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Kurukshetra News: थकान, वजन बढ़ना और बाल झड़ना… कहीं थायराॅइड का संकेत तो नहीं
Mon, 25 May 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 25 May 2026 01:28 AM IST
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कुरुक्षेत्र। फिजिशियन डॉ.शैलेंद्र ममगाईं शैली।
गौरव सागवाल
कुरुक्षेत्र। सुबह उठते ही थकान महसूस होना, बाल झड़ना, चिड़चिड़ापन और लगातार कमजोरी को अक्सर सामान्य समस्या समझकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आप जानते नहीं कि ये लक्षण थायराॅइड बीमारी के भी हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।
लोकनायक जयप्रकाश जिला नगारिक अस्पताल में फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र ममगाई शैली ने बताया कि इंडियन थायरॉइड सोसाइटी के अनुसार देश में करीब 4.2 करोड़ लोग किसी न किसी थायरॉइड समस्या से जूझ रहे हैं और महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ रहा हैं। उनका कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी, खराब खानपान और हार्मोनल असंतुलन के कारण युवाओं में भी थायराॅइड के मामले बढ़ रहे हैं। खासकर महिलाओं में गर्भावस्था, प्रसव के बाद और बढ़ती उम्र के दौरान इसका खतरा अधिक रहता है।
डॉ. शैली ने कहा कि थायरॉइड गर्दन में स्थित एक छोटी ग्रंथि होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर, हार्मोन संतुलन और दिल की धड़कन तक को नियंत्रित करती है। थायरॉइड के कई प्रकार हैं, जैसे हाइपोथायरॉइड इसमें वजन बढ़ना, सुस्ती, कब्ज और ठंड ज्यादा लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि हाइपरथायरॉइड में तेजी से वजन घटना, घबराहट, अधिक पसीना और दिल की धड़कन तेज होना आम संकेत हैं।
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समय पर जांच न करवाना भी एक मुख्य कारण
डॉ. शैलेंद्र ममगाई शैली ने कहा कि अक्सर महिलाएं थकान, तनाव या बढ़ते वजन को सामान्य मानकर जांच नहीं करवातीं। कई बार लंबे समय तक बीमारी का पता ही नहीं चल पाता। इसी कारण विश्व थायरॉइड दिवस पर शुरुआती जांच और जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि आयोडीन युक्त भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय-समय पर थायरॉइड जांच से बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण :
- घबराहट
- चिड़चिड़ापन
- अधिक पसीना आना।
- हाथों का कांपना।
- बालों का पतला होना व झड़ना।
- अनिद्रा।
- दिल की धड़कन बढ़ना।
- बहुत भूख लगने के बाद भी वजन घटता है।
- महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता देखी जाती है।
- ओस्टियोपोरोसिस हो जाता है, जिसकी वजह से हड्डी में कैल्शियम तेजी से खत्म होता है।
...........................................
हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण :
- धड़कन की धीमी गति।
- हमेशा थकान बना रहना।
- अवसाद।
- सर्दी के प्रति अधिक संवेदनशील होना।
- मेटाबोलिज्म धीमा पड़ने के कारण वजन बढ़ना।
- नाखूनों का पतला होना एवं टूटना।
- पसीने में कमी।
- त्वचा में सूखापन आना और खुजली होना।
- जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में अकड़न होना।
- बालों का अधिक झड़ना।
- कब्ज।
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कुरुक्षेत्र। सुबह उठते ही थकान महसूस होना, बाल झड़ना, चिड़चिड़ापन और लगातार कमजोरी को अक्सर सामान्य समस्या समझकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आप जानते नहीं कि ये लक्षण थायराॅइड बीमारी के भी हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।
लोकनायक जयप्रकाश जिला नगारिक अस्पताल में फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र ममगाई शैली ने बताया कि इंडियन थायरॉइड सोसाइटी के अनुसार देश में करीब 4.2 करोड़ लोग किसी न किसी थायरॉइड समस्या से जूझ रहे हैं और महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ रहा हैं। उनका कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी, खराब खानपान और हार्मोनल असंतुलन के कारण युवाओं में भी थायराॅइड के मामले बढ़ रहे हैं। खासकर महिलाओं में गर्भावस्था, प्रसव के बाद और बढ़ती उम्र के दौरान इसका खतरा अधिक रहता है।
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डॉ. शैली ने कहा कि थायरॉइड गर्दन में स्थित एक छोटी ग्रंथि होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर, हार्मोन संतुलन और दिल की धड़कन तक को नियंत्रित करती है। थायरॉइड के कई प्रकार हैं, जैसे हाइपोथायरॉइड इसमें वजन बढ़ना, सुस्ती, कब्ज और ठंड ज्यादा लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि हाइपरथायरॉइड में तेजी से वजन घटना, घबराहट, अधिक पसीना और दिल की धड़कन तेज होना आम संकेत हैं।
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समय पर जांच न करवाना भी एक मुख्य कारण
डॉ. शैलेंद्र ममगाई शैली ने कहा कि अक्सर महिलाएं थकान, तनाव या बढ़ते वजन को सामान्य मानकर जांच नहीं करवातीं। कई बार लंबे समय तक बीमारी का पता ही नहीं चल पाता। इसी कारण विश्व थायरॉइड दिवस पर शुरुआती जांच और जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि आयोडीन युक्त भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय-समय पर थायरॉइड जांच से बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण :
- घबराहट
- चिड़चिड़ापन
- अधिक पसीना आना।
- हाथों का कांपना।
- बालों का पतला होना व झड़ना।
- अनिद्रा।
- दिल की धड़कन बढ़ना।
- बहुत भूख लगने के बाद भी वजन घटता है।
- महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता देखी जाती है।
- ओस्टियोपोरोसिस हो जाता है, जिसकी वजह से हड्डी में कैल्शियम तेजी से खत्म होता है।
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हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण :
- धड़कन की धीमी गति।
- हमेशा थकान बना रहना।
- अवसाद।
- सर्दी के प्रति अधिक संवेदनशील होना।
- मेटाबोलिज्म धीमा पड़ने के कारण वजन बढ़ना।
- नाखूनों का पतला होना एवं टूटना।
- पसीने में कमी।
- त्वचा में सूखापन आना और खुजली होना।
- जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में अकड़न होना।
- बालों का अधिक झड़ना।
- कब्ज।