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पिता बोला नहीं चाहिए 25 किलोमीटर स्थित स्कूल में दाखिला
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 06 May 2016 12:20 AM IST
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134ए के तहत ड्रा निकालते हुए
- फोटो : amar ujala
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कुरुक्षेत्र। नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में छात्रों के दाखिलों को लेकर तरह-तरह की परिस्थितियां बन रही हैं। ऐसी ही परिस्थिति वीरवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर कक्षा दो से 12वीं में प्रवेश के लिए निकाले गए ड्रा के दौरान उस समय आई जब छठी कक्षा के लिए तीन छात्रों के बीच ड्रा हुआ। ये तीनों ही छात्र भाई निकले। इनमें एक चचेरा था तो दो सगे भाई थे। इनमें से भी दो बच्चों का पिपली स्थित एक ही स्कूल के लिए नाम आया तो वहीं तीसरे बच्चे का नाम संबंधित स्कूल के लिए नहीं आया। बाद में इस बच्चे के लिए शहर के ही एक अन्य स्कूल का नाम घोषित किया गया। लेकिन इन बच्चों को लेकर आए गांव सल्पानी कलां निवासी साहब सिंह की परेशानी ड्रा ने ही बढ़ा दी। उन्होंने मौके पर ही खंड शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट किया कि जिस स्कूल के लिए बच्चों का नाम घोषित किया गया वह गांव से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर है, जहां से न स्कूल बस की व्यवस्था है और न ही अन्य यातायात की सुविधा है। ऐसे हालात में उनके बच्चों का स्कूल तक समय पर हर रोज पहुंचना आसान नहीं होगा।
हालांकि ड्रा आने पर संबंधित अधिकारी भी उन्हें कुछ स्टीक जवाब नहीं दे पाए और वह पशोपेश में फंसा रहा। बाद में अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनके बच्चों के लिए अधिकारियों से बातजीत कर भरसक प्रयास करेें कि उनका आसपास के ही किसी स्कूल में दाखिला हो। ऐसी ही स्थिति का कई अन्य अभिभावकों को भी सामना करना पड़ा। ड्रा से कई अभिभावकों को निराशा का भी सामना करना पड़ा तो कई अपने बच्चों के मनपसंद स्कूल मिलने पर खुशी से झूम उठे।
4 कक्षाओं के लिए 244 बच्चों का हुआ ड्राॅ
शिक्षा विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार उक्त नियम के तहत निर्धारित सीटों पर निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को दाखिले दिए जाने के लिए 4 कक्षाओं के लिए ही ड्रॉ निकालना पड़ा। ड्रा में शामिल किए गए थानेसर खंड के कुल 244 बच्चों में कक्षा 2 के लिए 83, तीन के लिए 88, पांच के लिए 70 व छठी कक्षा के लिए महज 3 बच्चों का ड्रा हुआ। दूसरी कक्षा के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल, सैनी पब्लिक स्कूल व विज्डम वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की प्रथम च्वाईस भरने वाले छात्रों का ही ड्रा हुआ जबकि अन्य स्कूलों की प्रथम च्वाईस रखने वाले सभी छात्रों की च्वाईस ही फाईनल हो गई और उनका ड्रा नहीं निकालना पड़ा।
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इन कक्षाओं का नहीं हुआ ड्रॉ
कक्षा 4, 7, 8,9,10 व 12वीं कक्षा के लिए ड्रा नहीं निकाला गया। इन कक्षाओं के लिए प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या स्कूलों में निर्धारित रिक्त सीटों की संख्या से कम रही, जिसके चलते इन कक्षाओं के लिए ड्रा निकाले जाने की जरूरत नहीं पड़ी और जिन स्कूलों की च्वाईस प्राथमिकता के तौर पर छात्रों ने भरी थी, उन्हीं स्कूलों में उन्हें दाखिला मिल सकेगा।
तीसरी कक्षा के छात्र यश ने निकाला पहला ड्राॅ
सबसे पहले तीसरी कक्षा के लिए ड्रॉ निकाला गया। दीदार नगर निवासी तीसरी कक्षा के ही छात्र यश शर्मा ने सबसे पहले ड्रॉ निकाला। कुछ देर बाद पिपली निवासी दूसरे छात्र यश पुत्र विजय ने ड्रॉ निकाले तो इसके बाद मोहित नामक छात्र ने ड्रॉ निकाले। दूसरे छात्र यश ने जब पहला ही ड्रॉ निकाला तो पहले छात्र यश का नाम आया, जिनका ड्रा सहारा कंप्रीहेंसिव स्कूल के लिए निकला।
10 बजे से ही पहले जुटने शुरू हुए अभिभावक
सुबह 10 बजे से पहले ही अभिभावकों की भीड़ जुटने लगी थी। अभिभावक अपने साथ छात्र-छात्राओं को भी लेकर आए और ड्रा की पूरी प्रक्रिया के दौरान वह ड्रा हाल में जमे रहे। अभिभावकों की भीड़ प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई करने वाले छात्रों की बाहर दिवार पर चस्पाई गई सूची देखने में भी मशगूल रही तो संबंधित अधिकारियों से पूछताछ में भी लगे रहे। वहीं कई अभिभावक व संबंधित बच्चे ड्रा में पहुंचे भी नहीं।
किसी ने एक ही च्वाईस दी तो कोई च्वाईस ही भूल गया
अभिभावकों के साथ भी अजीब सी स्थिति बनी रही। किसी अभिभावक ने अपने बच्चों के लिए आवेदन में दी गई पांच च्वाईस में से एक ही च्वाईस दी तो कई अभिभावक दी गई पहली च्वाईस भी भूल गए। ऐसे हालात में ड्रा निकाले जाने के दौरान अधिकारियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। कई अभिभावकों को जब एक ही दी च्वाईस पर स्कूल नहीं मिल पाया तो मौके पर ही अन्य च्वाईस लिख कर ली गई।
शुक्रवार सुबह भेज देंगे स्कूलों में लिस्ट : बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि आज लिस्ट पूरी तरह से तैयार कर शुक्रवार सुबह ही सभी निजी स्कूलों में भेज दी जाएगी। जिसमें सभी छात्रों का विवरण होगा। अभिभावक शुक्रवार से ही इन स्कूलों में दाखिले के लिए जा सकते हैं। कोई स्कूल छात्र का नाम लिस्ट में होने पर मना करें तो वह अधिकारिक तौर पर सीधे भी लिखवाकर ले जा सकते हैं।
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हालांकि ड्रा आने पर संबंधित अधिकारी भी उन्हें कुछ स्टीक जवाब नहीं दे पाए और वह पशोपेश में फंसा रहा। बाद में अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनके बच्चों के लिए अधिकारियों से बातजीत कर भरसक प्रयास करेें कि उनका आसपास के ही किसी स्कूल में दाखिला हो। ऐसी ही स्थिति का कई अन्य अभिभावकों को भी सामना करना पड़ा। ड्रा से कई अभिभावकों को निराशा का भी सामना करना पड़ा तो कई अपने बच्चों के मनपसंद स्कूल मिलने पर खुशी से झूम उठे।
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4 कक्षाओं के लिए 244 बच्चों का हुआ ड्राॅ
शिक्षा विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार उक्त नियम के तहत निर्धारित सीटों पर निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को दाखिले दिए जाने के लिए 4 कक्षाओं के लिए ही ड्रॉ निकालना पड़ा। ड्रा में शामिल किए गए थानेसर खंड के कुल 244 बच्चों में कक्षा 2 के लिए 83, तीन के लिए 88, पांच के लिए 70 व छठी कक्षा के लिए महज 3 बच्चों का ड्रा हुआ। दूसरी कक्षा के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल, सैनी पब्लिक स्कूल व विज्डम वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की प्रथम च्वाईस भरने वाले छात्रों का ही ड्रा हुआ जबकि अन्य स्कूलों की प्रथम च्वाईस रखने वाले सभी छात्रों की च्वाईस ही फाईनल हो गई और उनका ड्रा नहीं निकालना पड़ा।
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इन कक्षाओं का नहीं हुआ ड्रॉ
कक्षा 4, 7, 8,9,10 व 12वीं कक्षा के लिए ड्रा नहीं निकाला गया। इन कक्षाओं के लिए प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या स्कूलों में निर्धारित रिक्त सीटों की संख्या से कम रही, जिसके चलते इन कक्षाओं के लिए ड्रा निकाले जाने की जरूरत नहीं पड़ी और जिन स्कूलों की च्वाईस प्राथमिकता के तौर पर छात्रों ने भरी थी, उन्हीं स्कूलों में उन्हें दाखिला मिल सकेगा।
तीसरी कक्षा के छात्र यश ने निकाला पहला ड्राॅ
सबसे पहले तीसरी कक्षा के लिए ड्रॉ निकाला गया। दीदार नगर निवासी तीसरी कक्षा के ही छात्र यश शर्मा ने सबसे पहले ड्रॉ निकाला। कुछ देर बाद पिपली निवासी दूसरे छात्र यश पुत्र विजय ने ड्रॉ निकाले तो इसके बाद मोहित नामक छात्र ने ड्रॉ निकाले। दूसरे छात्र यश ने जब पहला ही ड्रॉ निकाला तो पहले छात्र यश का नाम आया, जिनका ड्रा सहारा कंप्रीहेंसिव स्कूल के लिए निकला।
10 बजे से ही पहले जुटने शुरू हुए अभिभावक
सुबह 10 बजे से पहले ही अभिभावकों की भीड़ जुटने लगी थी। अभिभावक अपने साथ छात्र-छात्राओं को भी लेकर आए और ड्रा की पूरी प्रक्रिया के दौरान वह ड्रा हाल में जमे रहे। अभिभावकों की भीड़ प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई करने वाले छात्रों की बाहर दिवार पर चस्पाई गई सूची देखने में भी मशगूल रही तो संबंधित अधिकारियों से पूछताछ में भी लगे रहे। वहीं कई अभिभावक व संबंधित बच्चे ड्रा में पहुंचे भी नहीं।
किसी ने एक ही च्वाईस दी तो कोई च्वाईस ही भूल गया
अभिभावकों के साथ भी अजीब सी स्थिति बनी रही। किसी अभिभावक ने अपने बच्चों के लिए आवेदन में दी गई पांच च्वाईस में से एक ही च्वाईस दी तो कई अभिभावक दी गई पहली च्वाईस भी भूल गए। ऐसे हालात में ड्रा निकाले जाने के दौरान अधिकारियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। कई अभिभावकों को जब एक ही दी च्वाईस पर स्कूल नहीं मिल पाया तो मौके पर ही अन्य च्वाईस लिख कर ली गई।
शुक्रवार सुबह भेज देंगे स्कूलों में लिस्ट : बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि आज लिस्ट पूरी तरह से तैयार कर शुक्रवार सुबह ही सभी निजी स्कूलों में भेज दी जाएगी। जिसमें सभी छात्रों का विवरण होगा। अभिभावक शुक्रवार से ही इन स्कूलों में दाखिले के लिए जा सकते हैं। कोई स्कूल छात्र का नाम लिस्ट में होने पर मना करें तो वह अधिकारिक तौर पर सीधे भी लिखवाकर ले जा सकते हैं।