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Kurukshetra News: प्याज का मूल्य कम मिलने से मायूसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बाबैन। अनाज मंडी में प्याज की आवक शुरू हो गई है, जहां शनिवार को 800 रुपये से लेकर 1060 रुपये प्रति क्विंटल के बीच भाव रहा, जिससे किसानों में नाराजगी दिखाई दी। किसान रजत कुमार मलिक पुर, श्याम लाल इशरहेड़ी, नरेंद्र सिंह प्रहलादपुर, संदीप चकचानपुर, तरसेम सिंह आदि ने बताया कि प्याज का भाव कम मिल रहा है जो उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इस वर्ष प्याज की फसल में बीमारी आ जाने के कारण प्याज की फसल ज्यादा बढ़ नहीं कर सकी है, जिसके कारण प्याज का उत्पादन भी काफी कम होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्याज का उत्पादन कम होने और प्याज का पूरा भाव न मिलने के कारण इस वर्ष यह फसल किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से किसानों को प्याज की फसल में काफी मेहनत करने के अलावा मजदूरी और खाद व दवाइयों पर अधिक खर्च करना पड़ता है उस हिसाब से तो किसानों को लागत का भाव भी नहीं मिल रहा है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में किसानों का प्याज की फसल से मोह भंग हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को कम से कम 1500 रुपये प्रति क्विंटल का भाव नहीं मिलेगा किसानों को प्याज की फसल में फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही उठाना पड़ेगा।
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बाबैन। अनाज मंडी में प्याज की आवक शुरू हो गई है, जहां शनिवार को 800 रुपये से लेकर 1060 रुपये प्रति क्विंटल के बीच भाव रहा, जिससे किसानों में नाराजगी दिखाई दी। किसान रजत कुमार मलिक पुर, श्याम लाल इशरहेड़ी, नरेंद्र सिंह प्रहलादपुर, संदीप चकचानपुर, तरसेम सिंह आदि ने बताया कि प्याज का भाव कम मिल रहा है जो उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इस वर्ष प्याज की फसल में बीमारी आ जाने के कारण प्याज की फसल ज्यादा बढ़ नहीं कर सकी है, जिसके कारण प्याज का उत्पादन भी काफी कम होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्याज का उत्पादन कम होने और प्याज का पूरा भाव न मिलने के कारण इस वर्ष यह फसल किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से किसानों को प्याज की फसल में काफी मेहनत करने के अलावा मजदूरी और खाद व दवाइयों पर अधिक खर्च करना पड़ता है उस हिसाब से तो किसानों को लागत का भाव भी नहीं मिल रहा है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में किसानों का प्याज की फसल से मोह भंग हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को कम से कम 1500 रुपये प्रति क्विंटल का भाव नहीं मिलेगा किसानों को प्याज की फसल में फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही उठाना पड़ेगा।
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