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5 घंटे में दो घंटे किसान, पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच चला हाईवोल्टेज ड्रामा
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शुक्रवार को पांच घंटे की कड़ी मशक्कत, जोर आजमाइश और हाईवोल्टेज प्रदर्शन के बाद पुलिस ने किसी तरह सांसद नायब सैनी को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कराया। इस दौरान किसानों की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ झड़प भी हुई। इन 5 घंटों में तीन घंटे किसानों ने भवन के मुख्य गेट पर कार्यक्रम का विरोध किया। बाद के दो घंटों में पुलिस और किसानों के बीच खूब जोर आजमाइश हुई तथा झड़प भी हुई। इन दो घंटों ने पुलिस ने किसानों को तीन बार बलपूर्वक उठाने का प्रयास किया। किसानों को गिरफ्तार करके पुलिस लाइन ले जा रही पुलिस गाड़ियों के नीचे घुसकर किसानों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद एसपी हिमांशु गर्ग ने घटनास्थल का दौरा किया तथा पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।
दरअसल, शुक्रवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा का सेमिनार सैनी समाज भवन में रखा गया था। इस कार्यक्रम में सांसद नायब सैनी सहित पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज, पूर्व विधायक पवन सैनी व विधायक सुभाष सुधा ने शिरकत करनी थी। किसान इस कार्यक्रम के विरोध का ऐलान कर चुके थे। इसी के चलते किसान दोपहर 1 बजे ही कार्यक्रम स्थल के बाहर मुख्य गेट पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। तीन घंटे तक पुलिस और किसानों अपने मोर्चे पर डटे रहे। इन तीन घंटे के दौरान पुलिस ने किसानों को समझाने की भरपूर कोशिश की। आखिर कार्यक्रम का समय नजदीक आते देख पुलिस ने एक्शन मोड में आ गई और किसानों को बलपूर्वक उठाना शुरू कर दिया। शाम 4 बजे पुलिस ने किसानों के पकड़कर उन्हें रोडवेज की बस में बिठा दिया। 20 मिनट चली इस कार्रवाई में पुलिस ने कुछ किसानों को उठाकर रोडवेज की बस में बिठा दिया तथा धरने दे रहे किसानों से गिरफ्तारी की मांग की, मगर किसान टस से मस न हुए। इसी दौरान जिन किसानों को पुलिस ने बस में बिठाया तो वो दोबारा धरना स्थल पर आ गए। तब किसानों की मांग पर पुलिस ने किसानों को मुख्य गेट से करीब 30 मीटर दूर प्रदर्शन की अनुमति देकर बैरिकेड लगा दिए, मगर भाजपा कार्यकर्ताओं को आता देख किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने एक बार फिर गेट के बाहर दरी बिछाकर प्रदर्शन शुरू किया। करीब 5 बजे पुलिस ने दोबारा किसानों को पकड़कर गिरफ्तारी शुरू कर दी, जिस पर किसानों का गुस्सा भड़क गया। किसानों ने सड़क के बीच में बैरिकेड लगाकर गिरफ्तार किसानों को छुड़ाने की मांग की। शाम 6 बजे एसपी हिमांशु गर्ग ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि पूरे घटना की जांच की जाएगी और आकलन के बाद आगामी कार्रवाई होगी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी किसान के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था।
धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने किसी भी भाजपा कार्यकर्ता को कार्यक्रम स्थल में नहीं घुसने दिया। दो बार भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंदर जाने की कोशिश की, मगर किसानों ने उनका विरोध करके उनको बाहर से ही लौटने पर मजबूर कर दिया।
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पुलिस वाहन के नीचे घुसे एक किसान को बाहर निकाला गया तो वह बेहोश हो गया। किसान को बेहोश देख किसानों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 20 मिनट बाद किसान को होश आया, जिसे उसके साथ गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गए।
सांसद के कार्यक्रम में प्रवेश के बाद किसानों ने गिरफ्तारी दी तो उनको पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां से छूटने के बाद किसानों आधे घंटे तक पिपली-थर्ड गेट मार्ग जाम रखा। बाद में अधिकारियों के समझाने पर किसान शांत हुए।
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दरअसल, शुक्रवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा का सेमिनार सैनी समाज भवन में रखा गया था। इस कार्यक्रम में सांसद नायब सैनी सहित पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज, पूर्व विधायक पवन सैनी व विधायक सुभाष सुधा ने शिरकत करनी थी। किसान इस कार्यक्रम के विरोध का ऐलान कर चुके थे। इसी के चलते किसान दोपहर 1 बजे ही कार्यक्रम स्थल के बाहर मुख्य गेट पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। तीन घंटे तक पुलिस और किसानों अपने मोर्चे पर डटे रहे। इन तीन घंटे के दौरान पुलिस ने किसानों को समझाने की भरपूर कोशिश की। आखिर कार्यक्रम का समय नजदीक आते देख पुलिस ने एक्शन मोड में आ गई और किसानों को बलपूर्वक उठाना शुरू कर दिया। शाम 4 बजे पुलिस ने किसानों के पकड़कर उन्हें रोडवेज की बस में बिठा दिया। 20 मिनट चली इस कार्रवाई में पुलिस ने कुछ किसानों को उठाकर रोडवेज की बस में बिठा दिया तथा धरने दे रहे किसानों से गिरफ्तारी की मांग की, मगर किसान टस से मस न हुए। इसी दौरान जिन किसानों को पुलिस ने बस में बिठाया तो वो दोबारा धरना स्थल पर आ गए। तब किसानों की मांग पर पुलिस ने किसानों को मुख्य गेट से करीब 30 मीटर दूर प्रदर्शन की अनुमति देकर बैरिकेड लगा दिए, मगर भाजपा कार्यकर्ताओं को आता देख किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने एक बार फिर गेट के बाहर दरी बिछाकर प्रदर्शन शुरू किया। करीब 5 बजे पुलिस ने दोबारा किसानों को पकड़कर गिरफ्तारी शुरू कर दी, जिस पर किसानों का गुस्सा भड़क गया। किसानों ने सड़क के बीच में बैरिकेड लगाकर गिरफ्तार किसानों को छुड़ाने की मांग की। शाम 6 बजे एसपी हिमांशु गर्ग ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि पूरे घटना की जांच की जाएगी और आकलन के बाद आगामी कार्रवाई होगी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी किसान के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था।
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धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने किसी भी भाजपा कार्यकर्ता को कार्यक्रम स्थल में नहीं घुसने दिया। दो बार भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंदर जाने की कोशिश की, मगर किसानों ने उनका विरोध करके उनको बाहर से ही लौटने पर मजबूर कर दिया।
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पुलिस वाहन के नीचे घुसे एक किसान को बाहर निकाला गया तो वह बेहोश हो गया। किसान को बेहोश देख किसानों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 20 मिनट बाद किसान को होश आया, जिसे उसके साथ गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गए।
सांसद के कार्यक्रम में प्रवेश के बाद किसानों ने गिरफ्तारी दी तो उनको पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां से छूटने के बाद किसानों आधे घंटे तक पिपली-थर्ड गेट मार्ग जाम रखा। बाद में अधिकारियों के समझाने पर किसान शांत हुए।