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अद्भुत, नैतिक एवं दार्शनिक ग्रंथ है गीता, इसमें हर समस्या का हल : जगदीप धनखड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Dec 2023 01:34 AM IST
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Geeta is a wonderful, moral and philosophical book, it has solution to every problem: Jagdeep Dhankhar
कुरुक्षेत्र। गीता एक अद्भुत, नैतिक एवं दार्शनिक ग्रंथ है, जिसमें हर समस्या का हल है। गीता आज पूरी दुनिया को सही दिशा दिखा रही है। इसकी प्रासंगिकता व सार्थकता आज भी ज्यों की त्यों है। हर देश व हर व्यक्ति को इसका सार समझना होगा। यह विचार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में रविवार को बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। उन्होंने ब्रह्मसरोवर तट पर महोत्सव के स्टेट पार्टनर असम और हरियाणा पवेलियन का भी उद्घाटन किया। साथ ही प्रदेश के जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। देर शाम उन्होंने ब्रह्मसरोवर तट पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ सांध्यकालीन महाआरती की। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत आगाज हुआ।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गीता संदेश का मर्म समझाया। उन्होंने कहा कि आज हम गीता के सार को नहीं मानेंगे, मोह में पड़ जाएंगे तो सही मार्ग से भटक जाएंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे विश्वयुद्व के बाद जो पीड़ा आज दुनिया देख रही है, पहले कभी नहीं थी। इस्राइल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में गीता की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। भारत ने इसे अपनाया है और यही कारण रहा कि कोरोना जैसे हालात का मजबूती से सामना करते हुए न केवल अपने नागरिकों को बचाया, बल्कि दूसरे देशों के लिए भी मददगार बना।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत में गीता गर्वनेंस है। गीता कहती है कर्म करो फल की इच्छा मत करो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कर रहे हैं, जिसके चलते देश के हालात वर्ष 2014 के बाद पूरी तरह से बदल चुके हैं। पहले लोग कानून को अपने हाथ में समझते थे, लेकिन आज हर कोई कानून के सामने बराबर है। गीता के संदेश को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश जी-20 के जरिए दिया। उन्होंने कहा कि अमृतकाल की भारत की विकास यात्रा में हर नागरिक की आहुति की जरूरत है।
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उप-राष्ट्रपति ने जमकर की मनोहर लाल की तारीफ, बताया गीता के बड़े अनुयायी

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व हरियाणा प्रदेश की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब भी वे हरियाणा आए हैं उनका अद्भुत अनुभव रहा है। यहां आकर उन्हें हमेशा उर्जा मिलती है। इस प्रदेश की अलग ही बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल गीता के बड़े अनुयायी हैं और इस रूप में उनकी दुनियाभर में पहचान है। उन्हें देश भर में पारदर्शिता के लिए जाना जाता है। गांव के युवाओं को मुख्यमंत्री ने बिना गलत प्रयास के नौकरी का पत्र देकर गीता की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया है।





केयू में स्मारिका का विमोचन और पौधरोपण भी किया
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कुरुक्षेत्र विवि में दीप प्रज्ज्वलित कर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया तथा स्मारिका का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने कुवि परिसर में पौधारोपण भी किया। मौके पर उपराष्ट्रपति की धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, सांसद नायब सिंह सैनी, राज्यमंत्री संदीप सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, असम के संस्कृति मंत्री बिमल बोरा व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा भी मौजूद रहे।
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