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ठगी के आरोप में दो महिलाओं सहित पांच गिरफ्तार
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छह महीने पहले एक युवती को कांट्रैक्ट बेस पर ऑनलाइन काम देकर पूरा न होने पर डरा धमका कर एक लाख 87 हजार 676 की ठगने के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को काबू किया है। इस मामले में साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने 5 जुलाई को एक आरोपी शुभम खिंडवाडी वासी ठाकुर द्वार पालनपुर थाना जकात नाका जिला सूरत (गुजरात) को गिरफ्तार करके कब्जे से एक लैपटॉप, एक पेन ड्राइव और 10 हजार रुपये बरामद करके सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था।
पुलिस ने आरोपी शुभम की निशानदेही पर आरोपी राकेश माणिया, मयंक पुजारी, मानव वांडरा व दो महिलाएं अश्विनी पुजारी उर्फ पूजा व हिना रामरख्यानी वासी सूरत(गुजरात) को गिरफ्तार करके एक कंप्यूटर, 12 मोबाइल, 30 सिम कार्ड, रबर की दो मोहर व एक लाख 39 हजार 700 रुपये नकदी बरामद करके जेल भेज दिया है।
पुलिस उप-अधीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि 21 जनवरी को नवनीत वासी लोटस ग्रीन सिटी सेक्टर-9 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी को 10 नवंबर 2020 को एक महिला ने उसकी बेटी को ऑनलाइन काम करने का ऑफर दिया था। इसके अनुसार उसे जॉब वर्क के लिए 420 फार्म भरने थे, उसमें 378 फार्म ठीक भरने पर करीब 12 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया था। इस जॉब वर्क के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी थी। कंपनी ने उसकी बेटी को ई-मेल भेज कर एक कांट्रैक्ट फार्म भरवाकर काम 11 नवंबर को शुरू करके 14 नवंबर चार दिन में पूरा करना था। उसकी बेटी ने निर्धारित समय पर फार्म कंप्लीट करके कंपनी को भेज दिए थे। अगले दिन 15 नवंबर को कंपनी ने उसकी बेटी को बताया गया कि उसके भेजे गए काम में 320 फार्म का ही काम ठीक है और वह अपने जॉब वर्क को पूरा करने में असफल रही है। उसके बाद उसकी बेटी के पास एक ई-मेल आई, जिसमें उस पर कांट्रैक्ट तोड़ने का आरोप लगाकर 97 हजार 899 रुपये की मांग की गई थी। राशि न देने की सूरत में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए औरंगाबाद बुलाने की धमकी भी थी। बाद में राजीव कुमार व हर्ष झा नाम के व्यक्तियों ने अलग-अलग नंबरों से फोन करके उसकी बेटी को झूठे कोर्ट केस में फंसाने के बहाने, केस को कैंसल कराने और अदालत के केस के पेपर रिलीज कराने के नाम पर एक लाख 87 हजार 676 की राशि ठग ली थी। शिकायत पर थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट को सौंपी थी। जांच करते हुए टीम ने 05 जुलाई शुभम को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से एक लैपटॉप, एक पेन ड्राइव व 10 हजार रुपये नकदी बरामद करके सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम को अंजाम देते थे। 13 जुलाई को साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने आरोपी राकेश माणिया, मयंक पुजारी, मानव वांडरा, महिला अश्विनी पुजारी व हिना रामरख्यानी को को गिरफ्तार करके कब्जे से एक कंप्यूटर, 12 मोबाइल, 30 सिम कार्ड, रबर की दो मोहर व एक लाख 39700 रुपये बरामद आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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पुलिस ने आरोपी शुभम की निशानदेही पर आरोपी राकेश माणिया, मयंक पुजारी, मानव वांडरा व दो महिलाएं अश्विनी पुजारी उर्फ पूजा व हिना रामरख्यानी वासी सूरत(गुजरात) को गिरफ्तार करके एक कंप्यूटर, 12 मोबाइल, 30 सिम कार्ड, रबर की दो मोहर व एक लाख 39 हजार 700 रुपये नकदी बरामद करके जेल भेज दिया है।
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पुलिस उप-अधीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि 21 जनवरी को नवनीत वासी लोटस ग्रीन सिटी सेक्टर-9 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी को 10 नवंबर 2020 को एक महिला ने उसकी बेटी को ऑनलाइन काम करने का ऑफर दिया था। इसके अनुसार उसे जॉब वर्क के लिए 420 फार्म भरने थे, उसमें 378 फार्म ठीक भरने पर करीब 12 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया था। इस जॉब वर्क के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी थी। कंपनी ने उसकी बेटी को ई-मेल भेज कर एक कांट्रैक्ट फार्म भरवाकर काम 11 नवंबर को शुरू करके 14 नवंबर चार दिन में पूरा करना था। उसकी बेटी ने निर्धारित समय पर फार्म कंप्लीट करके कंपनी को भेज दिए थे। अगले दिन 15 नवंबर को कंपनी ने उसकी बेटी को बताया गया कि उसके भेजे गए काम में 320 फार्म का ही काम ठीक है और वह अपने जॉब वर्क को पूरा करने में असफल रही है। उसके बाद उसकी बेटी के पास एक ई-मेल आई, जिसमें उस पर कांट्रैक्ट तोड़ने का आरोप लगाकर 97 हजार 899 रुपये की मांग की गई थी। राशि न देने की सूरत में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए औरंगाबाद बुलाने की धमकी भी थी। बाद में राजीव कुमार व हर्ष झा नाम के व्यक्तियों ने अलग-अलग नंबरों से फोन करके उसकी बेटी को झूठे कोर्ट केस में फंसाने के बहाने, केस को कैंसल कराने और अदालत के केस के पेपर रिलीज कराने के नाम पर एक लाख 87 हजार 676 की राशि ठग ली थी। शिकायत पर थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट को सौंपी थी। जांच करते हुए टीम ने 05 जुलाई शुभम को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से एक लैपटॉप, एक पेन ड्राइव व 10 हजार रुपये नकदी बरामद करके सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम को अंजाम देते थे। 13 जुलाई को साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने आरोपी राकेश माणिया, मयंक पुजारी, मानव वांडरा, महिला अश्विनी पुजारी व हिना रामरख्यानी को को गिरफ्तार करके कब्जे से एक कंप्यूटर, 12 मोबाइल, 30 सिम कार्ड, रबर की दो मोहर व एक लाख 39700 रुपये बरामद आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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