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हर रोज पहुंच रहे है 5 से अधिक आवेदन
ब्यूरो/अमर उजाला,कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:43 PM IST
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सूचना का अधिकार कानून आम से लेकर खास लोगों के लिए कारगर साबित हो रहा है। इसके प्रति जागरूकता बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि लोग अन्य विभागों के साथ ही पुलिस विभाग से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए लगातार आरटीआई लगा रहे हैं। इनका जवाब देना विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
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शहरवासी आरटीआई का प्रयोग कर पुलिस विभाग को खंगालने में जुटे हुए हैं। यहां हर रोज औसतन पांच से अधिक आवेदन आ रहे हैं। इनमें विभिन्न प्रकार की जानकारियां मांगी जा रही हैं। प्रदेश स्तर के अधिकारियों के माध्यम से भी औसतन एक आवेदन विभाग को हर रोज मिल रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष 2015 में 1592 आवेदन इस अधिकार के तहत लोगों ने पुलिस विभाग को सीधे तौर पर दिए हैं।
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375 ऐसे लोग भी है, जिन्होंने प्रदेश स्तर के अधिकारियों से कुरुक्षेत्र पुलिस से संबधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां मांगी हैं। यह आवेदन भी उच्चा अधिकारियों की ओर से स्थानीय पुलिस के पास पहुंचे है। रिकॉर्ड अनुसार अधिकतर लोगों ने इन आवेदनों में किसी मामले में दी गई शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के बारे में विभिन्न जानकारियां मांगी जा रही हैं।
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पुलिस द्वारा लोगों को दी जा रही सुरक्षा और कम या अधिक होते जा रहे आपराधिक मामलों के लिए भी आरटीआई का प्रयोग किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ आरटीआई अज्ञानता के कारण भी उनके पास आ रही हैं। इनमें ऐसी जानकारियां भी मांगी जा रही है, जिनके मामले अदालत में विचाराधीन होते हैं या फिर इस कानून के दायरे से बाहर होते हैं।
लगातार बढ़ रही है आवेदनों की संख्या : रोशन लाल
आरटीआई ब्रांच इंचार्ज रोशन लाल का कहना है कि इस अधिकार के तहत किए जाने वाले आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें बिना जनहित और जरूरत की जानकारी भी मांगी जा रही है। कई प्रकार के आवेदनों से पुलिस के सामने परेशानी भी खड़ी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस कानून की जानकारी रखने वाले लोग सही और स्टीक तथ्यों के अनुसार जनहित में जानकारी ले रहे हैं।