{"_id":"6727fa3a81fd6cb60f02ef64","slug":"fire-in-moving-car-painful-death-of-chandigarh-university-professor-and-two-daughters-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1006-126394-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: चलती कार में लगी आग, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर व दो बेटियों की दर्दनाक मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: चलती कार में लगी आग, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर व दो बेटियों की दर्दनाक मौत
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कार्रवाई करती पुलिस। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। अपने पैतृक गांव रेहमाना, जिला सोनीपत में दिवाली मनाने के बाद चंडीगढ़ लौट रहे एक प्रोफेसर का परिवार हादसे का शिकार हो गया। नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार देर रात चलती अर्टिगा कार में आग लग गई, जिसमें प्रो. संदीप कुमार व उसकी दो बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रोफेसर का भाई कार चालक व उसका बेटा सुरक्षित हैं। कार में आठ लोग सवार थे।
चालक ने किसी तरह कार का लॉक खोला, लेकिन उससे पहले कार में सवार छह लोग बुरी तरह झुलस गए। राहगीरों ने अन्य कार के माध्यम से परिवार के सदस्यों को गंभीर अवस्था में निकटवर्ती आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के लिए भिजवाया। यहां चिकित्सकों ने प्रो. संदीप कुमार (37), बेटी परी (6), बेटी खुशी (8) को मृत घोषित कर दिया, जबकि कार में सवार अन्य घायल प्रो. संदीप कुमार की पत्नी लक्ष्मी (35), मां सुदेश (57) और भाभी आरती (32) को गंभीर हालत के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
पुलिस को दिए बयान में कार चालक सुशील कुमार ने बताया कि वह चंडीगढ़ में नौकरी करता है। वह अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए चंडीगढ़ से गांव गए थे। दिवाली मनाने के बाद वे शनिवार रात करीब 8:40 बजे सोनीपत से चंडीगढ़ के लिए चले थे। करीब रात 11 बजे मोहड़ी गांव के पास उनकी चलती कार में स्पार्किंग की वजह से डिग्गी में आग लग गई, जिसके बाद कार लॉक हो गई और हम सभी कार में फंस गए। आग बढ़ गई और डिग्गी में बैठे सभी बच्चे झुलस गए। उसने कड़ी मशक्क्त के बाद लॉक खोला, लेकिन तब तक कार सवार लोग झुलस गए थे। परिवार के आठ सदस्यों में से सिर्फ चालक सुशील कुमार (35) और उनका बेटा यश (10) सुरक्षित है।
विज्ञापन
नरेश कुमार ने बताया कि संदीप कुमार चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्यरत था। संदीप की पत्नी लक्ष्मी का उपचार चल रहा है, जबकि उसकी दोनों बेटी खुशी व परी इस हादसे में जान गंवा चुकी हैं। पुलिस ने बयान के आधार पर इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज की है।
बेटियों की दम घुटने व जलने से मौत
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि संदीप की मौत दम घुटने हुई है। संदीप ह्रदय रोगी भी था। उसका दिल का ऑपरेशन हो चुका था। उसका चेहरा और बाजू ही झुलसा था, जबकि दोनों बच्चियों की मौत दम घुटने और जलने के कारण हुई है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। अपने पैतृक गांव रेहमाना, जिला सोनीपत में दिवाली मनाने के बाद चंडीगढ़ लौट रहे एक प्रोफेसर का परिवार हादसे का शिकार हो गया। नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार देर रात चलती अर्टिगा कार में आग लग गई, जिसमें प्रो. संदीप कुमार व उसकी दो बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रोफेसर का भाई कार चालक व उसका बेटा सुरक्षित हैं। कार में आठ लोग सवार थे।
चालक ने किसी तरह कार का लॉक खोला, लेकिन उससे पहले कार में सवार छह लोग बुरी तरह झुलस गए। राहगीरों ने अन्य कार के माध्यम से परिवार के सदस्यों को गंभीर अवस्था में निकटवर्ती आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के लिए भिजवाया। यहां चिकित्सकों ने प्रो. संदीप कुमार (37), बेटी परी (6), बेटी खुशी (8) को मृत घोषित कर दिया, जबकि कार में सवार अन्य घायल प्रो. संदीप कुमार की पत्नी लक्ष्मी (35), मां सुदेश (57) और भाभी आरती (32) को गंभीर हालत के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
विज्ञापन
पुलिस को दिए बयान में कार चालक सुशील कुमार ने बताया कि वह चंडीगढ़ में नौकरी करता है। वह अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए चंडीगढ़ से गांव गए थे। दिवाली मनाने के बाद वे शनिवार रात करीब 8:40 बजे सोनीपत से चंडीगढ़ के लिए चले थे। करीब रात 11 बजे मोहड़ी गांव के पास उनकी चलती कार में स्पार्किंग की वजह से डिग्गी में आग लग गई, जिसके बाद कार लॉक हो गई और हम सभी कार में फंस गए। आग बढ़ गई और डिग्गी में बैठे सभी बच्चे झुलस गए। उसने कड़ी मशक्क्त के बाद लॉक खोला, लेकिन तब तक कार सवार लोग झुलस गए थे। परिवार के आठ सदस्यों में से सिर्फ चालक सुशील कुमार (35) और उनका बेटा यश (10) सुरक्षित है।
विज्ञापन
नरेश कुमार ने बताया कि संदीप कुमार चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्यरत था। संदीप की पत्नी लक्ष्मी का उपचार चल रहा है, जबकि उसकी दोनों बेटी खुशी व परी इस हादसे में जान गंवा चुकी हैं। पुलिस ने बयान के आधार पर इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज की है।
बेटियों की दम घुटने व जलने से मौत
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि संदीप की मौत दम घुटने हुई है। संदीप ह्रदय रोगी भी था। उसका दिल का ऑपरेशन हो चुका था। उसका चेहरा और बाजू ही झुलसा था, जबकि दोनों बच्चियों की मौत दम घुटने और जलने के कारण हुई है।

कुरुक्षेत्र। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कार्रवाई करती पुलिस। संवाद