन्म किसी मछुआरे परिवार में होगा। इस अवसर पर नंबरदार जय सिंह, राकेश सैनी, सतीश सैनी, गुलशन सैनी, राम चंद्र सैनी, प्रदीप सैनी, जसमेंर, नीरज आदि उपस्थित रहें।
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कुरुक्षेत्र। श्रावण मास के पावन अवसर पर खेड़ा मंदिर रतगल सेक्टर-7 में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथावाचक अनिल शास्त्री ने बताया कि माता पार्वती ने 108 जन्मों की घोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाया था। एक आदर्श पत्नी की तरह मां पार्वती भगवान शिव की सभी बातों का पालन करती थीं।
शास्त्री ने बताया की एक बार भगवान शिव मां पार्वती को ब्रह्म ज्ञान देने के लिए सृष्टि की कथा सुना रहे थे। कथा सुनते सुनते मां पार्वती किन्ही दूसरे विचारों में खो गई। जैसे ही भगवान शिव ने मां पार्वती से पूछा की क्या आप कथा को सुन रही हैं लेकिन मां पार्वती कहीं और खोई हुई थी, इसलिए उन्होंने भगवान शिव के सवाल का कोई उत्तर नहीं दिया।
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भगवान शिव ने क्रोधित होते हुए मां पार्वती से कहा कि आपने ब्रह्म ज्ञान का अनादर किया है। इसके बाद भगवान शिव ने दंडस्वरूप मां पार्वती को श्राप दिया कि अब आपका जन्म किसी मछुआरे परिवार में होगा। इस अवसर पर नंबरदार जय सिंह, राकेश सैनी, सतीश सैनी, गुलशन सैनी, राम चंद्र सैनी, प्रदीप सैनी, जसमेंर, नीरज आदि उपस्थित रहें।

कुरुक्षेत्र। कथा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ कथावाचक अनिल शास्त्री। स्वयं
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