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‘लोक कलाकार अनुभव को दें शब्द’
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:43 PM IST
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केयू (कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय) के संगीत विभाग के सहायक प्रो. डॉ. अशोक
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शर्मा ने कहा कि लोक कलाकारों को अपने सामाजिक अनुभवों को शब्दों की माला
में पिरोना चाहिए। शब्दों की इस माला से गीत तैयार करने चाहिए। इन गीतों का
आमजन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इससे कलाकार आमजन से जुड़कर सरकार के संदेश
को सहजता से दूसरों तक पहुंचा सकता है।
वे बुधवार को सूचना, जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की तरफ से मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यशाल के दूसरे दिन विचार व्यक्त कर रहे थे। यह चार दिवसीय कार्यशाला रोहतक मंडल के भजन पार्टी सदस्य और खंड प्रचार कार्यकर्ताओं के आयोजित की गई है। उन्होंने कलाकारों को कला और साधना के बारे में बताया कि कला और साधना पवित्र है।
संगीत लय और सुर के पहियों पर टिका है। उन्होंने संगीत के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। बताया संगीत 12 स्वरों का संगम है। इसमें सात कोमल, चार शुद्ध और एक तीव्र स्वर शामिल है। संगीत को सीखने के लिए ध्यान की जरूरत है। रियाज करने से संगीत में निखार आता है।
वर्कशॉप के दूसरे सत्र में सेवानिवृत्त जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी देवराज सिरोहीवाल ने कलाकारों को बदलते जीवन मूल्यों के अनुसार अपने आप को ढालने का संदेश दिया। इस मौके पर जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी सुनील कुमार, एआईपीआरओ नरेंद्र सिंह, एआईपीआरओ धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
वे बुधवार को सूचना, जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की तरफ से मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यशाल के दूसरे दिन विचार व्यक्त कर रहे थे। यह चार दिवसीय कार्यशाला रोहतक मंडल के भजन पार्टी सदस्य और खंड प्रचार कार्यकर्ताओं के आयोजित की गई है। उन्होंने कलाकारों को कला और साधना के बारे में बताया कि कला और साधना पवित्र है।
संगीत लय और सुर के पहियों पर टिका है। उन्होंने संगीत के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। बताया संगीत 12 स्वरों का संगम है। इसमें सात कोमल, चार शुद्ध और एक तीव्र स्वर शामिल है। संगीत को सीखने के लिए ध्यान की जरूरत है। रियाज करने से संगीत में निखार आता है।
वर्कशॉप के दूसरे सत्र में सेवानिवृत्त जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी देवराज सिरोहीवाल ने कलाकारों को बदलते जीवन मूल्यों के अनुसार अपने आप को ढालने का संदेश दिया। इस मौके पर जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी सुनील कुमार, एआईपीआरओ नरेंद्र सिंह, एआईपीआरओ धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।