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‘समर्पण से ही छू सकते ऊंचाइयां’
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:02 AM IST
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दयानंद महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय 32वीं खेलकूद-प्रतियोगिता
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शुक्रवार को समाप्त हो गई। इस मौके पर महिला हॉकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के
लिए भीम अवार्ड और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित उपपुलिस अधीक्षक करनाल
सुरेंद्र कौर मुख्य अतिथि थीं।
उन्होंने कहा कि कहा कि खेल के क्षेत्र में प्रतिभागियों में उत्साह, लगन और जोश बेहद जरूरी है। वे समर्पित भाव से खेलते हुए ही नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। प्रबंध समिति के महासचिव डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने छात्राओं को बताया कि उन्हें अपने जीवन में मर्यादा और अनुशासन का पालन करते हुए निरंतरता, प्रबिद्धता के साथ लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर 4 गुणा400 मीटर रिले रेस, मटकी दौड़, 400 मीटर दौड़, 800 मीटर दौड़, बाधा दौड़ आदि प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि ने बाधा दौड़ की विजेता छात्राओं शीतल, ज्योति, निहारिका को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। रिले-रेस की प्रीति, ज्योति, प्रियंका, मनीषा प्रथम, शीतल, नीरु, नीता, रितु द्वितीय, बेबी, कार्तिक, निहारिका, वंदना तृतीय पुरस्कार विजेताओं को महासचिव डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने मेडल प्रदान किए।
100 मीटर दौड़ की शीतल, मनीषा, नीरू क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय को आर्य शिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष माननीय चौधरी सोमदत्त ने मेडल दिए। 400 मीटर दौड़ की शीतल प्रथम, नीरू द्वितीय, निधि तृतीय, 800 मीटर दौड़ की शीतल प्रथम, नीरू द्वितीय, वंदना तृतीय पुरस्कार विजेताओं को प्रिंसिपल डॉ. विजयलक्ष्मी सिंह ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
प्रिंसिपल ने महाविद्यालय की खेल गतिविधियों का वार्षिक विवरण प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में कुमारी शीतल बीए प्रथम वर्ष को सत्र की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय की खेल पताका विधिवत रूप से प्रिंसिपल को सौंपी। रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता का सांकेतिक समापन किया गया। अंत में राष्ट्रगान भी गाया गया।
उन्होंने कहा कि कहा कि खेल के क्षेत्र में प्रतिभागियों में उत्साह, लगन और जोश बेहद जरूरी है। वे समर्पित भाव से खेलते हुए ही नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। प्रबंध समिति के महासचिव डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने छात्राओं को बताया कि उन्हें अपने जीवन में मर्यादा और अनुशासन का पालन करते हुए निरंतरता, प्रबिद्धता के साथ लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर 4 गुणा400 मीटर रिले रेस, मटकी दौड़, 400 मीटर दौड़, 800 मीटर दौड़, बाधा दौड़ आदि प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि ने बाधा दौड़ की विजेता छात्राओं शीतल, ज्योति, निहारिका को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। रिले-रेस की प्रीति, ज्योति, प्रियंका, मनीषा प्रथम, शीतल, नीरु, नीता, रितु द्वितीय, बेबी, कार्तिक, निहारिका, वंदना तृतीय पुरस्कार विजेताओं को महासचिव डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने मेडल प्रदान किए।
100 मीटर दौड़ की शीतल, मनीषा, नीरू क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय को आर्य शिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष माननीय चौधरी सोमदत्त ने मेडल दिए। 400 मीटर दौड़ की शीतल प्रथम, नीरू द्वितीय, निधि तृतीय, 800 मीटर दौड़ की शीतल प्रथम, नीरू द्वितीय, वंदना तृतीय पुरस्कार विजेताओं को प्रिंसिपल डॉ. विजयलक्ष्मी सिंह ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
प्रिंसिपल ने महाविद्यालय की खेल गतिविधियों का वार्षिक विवरण प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में कुमारी शीतल बीए प्रथम वर्ष को सत्र की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय की खेल पताका विधिवत रूप से प्रिंसिपल को सौंपी। रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता का सांकेतिक समापन किया गया। अंत में राष्ट्रगान भी गाया गया।