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खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में चार नामजद
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। झूठे केस में फंसाने व आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने नामजद लोगों के अन्य साथियों को भी आरोपी बनाया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव कतलाहरी के रहने वाले बलदेव सिंह ने कहा कि उसका बेटा ओंकार जिला अंबाला में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में नौकरी करता था। कंपनी में पैसों और सामान के लेने देने में कोई घपला हुआ था। इस पर कंपनी के सुब्रामणयम, इतेश, अजय पाल व वरुण सहित अन्य कर्मचारियों ने ओंकार पर झूठा आरोप लगवाकर उसके खिलाफ थाना जुल्कां जिला पटियाला पंजाब में केस दर्ज करा दिया था। केस दर्ज होने के कारण ओंकार बहुत परेशान रहता था।
आरोप है कि 14 दिसंबर को थाना जुल्का से कार सवार तीन लोग गांव कतलाहरी आए थे, जिनमें एक व्यक्ति कुलदीप पुलिस कर्मचारी था। इन आरोपियों ने ओंकार को खूब डराया धमकाया था, जिसकी रिकॉर्डिंग भी ओंकार के फोन में थी। रिकॉर्डिंग के अनुसार ओंकार ने इतेश को बताया कि वरुण व अजय पाल उसे झूठे केस में फंसाना चाहते हैं। उसके बाद ओंकार ने सुब्रामणयम के पास भी व्हाट्सएप पर जानकारी दी थी कि इतेश, वरुण व अजय पाल उसे ज्यादा परेशान कर रहे हैं।
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इस कारण वह अपने साथ कुछ भी गलत करने को मजबूर हो सकता है। उनकी इन्हीं बातों से तंग आकर ओंकार ने 2 जनवरी को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उपरोक्त चार लोगों को नामजद करते हुए उनके अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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शाहाबाद। झूठे केस में फंसाने व आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने नामजद लोगों के अन्य साथियों को भी आरोपी बनाया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव कतलाहरी के रहने वाले बलदेव सिंह ने कहा कि उसका बेटा ओंकार जिला अंबाला में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में नौकरी करता था। कंपनी में पैसों और सामान के लेने देने में कोई घपला हुआ था। इस पर कंपनी के सुब्रामणयम, इतेश, अजय पाल व वरुण सहित अन्य कर्मचारियों ने ओंकार पर झूठा आरोप लगवाकर उसके खिलाफ थाना जुल्कां जिला पटियाला पंजाब में केस दर्ज करा दिया था। केस दर्ज होने के कारण ओंकार बहुत परेशान रहता था।
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आरोप है कि 14 दिसंबर को थाना जुल्का से कार सवार तीन लोग गांव कतलाहरी आए थे, जिनमें एक व्यक्ति कुलदीप पुलिस कर्मचारी था। इन आरोपियों ने ओंकार को खूब डराया धमकाया था, जिसकी रिकॉर्डिंग भी ओंकार के फोन में थी। रिकॉर्डिंग के अनुसार ओंकार ने इतेश को बताया कि वरुण व अजय पाल उसे झूठे केस में फंसाना चाहते हैं। उसके बाद ओंकार ने सुब्रामणयम के पास भी व्हाट्सएप पर जानकारी दी थी कि इतेश, वरुण व अजय पाल उसे ज्यादा परेशान कर रहे हैं।
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इस कारण वह अपने साथ कुछ भी गलत करने को मजबूर हो सकता है। उनकी इन्हीं बातों से तंग आकर ओंकार ने 2 जनवरी को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उपरोक्त चार लोगों को नामजद करते हुए उनके अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।