{"_id":"58f3bb204f1c1be55c470c02","slug":"film-festival-haryana-film-industry-bollywood-end-ceremony-award-kurukshetra","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब बात चालै फिल्मां की तो सब कहैं हरियाणवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब बात चालै फिल्मां की तो सब कहैं हरियाणवी
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Mon, 17 Apr 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
film festival
- फोटो : अमर उजाला
मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर (मैक) के आडिटोरियम हाल में आयोजित चार दिवसीय हरियाणा अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का रविवार को समापन हो गया। महोत्सव के दौरान हरियाणवी सिनेमा को शिखर पर पहुंचाने के लिए चार दिन तक मंथन चला। इस दौरान बालीवुड के चर्चित चेहरे मनोज बाजपेयी, अखिलेंद्र मिश्रा, यशपाल शर्मा, सीताराम पांचाल ने कलाकारों और सिनेमा में कैरियर आजमाने की ओर अग्रसर युवाओं को कला की बारीकियों से अवगत कराया। महोत्सव को अमली जामा पहनाने का मुख्य किरदार उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने निभाया।
विज्ञापन
इन चार दिनों के हर सत्र में जहां अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों को देखकर दर्शकों को सिनेमा जगत की बारीकियों व समस्याओं से आत्मसात करने का अवसर मिला, वहीं फिल्मी जगत के कई जाने माने कलाकारों से रूबरू होने का भी अवसर मिला। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने बताया कि 13 अप्रैल को पहले दिन कला और संस्कृति से जुड़ी फिल्मों को दर्शकों के सम्मुख रखा गया। इसी तरह 14 अप्रैल को सामाजिक मुद्दों को लेकर फिल्में दिखाई गई।
विज्ञापन
15 अप्रैल को केवल मात्र बच्चों और युवा पीढ़ी पर आधारित फिल्मों को ही प्रस्तुत किया गया और इस दिन विभिन्न स्कूलों और कालजों के विद्यार्थियों ने फिल्मों का आनंद लिया। महोत्सव के अंतिम दिन 16 अप्रैल को आधुनिक सिनेमा से जुड़ी फिल्मों को दर्शकों के समक्ष रखा गया। आयोजन को सफल बनाने में फिल्मी कलाकार यशपाल शर्मा, निदेशक धर्मेन्द्र डांगी, कमलजीत मोदगिल, दिनेश गोयल, नकुल देव व उनकी टीम के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
अच्छा सिनेमा अच्छी किताब पढ़ने से भी अच्छा
समापन अवसर पर फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी ने कहा कि अच्छा सिनेमा अच्छी किताब पढ़ने से भी अच्छा होता है। अच्छा सिनेमा देखने से अच्छे संस्कार मिलते है और सामाजिक कुरीतियों का अंत होता है। इसलिए दर्शकों को हमेशा अच्छा सिनेमा देखने का प्रयास करना चाहिए। इससे पहले फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा, फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा, महोत्सव के निदेशक धमेंद्र डांगी, संयोजक सचिव दिनेश गोयल, कार्यकारी निदेशक कमलजीत मोदगिल, डॉ. महा सिंह पुनिया, फिल्मी कलाकार दरियाव सिंह मलिक, देवराज सिरोहीवाल सहित अन्य लोगों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि महोत्सव में 12 देशों की 17 भाषाओं में 65 फिल्में दिखाई गई है। इन फिल्मों को सभी दर्शकों ने खूब सराहा है। फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा ने मेहमानों का आभार व्यक्त किया। महोत्सव में फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा, रामकिशोर, हरिश कटारिया, राम बलहारा, राजीव भाटिया, सीताराम पांचाल, फिल्मी कलाकार बेचैन, हास्य फिल्म कलाकार दरियाव सिंह मलिक ने हरियाणवी सिनेमा को एक मुकाम तक पहुंचाने पर चर्चा की गई।
हास्य कलाकार दरियाव सिंह मलिक ने बांधा समां
हरियाणवी फिल्म चंद्रावल के प्रसिद्ध हास्य कलाकार दरियाव सिंह मलिक ने महोत्सव के समापन समारोह के पहले सत्र में मंच पर आकर दर्शकों को लोटपोट कर दिया। अपने जीवन के कुछ निजी किस्सों और फिल्मी किस्सों को लेकर दर्शकों को हसने और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
भावुक किया डीसी कटारिया के परिवार पर बने वृत्तचित्र गजब के हैं...
उपायुक्त सुमेधा कटारिया के पिता सरदारी लाल व माता शांता कटारिया के साथ-साथ 6 अन्य बहनों के जीवन पर आधारित गजब के हैं... का वृत्तचित्र आकर्षण रहा। इसमें उपायुक्त सुमेधा कटारिया के परिजनों ने किस प्रकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अभियान को सालों पहले बल दिया था। आज लोगों को इस परिवार के जीवन से प्रेरणा लेकर बेटियों को बचाने और उनको शिक्षित करने का अनोखा संदेश भी दिया।