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Kurukshetra News: रोड़ महापंचायत में पांच घंटे चला मंथन, सीएम हाउस घेराव टला
Thu, 13 Aug 2026 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:59 AM IST
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कुरुक्षेत्र। रोड़ धर्मशाला के बाहर करनाल विधायक जगमोहन आनंद का पूतला फूंकते समाज के लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हर्ष एनकाउंटर मामले के लिए कुरुक्षेत्र की रोड़ धर्मशाला में बुधवार को बुलाई गई महापंचायत में सुबह 8 बजे से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। करीब 1200 लोगों की मौजूदगी में सुबह 10:30 बजे शुरू हुई बैठक में करीब पांच घंटे तक मंथन चला। पांच जिलों के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से भी रोड़ समाज के लोग महापंचायत में पहुंचे थे। इतना ही नहीं जाट और सैन समाज के प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर समर्थन जताया।
महापंचायत में हर्ष एनकाउंटर मामले पर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। युवाओं में मामले को लेकर रोष नजर आया और सीएम हाउस के घेराव की तैयारी भी की गई थी। हालांकि वरिष्ठ लोगों ने उन्हें फिलहाल रोकते हुए सरकार को एक और मौका देने की बात कही। रोड़ महासभा के प्रधान बलकार पुंडरी ने बताया कि समाज के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं करीब दो बजे तक मुख्य बैठक में चर्चा चलने के बाद समाज के लोगों की धर्मशाला में अलग से बैठक हुई।
इस बैठक में आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। समाज के मौजिज लोगों ने युवाओं से संयम बनाए रखने और सरकार के सामने अपनी बात रखने की अपील की। हालांकि युवाओं ने विधायक जगमोहन आनंद का पुतला फूंका।
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वहीं इस मामले पर हर्ष के ताऊ बनारसी दास ने आरोप लगाया कि परिवार को हर्ष के एनकाउंटर की जानकारी बाद में मिली। उन्होंने कहा कि परिवार को एक बाइक की वीडियो फुटेज दिखाई गई, जिसमें हर्ष की पहचान स्पष्ट नहीं हो रही थी। हर्ष के चाचा सतबीर डाबर ने कहा कि हर्ष दिहाड़ी मजदूरी करता था और उसका गांव में किसी से विवाद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि हर्ष के खिलाफ कोई मामला भी नहीं था। बता दें कि हर्ष के माता पिता का पहले ही देहांत हो चुका हैं।
परिजनों के अनुसार हर्ष के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने छोटे भाइयों के लिए सहारा था। महापंचायत में परिवार की आर्थिक सहायता के लिए भी बॉक्स रखा गया।
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कोरे कागज पर लिखकर देता हूं, वाले बयान पर दिखा गुस्सा
महापंचायत में पहुंचे सर्वसमाज के लोगों ने साफ कहा कि विधायक का बयान आपत्तिजनक हैं। उन्होंने कहा कि विधायक जगमोहन ने उस दिन बीरू वाल्मीकि के परिवार को यही कहा था कि कोरे कागज पर लिखकर देने का तैयार हूं, शाम तक रिजल्ट दूंगा। लोगों का कहना था कि इसका मतलब है कि विधायक को पहले पता था कि एनकांउटर होगा। जबकि परिवार को अगली सुबह हर्ष की मौत की खबर मिली। वहीं अपनी चलती में नहीं चलाई तो कब चलाउंगा जैसे बयानों से युवाओं में खासी नाराजगी देखने को मिली।
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आज के फैसले पर टिकी निगाहें
समाज के लोगों की अब वीरवार को मुख्यमंत्री के साथ चंडीगढ़ में होने वाली बैठक पर टिकी है। पूरे समाज के लोगों में अब इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले की चर्चा है। इसके बाद ही समाज के लोग अगला कदम उठाएंगे।
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कुरुक्षेत्र। हर्ष एनकाउंटर मामले के लिए कुरुक्षेत्र की रोड़ धर्मशाला में बुधवार को बुलाई गई महापंचायत में सुबह 8 बजे से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। करीब 1200 लोगों की मौजूदगी में सुबह 10:30 बजे शुरू हुई बैठक में करीब पांच घंटे तक मंथन चला। पांच जिलों के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से भी रोड़ समाज के लोग महापंचायत में पहुंचे थे। इतना ही नहीं जाट और सैन समाज के प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर समर्थन जताया।
महापंचायत में हर्ष एनकाउंटर मामले पर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। युवाओं में मामले को लेकर रोष नजर आया और सीएम हाउस के घेराव की तैयारी भी की गई थी। हालांकि वरिष्ठ लोगों ने उन्हें फिलहाल रोकते हुए सरकार को एक और मौका देने की बात कही। रोड़ महासभा के प्रधान बलकार पुंडरी ने बताया कि समाज के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं करीब दो बजे तक मुख्य बैठक में चर्चा चलने के बाद समाज के लोगों की धर्मशाला में अलग से बैठक हुई।
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इस बैठक में आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। समाज के मौजिज लोगों ने युवाओं से संयम बनाए रखने और सरकार के सामने अपनी बात रखने की अपील की। हालांकि युवाओं ने विधायक जगमोहन आनंद का पुतला फूंका।
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वहीं इस मामले पर हर्ष के ताऊ बनारसी दास ने आरोप लगाया कि परिवार को हर्ष के एनकाउंटर की जानकारी बाद में मिली। उन्होंने कहा कि परिवार को एक बाइक की वीडियो फुटेज दिखाई गई, जिसमें हर्ष की पहचान स्पष्ट नहीं हो रही थी। हर्ष के चाचा सतबीर डाबर ने कहा कि हर्ष दिहाड़ी मजदूरी करता था और उसका गांव में किसी से विवाद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि हर्ष के खिलाफ कोई मामला भी नहीं था। बता दें कि हर्ष के माता पिता का पहले ही देहांत हो चुका हैं।
परिजनों के अनुसार हर्ष के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने छोटे भाइयों के लिए सहारा था। महापंचायत में परिवार की आर्थिक सहायता के लिए भी बॉक्स रखा गया।
कोरे कागज पर लिखकर देता हूं, वाले बयान पर दिखा गुस्सा
महापंचायत में पहुंचे सर्वसमाज के लोगों ने साफ कहा कि विधायक का बयान आपत्तिजनक हैं। उन्होंने कहा कि विधायक जगमोहन ने उस दिन बीरू वाल्मीकि के परिवार को यही कहा था कि कोरे कागज पर लिखकर देने का तैयार हूं, शाम तक रिजल्ट दूंगा। लोगों का कहना था कि इसका मतलब है कि विधायक को पहले पता था कि एनकांउटर होगा। जबकि परिवार को अगली सुबह हर्ष की मौत की खबर मिली। वहीं अपनी चलती में नहीं चलाई तो कब चलाउंगा जैसे बयानों से युवाओं में खासी नाराजगी देखने को मिली।
आज के फैसले पर टिकी निगाहें
समाज के लोगों की अब वीरवार को मुख्यमंत्री के साथ चंडीगढ़ में होने वाली बैठक पर टिकी है। पूरे समाज के लोगों में अब इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले की चर्चा है। इसके बाद ही समाज के लोग अगला कदम उठाएंगे।

कुरुक्षेत्र। रोड़ धर्मशाला के बाहर करनाल विधायक जगमोहन आनंद का पूतला फूंकते समाज के लोग। संवाद