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Kurukshetra News: जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से खफा किसानों ने हाईवे पर रोका काम
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कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। जमीन अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने से खफा किसानों ने नेशनल-हाईवे-152 पर चल रहे सिक्स लेन कार्य को रोक दिया। वे अजरावर गांव के निकट निर्माणाधीन सड़क पर बैठ गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पाकर तहसीलदार पिहोवा प्रियंका, थाना प्रभारी विक्रांत व अन्य हाईवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के 10 दिन के अंदर मुआवजा देने के आश्वासन के बाद किसान राजी हो गए।
भाकियू प्रवक्ता किसान प्रिंस वड़ैच ने बताया कि सरकार ने साल 2014 में एनएच-152 के लिए भूमि अधिग्रहण की थी, मगर उस जमीन का पूरा मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है, हालांकि अंबाला व कैथल जिले के किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है, मगर पिहोवा के किसानों को मात्र 30 फीसदी प्रतिशत ही मुआवजा दिया। पिहोवा के किसानों के करीब 56 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। सरकार ने पिहोवा में 11 गांव पिहोवा समेत असमानपुर, भेरियां, गुमथला गढू, थाना, धनीरामपुरा, टिकरी, मलिकपुर, गंगेहड़ी, अजरावर, ठोल के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था। अब भी सिक्सलेन का कार्य भी लगातार चल रहा है। इस मौके पर कृष्ण कलाल माजरा, जरनैल सिंह मल्ली, ज्ञानसिंह सैनी, हरमन विर्क, कृष्ण भाट, दर्शन सिंह, त्रिलोचन सिंह मौजूद रहे।
ब्याज सहित मिले पूरा मुआवजा
प्रिंस वड़ैच ने बताया किसानों का करीब 56 करोड़ रुपये बकाया है। उनकी मांग है कि सरकार ब्याज के साथ किसानों को उनका भुगतान करे, क्योंकि किसान लंबे समय से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, साथ ही ब्याज के साथ ही भुगतान करने का नियम भी है।
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एक महीने का समय मांगा, मिला 18 तक का
किसानों के बीच पहुंचे अधिकारियों ने किसानों से एक महीने का समय मांगा, जिस पर किसानों ने समय देने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में उपायुक्त शांतनु शर्मा से बातचीत के बाद किसान 10 दिन का समय देने को राजी हो गए। अब 18 तक किसानों का बकाया उनको देना होगा। वहीं इस अवधि के बाद भी अगर पूरा मुआवजा नहीं दिया गया तो किसानों ने रोड जाम करने की चेतावनी दी है।
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भाकियू प्रवक्ता किसान प्रिंस वड़ैच ने बताया कि सरकार ने साल 2014 में एनएच-152 के लिए भूमि अधिग्रहण की थी, मगर उस जमीन का पूरा मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है, हालांकि अंबाला व कैथल जिले के किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है, मगर पिहोवा के किसानों को मात्र 30 फीसदी प्रतिशत ही मुआवजा दिया। पिहोवा के किसानों के करीब 56 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। सरकार ने पिहोवा में 11 गांव पिहोवा समेत असमानपुर, भेरियां, गुमथला गढू, थाना, धनीरामपुरा, टिकरी, मलिकपुर, गंगेहड़ी, अजरावर, ठोल के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था। अब भी सिक्सलेन का कार्य भी लगातार चल रहा है। इस मौके पर कृष्ण कलाल माजरा, जरनैल सिंह मल्ली, ज्ञानसिंह सैनी, हरमन विर्क, कृष्ण भाट, दर्शन सिंह, त्रिलोचन सिंह मौजूद रहे।
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ब्याज सहित मिले पूरा मुआवजा
प्रिंस वड़ैच ने बताया किसानों का करीब 56 करोड़ रुपये बकाया है। उनकी मांग है कि सरकार ब्याज के साथ किसानों को उनका भुगतान करे, क्योंकि किसान लंबे समय से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, साथ ही ब्याज के साथ ही भुगतान करने का नियम भी है।
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एक महीने का समय मांगा, मिला 18 तक का
किसानों के बीच पहुंचे अधिकारियों ने किसानों से एक महीने का समय मांगा, जिस पर किसानों ने समय देने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में उपायुक्त शांतनु शर्मा से बातचीत के बाद किसान 10 दिन का समय देने को राजी हो गए। अब 18 तक किसानों का बकाया उनको देना होगा। वहीं इस अवधि के बाद भी अगर पूरा मुआवजा नहीं दिया गया तो किसानों ने रोड जाम करने की चेतावनी दी है।