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Kurukshetra News: बाढ़ से नुकसान के मुआवजा के लिए किसानों ने जताया रोष, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2024 01:34 AM IST
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Farmers expressed anger for compensation for flood damage, submitted memorandum to the Chief Minister
पिहोवा। मांगाें को लेकरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपतें किसान। विज्ञप्ति
पिहोवा। भाकियू (चढ़ूनी) के बैनर तले इलाके के किसानों ने एसडीएम कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें किसानों ने सरकार से बाढ़ के दौरान हुए खराबे का पूरा मुआवजा देने मांग की। प्रधान कवलजीत विर्क व युवा प्रधान सुखविंदर मुकीमपुरा की अगुवाई में सैकड़ों किसान एसडीएम कार्यालय पर एकत्रित हुए और सरकार के विरोध में नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। भाकियू (चढ़ूनी) के प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा की सरकार ने मुआवज़े के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया है।
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सरकार द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को पत्र जारी कर कहा गया है कि किसी भी किसान का बाढ़ से होने वाले खराबे की रिपोर्ट पांच एकड़ से ज्यादा की बनाकर नहीं भेजनी है, जोकि किसानों के साथ सरासर धोखा है। बहुत से किसान इस कारण उनके हुए नुकसान का मुआवजा मिलने से वंचित रह गए हैं। बहुत से किसान ठेके पर ज़मीन लेकर कृषि करते हैं और जिन किसानों की काश्त पांच एकड़ से ज़्यादा है उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिला है। कुछ गांव जिनमें बाढ़ से नुकसान हुआ था। उन्हें पोर्टल पर वेरिफाई ही नहीं किया गया व बहुत गांवों (उस्मानपुर, ट्यूक्र में सत्यापित होने के बावजूद एक रुपये का भी मुआवज़ा किसी किसान को नहीं मिला है। प्रिंस वडैच ने कहा कि प्रदेश में 1.41 लाख से ज्यादा किसानों ने मुआवजा मांगा था, जिनमें से 40 हजार से भी कम किसानों को मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा किसी भी किसान को ट्यूबवेल खराब होने का, पशुओं के नुकसान का, गन्ने की फसल का कोई मुआवजा सरकार द्वारा नहीं दिया गया है। प्रदर्शन के बाद सैकडों किसानों ने अपने शिकायत पत्र पोर्टल समेत एसडीएम को सौंपे और स्थिति से अवगत करवाया कि गांव अधोया में अभी भी पानी के कारण खड्डे पड़े हुए हैं, किंतु कोई मुआवजा नहीं मिला है। एसडीएम सोनू राम ने कहा कि वीरवार से क्षतिपूर्ति पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, जिस पर किसान अपनी आपत्ति व शिकायत दर्ज करवा सकते हैं व उनके कार्यालय में भी लिखित में शिकायत दे सकते हैं, जिसके बाद मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी जाएगी और पांच एकड़ की शर्त हटाने के लिए किसानों द्वारा दिया गया ज्ञापन मुख्यमंत्री के पास भेज दिया जाएगा।
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इस मौके पर नायब तहसीलदार सुरेश कुमार, एसएचओ पिहोवा सदर मनीष कुमार पुलिस बल के साथ,ब्लॉक प्रधान जोगिंदर काजल, इस्माईलाबाद प्रधान गुरनाम चम्मू, जरनैल मल्ली, प्रगट सिंह, काजल, गुरलाल अस्मानपुर, गगन अरोड़ा, फ़ुल सिंह टकोरन, सतपाल संधोली, संजीव कलसा, काकू चिमा, गुर्तेज विर्क आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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