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Kurukshetra: एचएसजीपीसी की पहली बैठक में 106 करोड़ 50 लाख का बजट पास, शिक्षा पर खर्च होगा चौथा हिस्सा
Fri, 17 Mar 2023 01:10 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 17 Mar 2023 01:10 PM IST
सार
सिख शोध बोर्ड और हरियाणा सिख कॉपरेटिव बैंक की शुरुआत होगी। कमेटी अध्यक्ष ने एसजीपीसी पर निशाना साधा है। बोले कि शिक्षा में सुधार न होने से समाज पर असर पड़ा है। वर्ष 2014 से लेकर अब तक हरियाणा के गुरुद्वारों और अन्य संस्थानों से संबंधित एसजीपीसी से हिसाब लेंगे।
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बैठक में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सिख मिशन स्थित कार्यालय में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की शुक्रवार को पहली बैठक हुई। इसमें 106 करोड़ 50 लाख के बजट पर मुहर लगाई गई। इस बजट का एक चौथाई हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। साथ ही कमेटी जहां सिख शोध बोर्ड शुरू करेगी, वहीं सिख कॉपरेटिव बैंक की भी स्थापना की जाएगी। प्रदेश के सभी गुरुघरों की कायाकल्प के साथ पूरी मशीनरी भी बदली जाएगी। बैठक के बाद कमेटी के प्रधान महंत करमजीत सिंह ने पत्रकारवार्ता में कार्यकारिणी के निर्णयों की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि आज सबसे जरूरी शिक्षा है, जो किसी इंसान, समाज व देश को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। इसी के चलते कुल बजट का एक चौथाई हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक एसजीपीसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। न शिक्षण संस्थान बढ़ पाए और न ही मौजूद संस्थानों की हालत में सुधार हुआ, जिसका सीधा असर समाज पर पड़ा है।
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अब पहले मौजूद शिक्षण संस्थानों की दशा सुधारी जाएगी। फिर संगत से रायशुमारी के बाद नए स्कूल व संस्थान खोले जाएंगे। सभी गुरुद्वारों का कायाकल्प किया जाएगा। विशेष रूप से कुरुक्षेत्र के छठी पातशाही गुरुद्वारे को आधुनिक सुविधाओं के साथ मॉडल रूप दिया जाएगा। यहां आने वाले हर श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लेकर अब तक हरियाणा के गुरुद्वारों और अन्य संस्थानों का भी एसजीपीसी से हिसाब लिया जाएगा।
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अब चंडीगढ़ में संपत्तियों पर लेंगे अपना हक
महंत करमजीत सिंह ने कहा कि जब पंजाब और हरियाणा अलग हुए तो प्रावधान किया गया था कि 60:40 फीसदी संपत्ति का भी बंटवारा होगा। ऐसे में अब कमेटी चंडीगढ़ में भी सभी सिख संपत्तियों में अपना हक लेगी, जिसके लिए एसजीपीसी से सामाजिक तौर पर चर्चा की जाएगी। एसजीपीसी ने इंकार किया तो कानूनी सहारा भी लिया जाएगा।
कारगर साबित होगा सिख शोध बोर्ड
महंत करमजीत सिंह ने बताया कि कमेटी की ओर से सिख शोध बोर्ड की स्थापना की जाएगी ताकि सिखों के इतिहास को लेकर बेहतर शोध किया जा सके और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले। यहीं नहीं प्रिंटिंग प्रेस भी शुरू की जाएगी। वहीं छोटे तकनीकी कोर्स करवाने के लिए भी संस्थान खोले जाएंगे, जिसके लिए दो करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। हरियाणा सिख कॉपरेटिव बैंक भी शुरू किया जाएगा, जहां सिख समाज के लोगों को आसानी से सहायता मिल सकेगी।