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Kurukshetra News: जम्मू और कश्मीर में गूंजेंगे गीता के श्लोक
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पानीपत। बंदूक की गोली नहीं गीता के श्लोकों के साथ जम्मू और कश्मीर में नई कहानी लिखी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2023 पर पहली बार जम्मू और कश्मीर में मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत 23 दिसंबर को एक मिनट का गीता का पाठ होगा। गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने आयोजन को लेकर जम्मू में सोमवार को विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की बैठक ली।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सात दिसंबर को कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर सरस मेले के साथ शुरू होगी। यह 24 दिसंबर तक चलेगी। मुख्य आयोजन 17 से 24 सितंबर तक होंगे। 23 दिसंबर को गीता की उत्पति का दिन मानते हुए इस बार प्रात: 11 बजे एक मिनट एक साथ गीता पाठ किया जाएगा। इसमें गीता के प्रथम, मध्य और अंतिम अध्याय से एक-एक श्लोक पढ़ा जाएगा। गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और सांसदों को आयोजन में जोड़ा जा रहा है। इस बार जम्मू और कश्मीर में गीता जयंती महोत्सव कराया जाएगा। जम्मू में आसपास के क्षेत्र के कार्यकर्ताओं व लोगों के साथ बैठक की है। इसमें सकारात्मक माहौल बना है। जम्मू और कश्मीर के प्रशासन से भी इस बारे में चर्चा की जाएगी।
दिल्ली के विज्ञान भवन में लिखी पटकथा
इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव-2023 के अंतर्गत एक मिनट एक साथ गीता पाठ कराने की पटकथा दिल्ली के विज्ञान भवन में 29 नवंबर को लिखी गई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। देश के कई बड़े संतों ने इसका आह्वान किया है। उल्लेखनीय है कि अकेले दिल्ली में 11 लाख विद्यार्थी गीता पाठ में शामिल होंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने भी शिक्षण संस्थानों में गीता पाठ कराने की रूपरेखा तैयार की है।
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भागवत गीता सबकी और सबके लिए है
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता सबकी और सबके लिए है। गीता में हर समस्या का समाधान निहित है। श्रीकृष्ण भगवान ने युद्ध की धरती पर मोह में फंसे अर्जुन को निमित कर सृष्टि को गीता का उपदेश दिया गया है। इसमें केवल मानव ही नहीं बल्कि हर जीव का हित समाया हुआ है। देश ही नहीं विश्व के आज के परिदृश्य को देखें तो गीता की पुन: आवश्यकता महसूस हो रही है। गीता पाठ देश की नहीं विश्व के कई देशों में कराने की तैयारी है। नाइजीरिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड समेत कई देशों में लोग आयोजन की तैयारी में लगे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सात दिसंबर को कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर सरस मेले के साथ शुरू होगी। यह 24 दिसंबर तक चलेगी। मुख्य आयोजन 17 से 24 सितंबर तक होंगे। 23 दिसंबर को गीता की उत्पति का दिन मानते हुए इस बार प्रात: 11 बजे एक मिनट एक साथ गीता पाठ किया जाएगा। इसमें गीता के प्रथम, मध्य और अंतिम अध्याय से एक-एक श्लोक पढ़ा जाएगा। गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और सांसदों को आयोजन में जोड़ा जा रहा है। इस बार जम्मू और कश्मीर में गीता जयंती महोत्सव कराया जाएगा। जम्मू में आसपास के क्षेत्र के कार्यकर्ताओं व लोगों के साथ बैठक की है। इसमें सकारात्मक माहौल बना है। जम्मू और कश्मीर के प्रशासन से भी इस बारे में चर्चा की जाएगी।
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दिल्ली के विज्ञान भवन में लिखी पटकथा
इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव-2023 के अंतर्गत एक मिनट एक साथ गीता पाठ कराने की पटकथा दिल्ली के विज्ञान भवन में 29 नवंबर को लिखी गई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। देश के कई बड़े संतों ने इसका आह्वान किया है। उल्लेखनीय है कि अकेले दिल्ली में 11 लाख विद्यार्थी गीता पाठ में शामिल होंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने भी शिक्षण संस्थानों में गीता पाठ कराने की रूपरेखा तैयार की है।
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भागवत गीता सबकी और सबके लिए है
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता सबकी और सबके लिए है। गीता में हर समस्या का समाधान निहित है। श्रीकृष्ण भगवान ने युद्ध की धरती पर मोह में फंसे अर्जुन को निमित कर सृष्टि को गीता का उपदेश दिया गया है। इसमें केवल मानव ही नहीं बल्कि हर जीव का हित समाया हुआ है। देश ही नहीं विश्व के आज के परिदृश्य को देखें तो गीता की पुन: आवश्यकता महसूस हो रही है। गीता पाठ देश की नहीं विश्व के कई देशों में कराने की तैयारी है। नाइजीरिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड समेत कई देशों में लोग आयोजन की तैयारी में लगे हैं।