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गीता महोत्सव: थीम पार्क में 18 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ किया पाठ, श्लोकों से गूंजी धर्मनगरी
Mon, 09 Dec 2019 10:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 10:06 AM IST
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गीता पाठ करते विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अंतिम दिन धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पावन गीता के श्लोकों से गूंज उठी। गीता जयंती महोत्सव पर थीम पार्क में गीता वैश्विक पाठ का आयोजन हुआ। इसमें 18 हजार विद्यार्थियों ने गीता के 18 श्लोकों का पाठ किया। वैश्विक गीता पाठ 15 मिनट तक चला।
थीम पार्क में आयोजित समारोह में 18 हजार विद्यार्थियों ने 12 से सवा 12 बजे तक सामूहिक गीता पाठ किया। विद्यार्थियों ने इस दौरान गीता के 18 श्लोकों का पाठ किया तो अद्भुत माहौल बन गया। गीता स्थली ज्योतिसर में गीता यज्ञ का आयोजन किया गया और यहीं से गीता वैश्विक पाठ की विधिवत शुरूआत हुई।
श्लोकोच्चारण में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, महामंडलेश्वर व खेल मंत्री संदीप सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर 18 हजार विद्यार्थियों द्वारा एक साथ वैश्विक गीता पाठ करने की तरंगे पूरे विश्व में गुंजायमान हुई है।
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इस वैश्विक गीता पाठ को गीता जयंती के अवसर पर हर घर में किया जाए, इसके लिए गीता महोत्सव 2020 को हरियाणा के हर जिले में गीता जयंती के पावन अवसर पर 3 दिनों में सामूहिक वैश्विक गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, जूना पीठ के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, बाबा भूपेंद्र सिंह के सहयोग से प्रयास किया जाएगा।
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थीम पार्क में आयोजित समारोह में 18 हजार विद्यार्थियों ने 12 से सवा 12 बजे तक सामूहिक गीता पाठ किया। विद्यार्थियों ने इस दौरान गीता के 18 श्लोकों का पाठ किया तो अद्भुत माहौल बन गया। गीता स्थली ज्योतिसर में गीता यज्ञ का आयोजन किया गया और यहीं से गीता वैश्विक पाठ की विधिवत शुरूआत हुई।
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श्लोकोच्चारण में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, महामंडलेश्वर व खेल मंत्री संदीप सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर 18 हजार विद्यार्थियों द्वारा एक साथ वैश्विक गीता पाठ करने की तरंगे पूरे विश्व में गुंजायमान हुई है।
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इस वैश्विक गीता पाठ को गीता जयंती के अवसर पर हर घर में किया जाए, इसके लिए गीता महोत्सव 2020 को हरियाणा के हर जिले में गीता जयंती के पावन अवसर पर 3 दिनों में सामूहिक वैश्विक गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, जूना पीठ के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, बाबा भूपेंद्र सिंह के सहयोग से प्रयास किया जाएगा।
रविवार को गीता पाठ के दौरान सभी विद्यार्थियों को बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन तथा वैश्विक गीता पाठ से अंकित मेडल भी प्रदान किए और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वैश्विक गीता पाठ में शिरकत करने वाले विद्यालयों में सोमवार को एक दिन का अवकाश करने की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष इसी जगह इसी समय 18 विद्यार्थियों के वैश्विक गीता पाठ को बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड लंदन में दर्ज किया गया। इस रिकॉर्ड से अंकित मेडल विद्यार्थियों को दिया गया है।
सरकार पूरी दुनिया में गीता के प्रचार-प्रसार के लिए काम कर रही है। आज गीता जयंती के पावन अवसर पर भारतीय समयानुसार 12 बजे बहुत से देशों में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों की गूंज सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कानून काल और परिस्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं और भारतीय संविधान में अब तक 100 संशोधन हो चुके है, लेकिन पवित्र ग्रंथ गीता ही एक ऐसा ग्रंथ है जो कभी भी परिवर्तित नहीं होगा।
आज से 5 हजार 157 वर्ष पूर्व इसी धरा से भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के जो उपदेश दिए थे, उन्हीं उपदेशों का अनुसरण आज भी पूरी दुनिया कर रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की भागीदारी रही है। इस वर्ष नेपाल ने सहभागी देश के रूप में अपनी भागीदारी की है और नेपाल सरकार ने आश्वासन दिया है कि नेपाल में भी तीन दिनों के लिए गीता जयंती का आयोजन किया जाएगा।
उत्तराखंड को सहभागी राज्य के रूप में देखना सौभाग्य: बेबी रानी
उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी ने गीता जयंती की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की इस कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड को सहभागी राज्य के रूप में देखना एक सौभाग्य का विषय है। देवभूमि उत्तराखंड और उपदेश स्थली कुरुक्षेत्र का संगम अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता हिंदू सभ्यता के लिये ही नहीं, पूरी मानव जाति के लिये प्रेरणादायक है। आज 45 देशों के 100 विद्यार्थी हिंदी और संस्कृत का ज्ञान लेने के लिये उत्तराखंड में पहुंचे हैं। यह विद्यार्थी गीता का ज्ञान लेकर अपने-अपने देश में जाकर ग्रंथ गीता के उपदेशों के प्रचार-प्रसार करेंगे।
सरकार पूरी दुनिया में गीता के प्रचार-प्रसार के लिए काम कर रही है। आज गीता जयंती के पावन अवसर पर भारतीय समयानुसार 12 बजे बहुत से देशों में पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों की गूंज सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कानून काल और परिस्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं और भारतीय संविधान में अब तक 100 संशोधन हो चुके है, लेकिन पवित्र ग्रंथ गीता ही एक ऐसा ग्रंथ है जो कभी भी परिवर्तित नहीं होगा।
आज से 5 हजार 157 वर्ष पूर्व इसी धरा से भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के जो उपदेश दिए थे, उन्हीं उपदेशों का अनुसरण आज भी पूरी दुनिया कर रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की भागीदारी रही है। इस वर्ष नेपाल ने सहभागी देश के रूप में अपनी भागीदारी की है और नेपाल सरकार ने आश्वासन दिया है कि नेपाल में भी तीन दिनों के लिए गीता जयंती का आयोजन किया जाएगा।
उत्तराखंड को सहभागी राज्य के रूप में देखना सौभाग्य: बेबी रानी
उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी ने गीता जयंती की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की इस कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड को सहभागी राज्य के रूप में देखना एक सौभाग्य का विषय है। देवभूमि उत्तराखंड और उपदेश स्थली कुरुक्षेत्र का संगम अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता हिंदू सभ्यता के लिये ही नहीं, पूरी मानव जाति के लिये प्रेरणादायक है। आज 45 देशों के 100 विद्यार्थी हिंदी और संस्कृत का ज्ञान लेने के लिये उत्तराखंड में पहुंचे हैं। यह विद्यार्थी गीता का ज्ञान लेकर अपने-अपने देश में जाकर ग्रंथ गीता के उपदेशों के प्रचार-प्रसार करेंगे।