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पूर्व सरपंच पुलिस हिरासत से फरार

Sat, 12 Nov 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Sat, 12 Nov 2016 12:33 AM IST
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ex surpunch, run away, police custody
पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : amar ujala
धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार एक पूर्व सरपंच शुक्रवार तड़के शाहाबाद थाना से पुलिस हिरासत से फरार हो गया। फरारी की जानकारी के बाद थाना परिसर में हड़कंप मंच गया और पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए अनेक स्थानों पर दबिश दी। लेकिन देर शाम तक आरोपी का कुछ भी अतापता नहीं चला। सुढ़पुर गांव के पूर्व सरपंच खेम सिंह के खिलाफ मृतक महिला के नाम प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के आरोप में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था और इस मामले में लंबे समय के बाद एसआई दर्शन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गुरुवार शाम दयाल नगर रेलवे फाटक के पास से पकड़ा था। पुलिस आरोपी को उसी की गाड़ी में तीन अन्य लोगों के साथ थाना में लेकर आई थी। लेकिन शाहाबाद थाना पहुंचने के बाद पेशाब करने के बहाने आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। 
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वहीं, शिकायकर्ता चरण सिंह, राजेंद्र नंबरदार, संजय राणा, हरदेव सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी व अन्य पुलिस कर्मियों ने रिश्वत लेकर आरोपी को जान बूझकर भगाया है क्योंकि शुक्रवार तड़के 3 बजे तक शिकायतकर्ता व ग्रामीण थाने के बाहर पहरा दे रहे थे। लेकिन थाना प्रभारी ने उनसे यह कहकर घर जाने को कहा था कि आरोपी पकड़ा गया है इसलिए आपका काम खत्म हो गया है। लेकिन प्रात: उन्हें सूचना मिली कि आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया है जिस पर ग्रामीण भड़क गए और थाने पहुंचकर थाना प्रभारी व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 
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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में आरोपी से मोटी रकम वसूली है और उसे भगा दिया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया गया कि जब आरोपी कईं घंटे पुलिस की हिरासत में था तो उसके खिलाफ उसी समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों का रोष बढ़ते देख डीएसपी जगदीश चंद मौके पर पहुंचे और आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया जिस पर ग्रामीण शांत हुए।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरोपी के फरार होने के बाद थाना प्रभारी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जब तक आरोपी काबू नहीं था वह आरोपी के साथ उसकी कार में शाहाबाद थाना पहुंचे तीन अतिरिक्त लोगों को यहां से नहीं जाने देंगे। लेकिन डीएसपी जगदीश चंद ने कहा कि यह कत्ल जैसा बड़ा मामला नहीं है इसलिए वह आरोपी के स्थान पर अन्य लोगों को थाना में नहीं रख सकते। हालांकि आरोपी की कार शाहाबाद थाना में ही खड़ी है।  

ये है पूरा मामला
पुलिस प्राथमिकी के अनुसार सुढ़पुर के पूर्व सरपंच खेम सिंह राणा व जगदीश चंद जोगी ने मृतक महिला के नाम से अलाट प्लॉट की रजिस्ट्री फर्जी महिला को सामने लाकर करवा ली थी। सूढ़पुर गांव में कमलेश पत्नी धर्मपाल के नाम से 100 वर्ग गज का प्लॉट हरियाणा सरकार की पॉलिसी के अनुसार अलाट हुआ था। जबकि इस महिला की मृत्यु 12 जनवरी 2011 को हुई थी लेकिन आरोपियों ने इस प्लॉट को 27 जुलाई 2011 को कलावंती की फोटो करवाकर मृतक महिला कमलेश के नाम प्लाट की रजिस्ट्री करवा ली थी। इसमें आरोपियों के खिलाफ शाहाबाद थाना में मामला दर्ज हुआ था। इसमें शिकायतकर्ता और ग्रामीण आरोपी को पकड़ने की मांग कर रहे थे।  

आरोप साबित हुआ तो पुलिसकर्मी होंगे सस्पेंड
डीएसपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी पुलिस कर्मी के खिलाफ रिश्वत लेकर आरोपी को भगाने की बात साबित हुई तो उन पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाएगी और आरोपी पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया जाएगा। 

 मैं तो अस्पताल में था : एसएचओ
थाना प्रभारी रमेश चंद ने कहा कि जिस समय एएसआई दर्शन सिंह व अन्य पुलिसकर्मी आरोपी को गिरफ्तार करके शाहाबाद थाना में लाए थे तो उस समय वह आदेश अस्पताल में थे क्योंकि उनके किसी रिश्तेदार का एक्सिडेंट हो गया था। थाने में करीब 10 बजे के करीब आरोपी से पूछताछ की जा रही थी तो आरोपी ने पेट में गड़बड़ी की बात कही और शौच के लिए गया। लेकिन वहां से चकमा देकर फरार हो गया। थाना प्रभारी ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

राजनीतिक लोगों के कहने से रचा षड्यंत्र
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद रात के समय सत्ता में रह चुके कुछ राजनीतिक लोग आरोपी से मिलने के लिए आए थे और उसके बाद ही सौदेबाजी के बाद आरोपी को भगाया गया। 


खाकी हुई शर्मसार
आरोपी के भागने के पीछे कारण चाहे जो भी रहा हो लेकिन यह तय है कि इस घटना ने खाकी को शर्मसार किया है। क्योंकि अगर इस तरह से आरोपी थाना से भागने लगे तो पुलिस पर किसी का विश्वास नहीं रह जाएगा।
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