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किसानों को आय बढ़ाने के लिए बागवानी फसलों को अपनाना होगा : डॉ. मल्होत्रा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Apr 2025 01:58 AM IST
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Farmers will have to adopt horticultural crops to increase their income: Dr. Malhotra
कुरुक्षेत्र। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए बागवानी की फसलों को अपनाना होगा। इसमें भी प्याज व लहसुन की फसलें बेहतर कारगर साबित हो सकती हैं। इसलिए किसानों को इन फसलों के उत्पादन से लेकर प्रबंधन तक की बारीकी से जानकारी लेनी चाहिए। किसान कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ-साथ बागवानी विश्वविद्यालय में भी विशेषज्ञों से राय ले सकते हैं। उक्त बातें महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. एसके मल्होत्रा ने कही।
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वे मंगलवार को पंचायत भवन में एकीकृत राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय केंद्र सरकार के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी में भारत के उत्तरी राज्यों में लहसुन व प्याज के उन्नत उत्पादन तकनीकी एवं कटाई उपरांत प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।
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डॉ. मल्होत्रा ने हरियाणा में आलू लहसुन एवं प्याज उत्पादन की बढ़ोतरी करके किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उनकी आय दोगुना करने के लिए सरकार द्वारा कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र की परियोजनाओं के विभिन्न प्रयास की चर्चा की। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों की तर्ज पर अब प्रदेश में 14 बागवानी विज्ञान केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें सात पर काम शुरू हो चुका है।
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क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र सलारू के सहायक निदेशक डॉ. आलोक सिंह ने संस्था द्वारा चलाए जा रहे प्याज व लहसुन के अनुसंधान एवं बीज उत्पादन कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सब्जियों की नवीनतम तकनीकी व रोगों से फसल की सुरक्षा एवं कटाई उपरांत प्रबंधन विषय पर विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तरी राज्यों में प्याज की उन्नत किस्म, उत्पादन और कटाई के उपरांत प्रबंधन है, जिसके जरिए हमारा प्रयास है कि फसल की लागत घटे, उत्पादन बढ़े और आय बढ़े। इस मौके पर प्रोजेक्टर के माध्यम से नेशनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलेपमेंट फाउंडेशन द्वारा किए गए कार्यों को दर्शाया गया। वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए किए गए अनुसंधान एवं प्रयोग पर प्रकाश डाला गया।

संगोष्ठी में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल ने भी किसानों को अहम जानकारियां दी और उन्हें बागवानी की ओर प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. बलजीत सिंह सहारण ने प्राकृतिक खेती की ओर रुख करने का आह्वान किया। संगोष्ठी में किसानों को बुधवार को भी तकनीकी जानकारियां प्रदान की जाएंगी। इस कार्यक्रम में करीब 300 महिला व पुरुष किसान शामिल हुए।
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