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Kurukshetra News: मांगों के समर्थन में भड़के छात्र परीक्षा शाखा और कुलपति कार्यालय पहुंचे, प्रशासन ने बंद किए दरवाजे
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कुरुक्षेत्र। रोष मार्च निकालते सैंकड़ों की संख्या में विद्यार्थी।
कुरुक्षेत्र। परीक्षा शाखा में विद्यार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार न होने पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। नाराज छात्र सड़कों पर उतर आए। सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी पहले परीक्षा शाखा और फिर कुलपति कार्यालय पहुंचे, लेकिन वे यहां अंदर न घुस पाए। इसी के चलते प्रशासन ने पहले ही दरवाजे बंद कर ताले लगा दिए। ऐसे में गुस्साए विद्यार्थी करीब तीन घंटे तक बाहर जमे रहे और जमकर रोष जताया।
सुबह ही संस्कृति विभाग के बाहर इकट्ठा होने के पश्चात विद्यार्थी रोष जुलूस निकालते हुए पहले परीक्षा शाखा पहुंचे। अभी ये गेट तक पहुंच भी नहीं पाए थे कि परीक्षा शाखा के अधिकारी उनके गुस्से को भांप गए। आनन-फानन परीक्षा शाखा का मुख्य दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया। यह देख प्रदर्शनकारी विद्यार्थी भी हैरान रह गए। उनकी मांग थी कि परीक्षा नियंत्रक नीचे आकर ज्ञापन लें और मांगें सुनकर उन पर कार्य करें।
ऐसा न होने पर विद्यार्थियों का गुस्सा भड़का और गेट के आगे बैठकर धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं मौके पर सुरक्षाकर्मी पहुंचे और विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया तो विद्यार्थी वहां से उठे नहीं और परीक्षा नियंत्रक से मिलने पर अड़े रहे। लगभग डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन करने के पश्चात सुनवाई न होने पर कुलपति कार्यालय पहुंच गए, लेकिन वहां भी कर्मियों ने दरवाजा बंद कर दिया, जिसके बाद विद्यार्थी बाहर ही करीब आधा घंटा तक रोष जताते रहे। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को हटाने तक की मांग की। बाद में उन्होंने कुलपति ओएसडी को ज्ञापन सौंपा और बताई गई समस्याएं जल्द दूर करने की मांग की, जिसके साथ ही चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द इस संबंध में कदम नहीं उठाया तो वे कड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। वहीं विद्यार्थियों को मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने भी ये समस्याएं जल्द दूर कराने का भरोसा दिया।
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ये लगाए आरोप
ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि पुन: मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम देरी से आना, बीएड दूसरे वर्ष की प्रैक्टिकल में घपलेबाजी करना, परीक्षा शाखा में विद्यार्थियों से अच्छा व्यवहार न करना, पेपर चेक करवाने में देरी करना, यूएमसी के बाद परीक्षा परिणाम देरी से आना आदि कई अन्य समस्याएं है, जिनको लेकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। ओएसडी ने आश्वासन दिया कि वीसी से बातचीत कर समस्याओं का हल जरूर निकाला जाएगा।
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सुबह ही संस्कृति विभाग के बाहर इकट्ठा होने के पश्चात विद्यार्थी रोष जुलूस निकालते हुए पहले परीक्षा शाखा पहुंचे। अभी ये गेट तक पहुंच भी नहीं पाए थे कि परीक्षा शाखा के अधिकारी उनके गुस्से को भांप गए। आनन-फानन परीक्षा शाखा का मुख्य दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया। यह देख प्रदर्शनकारी विद्यार्थी भी हैरान रह गए। उनकी मांग थी कि परीक्षा नियंत्रक नीचे आकर ज्ञापन लें और मांगें सुनकर उन पर कार्य करें।
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ऐसा न होने पर विद्यार्थियों का गुस्सा भड़का और गेट के आगे बैठकर धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं मौके पर सुरक्षाकर्मी पहुंचे और विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया तो विद्यार्थी वहां से उठे नहीं और परीक्षा नियंत्रक से मिलने पर अड़े रहे। लगभग डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन करने के पश्चात सुनवाई न होने पर कुलपति कार्यालय पहुंच गए, लेकिन वहां भी कर्मियों ने दरवाजा बंद कर दिया, जिसके बाद विद्यार्थी बाहर ही करीब आधा घंटा तक रोष जताते रहे। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को हटाने तक की मांग की। बाद में उन्होंने कुलपति ओएसडी को ज्ञापन सौंपा और बताई गई समस्याएं जल्द दूर करने की मांग की, जिसके साथ ही चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द इस संबंध में कदम नहीं उठाया तो वे कड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। वहीं विद्यार्थियों को मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने भी ये समस्याएं जल्द दूर कराने का भरोसा दिया।
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ये लगाए आरोप
ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि पुन: मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम देरी से आना, बीएड दूसरे वर्ष की प्रैक्टिकल में घपलेबाजी करना, परीक्षा शाखा में विद्यार्थियों से अच्छा व्यवहार न करना, पेपर चेक करवाने में देरी करना, यूएमसी के बाद परीक्षा परिणाम देरी से आना आदि कई अन्य समस्याएं है, जिनको लेकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। ओएसडी ने आश्वासन दिया कि वीसी से बातचीत कर समस्याओं का हल जरूर निकाला जाएगा।