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ग्रामीणों का आरोप: वन विभाग की बदइंतजामी से भाग निकला तेंदुआ
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गांव हमीदपुर डेरा चंदपुरा में रविवार को मिले तेंदुए का 48 घंटे के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा पाया है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। उधर, ग्रामीणों ने वन्य एवं जीव जंतु प्राणी विभाग पर तेंदुए को पकड़ने में लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बगैर तैयारी व बंदोबस्त के तेंदुए को पकड़ने के लिए पहुंचे थे।
अधिकारियों की इसी लापरवाही के चलते तेंदुआ मक्की के खेत से भाग निकला। ग्रामीण तेंदुए के आने से इतने भयभीत नहीं थे जितन अब उसके गायब हो जाने से भयभीत है। ग्रामीणों ने दावा किया तेंदुआ रात करीब तीन बजे मक्की के खेत से भाग निकला और अधिकारी व कर्मचारी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ग्रामीण राजेेंद्र सिंह, अमी चंद, रघबीर सिंह, मांगे राम, सतीश कुमार, मदन लाल, करनैल सिंह व सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कुमार सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी बगैैैर इंतजाम किए ही तेंदुए को पकड़ने आए थे। विभाग के पास तेेंदुए को पकड़ने के पूरे साधन भी उपलब्ध नहीं थे। कर्मचारी बगैर वर्दी के थे। उनके पास जाल तक भी नहीं था। सुबह ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचना दे थी कि तेंदुआ मक्की के खेत से भाग चुका है। इसके बाद उन्होंने मात्र खानापूर्ति के लिए सर्च अभियान चलाया था। ग्रामीणों ने बताया कि इस समय गेहूं की कटाई चल रही है। गांव के आसपास सैकड़ों खेत में मक्की व गन्ना की फसल खड़ी है। ऐसे में ग्रामीण खेतों की ओर जाने से भी घबरा रहे है। उन्होंने मांग है कि तेंदुए को शीघ्र पकड़कर उनको भयमुक्त किया जाए।
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तेंदुए की तलाश के लिए चलाया गया सर्च अभियान
वन्य एवं जीव जंतु प्राणी विभाग के निरीक्षक तेजबीर ने कहा कि वे दो दिनों से तेंदुए की तलाश में जुटे हुए हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए मक्की के पास दो पिंजरे भी लगाए गए थे और उनके अंदर बकरी का चारा भी बनाया गया था, देर रात तक कुत्ते खेत और पिंजरे के पास भौंकते रहे जिसके डर से तेंदुआ भाग निकला। देखने में तेंदुआ छोटी उम्र का प्रतीत हो रहा था। उनकी टीम ग्रामीणों के साथ तेंदुए की तलाश कर रही है।
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अधिकारियों की इसी लापरवाही के चलते तेंदुआ मक्की के खेत से भाग निकला। ग्रामीण तेंदुए के आने से इतने भयभीत नहीं थे जितन अब उसके गायब हो जाने से भयभीत है। ग्रामीणों ने दावा किया तेंदुआ रात करीब तीन बजे मक्की के खेत से भाग निकला और अधिकारी व कर्मचारी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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ग्रामीण राजेेंद्र सिंह, अमी चंद, रघबीर सिंह, मांगे राम, सतीश कुमार, मदन लाल, करनैल सिंह व सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कुमार सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी बगैैैर इंतजाम किए ही तेंदुए को पकड़ने आए थे। विभाग के पास तेेंदुए को पकड़ने के पूरे साधन भी उपलब्ध नहीं थे। कर्मचारी बगैर वर्दी के थे। उनके पास जाल तक भी नहीं था। सुबह ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचना दे थी कि तेंदुआ मक्की के खेत से भाग चुका है। इसके बाद उन्होंने मात्र खानापूर्ति के लिए सर्च अभियान चलाया था। ग्रामीणों ने बताया कि इस समय गेहूं की कटाई चल रही है। गांव के आसपास सैकड़ों खेत में मक्की व गन्ना की फसल खड़ी है। ऐसे में ग्रामीण खेतों की ओर जाने से भी घबरा रहे है। उन्होंने मांग है कि तेंदुए को शीघ्र पकड़कर उनको भयमुक्त किया जाए।
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तेंदुए की तलाश के लिए चलाया गया सर्च अभियान
वन्य एवं जीव जंतु प्राणी विभाग के निरीक्षक तेजबीर ने कहा कि वे दो दिनों से तेंदुए की तलाश में जुटे हुए हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए मक्की के पास दो पिंजरे भी लगाए गए थे और उनके अंदर बकरी का चारा भी बनाया गया था, देर रात तक कुत्ते खेत और पिंजरे के पास भौंकते रहे जिसके डर से तेंदुआ भाग निकला। देखने में तेंदुआ छोटी उम्र का प्रतीत हो रहा था। उनकी टीम ग्रामीणों के साथ तेंदुए की तलाश कर रही है।