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Kurukshetra News: नाबालिग को घर से भगाने पर पांच साल का कठोर कारावास व 20 हजार जुर्माने की सजा
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कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक (स्पेशल कोर्ट बलात्कार व पॉक्सो एक्ट मामले) की अदालत ने नाबालिग को घर से भागने वाले कैथल जिला के लदाना चक्कू के रहने वाले आरोपी बलजीत उर्फ छोटा को दोषी करार देते हुए पांच साल का कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 25 नवंबर 2023 को पुलिस थाना सदर थानेसर में दर्ज एक मामले से जुड़ा है।
पुलिस को दी शिकायत में पीपली निवासी एक युवक ने बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी राजकीय स्कूल में पढ़ती है, जो 25 नवंबर को अपने छोटे भाई के साथ स्कूल गई थी। उनका बेटा तो स्कूल में चला गया, परंतु उनकी बेटी स्कूल में नहीं गई, जिसे उन्होंने अपने स्तर पर काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला है। शिकायत पर थाना सदर थानेसर में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच अमल में लाई गई थी। जांच के दौरान गुमशुदा लड़की को बरामद किया गया तथा मेडिकल कराया गया। इसी बीच जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था। मामले का जांच पूरी होने के बाद चालान अदालत में दिया गया था।
मंगलवार को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर बलजीत को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 363 के तहत पांच साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा तथा जुर्माना न भरने की सूरत में एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा व आईपीसी की धारा 366 के तहत पांच साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा तथा जुर्माना न भरने की सूरत में एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सुनाई है।
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पुलिस को दी शिकायत में पीपली निवासी एक युवक ने बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी राजकीय स्कूल में पढ़ती है, जो 25 नवंबर को अपने छोटे भाई के साथ स्कूल गई थी। उनका बेटा तो स्कूल में चला गया, परंतु उनकी बेटी स्कूल में नहीं गई, जिसे उन्होंने अपने स्तर पर काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला है। शिकायत पर थाना सदर थानेसर में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच अमल में लाई गई थी। जांच के दौरान गुमशुदा लड़की को बरामद किया गया तथा मेडिकल कराया गया। इसी बीच जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था। मामले का जांच पूरी होने के बाद चालान अदालत में दिया गया था।
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मंगलवार को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर बलजीत को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 363 के तहत पांच साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा तथा जुर्माना न भरने की सूरत में एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा व आईपीसी की धारा 366 के तहत पांच साल कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा तथा जुर्माना न भरने की सूरत में एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सुनाई है।
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