कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्णा सर्किट फेज-2 की सौगात, 100 करोड़ खर्च कर 12 तीर्थस्थल होंगे विकसित
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सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया है। श्रीकृष्णा सर्किट के फेस-1 वन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सरकार ने अब अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर कृष्णा सर्किट फेस-2 के तहत कुरुक्षेत्र के साथ-साथ करनाल, कैथल, जींद, मेवात ओर पानीपत जिलों के 12 तीर्थ और पर्यटन स्थलों को विकसित करने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय के तहत 12 तीर्थों और पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण और विकास पर लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उक्त विचार केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भाग लेने के दौरान व्यक्त किए।
इस सौगात की घोषणा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में सांसद नायब सिंह सैनी, हरियाणा पर्यटन विभाग के चेयरमैन रणधीर गोलन, विधायक सुभाष सुधा, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा की उपस्थिति में की है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कृष्णा सर्किट फेस-1 के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए सबसे पहले गीता स्थली ज्योतिसर का अवलोकन किया। इसके बाद शेखचिल्ली मकबरा, पैनोरमा, श्रीकृष्ण संग्रहालय और ब्रह्मसरोवर का अवलोकन भी किया। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री ने पैनोरमा और श्रीकृष्ण संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों, बच्चों से भी बातचीत कर इतिहास को जानने और देखने के लिए कहा है तथा शेखचिल्ली मकबरे और हर्षवर्धन टीले पर जाने के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था करने के आदेश दिए है।
केंद्रीय मंत्री ने सीनेट हाल में कृष्णा सर्किट फेस-1 में किए गए कार्यों की पावर प्रेजेंटेशन देखने के बाद कहा कि प्रथम फेस में 97 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि ज्योतिसर, सन्निहित सरोवर, ब्रहमसरोवर, नरकरतारी और शहर के विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। इन तीर्थों पर लगभग कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य को तेज गति से करने के आदेश दिए गए हैं।
मेवात जिले के पांडव मंदिर और पानीपत के तरणतुक यक्ष सींक होंगे विकसित
इस कृष्णा सर्किट फेस 2 में कुरुक्षेत्र के अमीन, पिहोवा, थानेसर, ज्योतिसर, अष्टकोषी परिक्रमा, करनाल जिले के व्यास स्थली, कैथल जिले के गांव फरल के फल्गु तीर्थ, जींद जिले के रामहर्थ तीर्थ रामराय, सोमतीर्थ पिंडारा, सफीदों के सरपडामन तीर्थ, मेवात जिले के पांडव मंदिर और पानीपत जिले के तरणतुक यक्ष सींक को विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
इन तीर्थों पर कृष्णा सर्किट फेस 2 के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि फेस 2 में कुरुक्षेत्र के तीर्थों पर लगभग 52 करोड़, करनाल के तीर्थों पर लगभग 2 करोड़, कैथल के तीर्थों पर 6 करोड़ 15 लाख, जींद के तीर्थों पर 19 करोड़ 50 लाख, पानीपत के तीर्थों पर 2 करोड़ 46 लाख, मेवात के पांडव मंदिर पर लगभग 2 करोड़ तीर्थों पर राशि खर्च की जाएगी।