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Kurukshetra News: वेतन बढ़ोतरी की मांग के लिए कर्मचारियों ने जताया रोष
Tue, 09 Jul 2024 07:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Jul 2024 07:27 AM IST
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कुरुक्षेत्र। लिपिक वर्ग के कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के बाहर मांगों के समर्थन के लिए नारेबाजी कर रोष जताया। लिपिक वर्ग के कर्मचारियों ने काले कपड़े और काले बिल्ले लगाकर सांकेतिक रोष प्रदर्शन किया।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी की जिला प्रधान मंजू रानी ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के सभी विभागों के कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन के लिए करनाल के सेक्टर 12 स्थित फव्वारा पार्क में रविवार को रोष प्रदर्शन किया था जबकि पहले भी प्रदेश भर के लिपिक मूल वेतन 35 हजार चार सौ किए जाने के लिए 42 दिन की हड़ताल कर चुके हैं। इसके चलते 15 अगस्त 2023 को मुख्यमंत्री आवास पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और संगठन के पदाधिकारियों के बीच समझौता हुआ था कि 42 दिन की हड़ताल में से 35 दिन को ड्यूटी समय और सात दिन का अर्जित अवकाश मान लिया जाएगा।
कमेटी का गठन कर जल्द वेतन भी निर्धारित किया जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समझौता लागू नहीं हो पाया है। सरकार की ओर से कमेटी गठन के बाद भी लिपिक वर्ग को 21 हजार सात सौ रुपये का वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई तक लिपिक वर्ग की मांगों को नहीं माना गया तो 15 जुलाई को प्रदेश भर के लिपिक वर्ग पंचकूला की ओर कूच करने के लिए मजबूर होंगे।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी की जिला प्रधान मंजू रानी ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के सभी विभागों के कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन के लिए करनाल के सेक्टर 12 स्थित फव्वारा पार्क में रविवार को रोष प्रदर्शन किया था जबकि पहले भी प्रदेश भर के लिपिक मूल वेतन 35 हजार चार सौ किए जाने के लिए 42 दिन की हड़ताल कर चुके हैं। इसके चलते 15 अगस्त 2023 को मुख्यमंत्री आवास पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और संगठन के पदाधिकारियों के बीच समझौता हुआ था कि 42 दिन की हड़ताल में से 35 दिन को ड्यूटी समय और सात दिन का अर्जित अवकाश मान लिया जाएगा।
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कमेटी का गठन कर जल्द वेतन भी निर्धारित किया जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समझौता लागू नहीं हो पाया है। सरकार की ओर से कमेटी गठन के बाद भी लिपिक वर्ग को 21 हजार सात सौ रुपये का वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई तक लिपिक वर्ग की मांगों को नहीं माना गया तो 15 जुलाई को प्रदेश भर के लिपिक वर्ग पंचकूला की ओर कूच करने के लिए मजबूर होंगे।
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