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किसान यूनियन ने मार्केट कमेटी कार्यालय गेट पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो/ कुरुक्षेत्र।
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:34 AM IST
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इस्माईलाबाद। धान की सरकारी खरीद न होने के कारण शनिवार को किसान यूनियन ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। इस दौरान यूनियन के सदस्य व किसान सरकार के खिलाफ जमकर बरसे। मार्केट कमेटी सचिव रामकुमार व हलका पटवारी विजय शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
किसान कुलवंत सिंह, प्रताप सिंह, सतनाम सिंह, जूना सिंह, काला सिंह, कर्म सिंह, गुरबाज सिंह, हरभजन सिंह, अनवर खान, सुरजीत सिंह, गुरनाम सिंह, रामसिंह आदि ने बताया कि धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को धान कम दाम पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। राइस मिलर किसानों को लूट रहे हैं। पीआर सुपरफाइन धान का समर्थन मूल्य 1510 रुपये प्रति क्विंटल किया हुआ है, लेकिन इस समय मंडियों में धान 1300 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार ने मंगलवार तक सरकारी खरीद शुरू नहीं कि तो उन्हें अपना धान मजबूर होकर सड़कों पर डालना पड़ेगा।
उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि धान की सरकारी खरीद के लिए सभी मंडियों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी एजेंसियों को खरीद के लिए मंडियों के नाम दे दिए गए हैं। सरकार के आदेश आते ही धान खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसमें कोई देरी नहीं होने दी जाएगी। कम रेट के बारे में उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यापारी किसान का सूखा व साफ सुथरा धान कम दाम पर खरीदेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन किसानों के धान का एक एक दाना खरीदने को तैयार है।
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किसान कुलवंत सिंह, प्रताप सिंह, सतनाम सिंह, जूना सिंह, काला सिंह, कर्म सिंह, गुरबाज सिंह, हरभजन सिंह, अनवर खान, सुरजीत सिंह, गुरनाम सिंह, रामसिंह आदि ने बताया कि धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को धान कम दाम पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। राइस मिलर किसानों को लूट रहे हैं। पीआर सुपरफाइन धान का समर्थन मूल्य 1510 रुपये प्रति क्विंटल किया हुआ है, लेकिन इस समय मंडियों में धान 1300 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार ने मंगलवार तक सरकारी खरीद शुरू नहीं कि तो उन्हें अपना धान मजबूर होकर सड़कों पर डालना पड़ेगा।
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उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि धान की सरकारी खरीद के लिए सभी मंडियों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी एजेंसियों को खरीद के लिए मंडियों के नाम दे दिए गए हैं। सरकार के आदेश आते ही धान खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसमें कोई देरी नहीं होने दी जाएगी। कम रेट के बारे में उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यापारी किसान का सूखा व साफ सुथरा धान कम दाम पर खरीदेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन किसानों के धान का एक एक दाना खरीदने को तैयार है।
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