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नरकतारी मंदिर परिसर से काटे हरे भरे पांच पेड़, ग्रीन अर्थ ने भेजी उपायुक्त को शिकायत
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पर्यावरण संरक्षण में कार्यरत ग्रीन अर्थ संगठन ने उपायुक्त तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीबी को पत्र लिख कर नरकतारी मंदिर परिसर से खड़े हरे भरे पांच पेड़ों को काटने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन के कार्यकारी सदस्य एडवोकेट सुशील कुमार ने बताया की केडीबी कर्मचारियों द्वारा नरकतारी मंदिर परिसर से दो पीपल, एक बरगद तथा दो डेक के हरे भरे पेड़ बिना किसी ठोस कारण के बुरी तरह से काटा गया है।
एक ओर सरकार इतना बड़ा खर्च करके हरियाली को बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, दूसरी ओर केडीबी सरकारी संस्था होते हुए भी अपने अधीन धार्मिक परिसरों में खड़े हरे-भरे पीपल/बरगद आदि के पेड़ों की जघन्य हत्या करके सरकार के प्रयासों को पलीता लगा रहा है। संगठन के सचिव डॉ. अशोक चौहान ने बताया की पेड़ों की सुरक्षा के बारे में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीबी ने एनजीटी में शपथ पत्र दिया हुआ है, बावजूद इसके इस तरह से पेड़ों को नष्ट करके अवहेलना की जा रही है।
संगठन से अपील करते हुए कहा कि उपायुक्त केडीबी को निर्देश दें कि निर्माण आदि कार्य के दौरान कोशिश रहे कि पेड़ न काटे जाएं। यदि हरे-भरे पेड़ को काटने पड़े तो इस बारे में ग्रीन अर्थ की एक्सपर्ट्स टीम तकनीकी सुझाव देने के लिए तैयार है।
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एक ओर सरकार इतना बड़ा खर्च करके हरियाली को बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, दूसरी ओर केडीबी सरकारी संस्था होते हुए भी अपने अधीन धार्मिक परिसरों में खड़े हरे-भरे पीपल/बरगद आदि के पेड़ों की जघन्य हत्या करके सरकार के प्रयासों को पलीता लगा रहा है। संगठन के सचिव डॉ. अशोक चौहान ने बताया की पेड़ों की सुरक्षा के बारे में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीबी ने एनजीटी में शपथ पत्र दिया हुआ है, बावजूद इसके इस तरह से पेड़ों को नष्ट करके अवहेलना की जा रही है।
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संगठन से अपील करते हुए कहा कि उपायुक्त केडीबी को निर्देश दें कि निर्माण आदि कार्य के दौरान कोशिश रहे कि पेड़ न काटे जाएं। यदि हरे-भरे पेड़ को काटने पड़े तो इस बारे में ग्रीन अर्थ की एक्सपर्ट्स टीम तकनीकी सुझाव देने के लिए तैयार है।
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