फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Education will lead to personality development: Gyananand

शिक्षा से होगा व्यक्तित्व निर्माण : ज्ञानानंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
Education will lead to personality development: Gyananand
कुरुक्षेत्र। भारतीय शिक्षा में आचरण का विशेष महत्व है। वेदों एवं उपनिषदों में श्रेष्ठ पुरुष के आचरण को ही अनुकरणीय बताया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निहित मूल्यपरक शिक्षा ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का श्रेष्ठतम निर्माण कर सकती है।
विज्ञापन

ये विचार गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने व्यक्त किए। वे सोमवार को डिपार्टमेंट ऑफ होलिस्टिक एजुकेशन, चंडीगढ़ तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कुवि के डॉ. आरके सदन में वैश्विक विकास के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली विषय पर आयोजित दो दिवसीय शिक्षा महाकुंभ के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था केवल मात्र बाह्य विकास तक ही सीमित नहीं रही है। सत्य यह है कि भारत ने कभी भी बाहर के विकास को समग्र विकास के रूप में स्वीकार भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के भीतर दिव्यताएं हैं, बस आवश्यकता है कि भीतर अर्जुन ही प्रकट रहे। भीतर कहीं दुर्योधन प्रकट न हो वो कार्य शिक्षा कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वदेशी जागरण मंच के सह-संगठक और आर्थिक विशेषज्ञ सतीश कुमार ने कहा कि भारत को विश्व के अग्रणी राष्ट्र बनाने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अहम भूमिका होगी। इसलिए एनईपी 2020 को सही प्रावधानों के साथ क्रियान्वित करने के लिए शिक्षकों को इसे सात्विक भाव के साथ आत्मसात करना होगा। इसके साथ युवा पीढ़ी को यह बताने की भी जरूरत है कि रोजगार की परिभाषा केवल सरकारी नौकरी नहीं है बल्कि स्वरोजगार एवं उद्यमिता ही रोजगार है।
कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा भारतीय मूल्यों के साथ शिक्षा प्रदान करना एनईपी का उद्देश्य है। केयू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को इसके सभी प्रावधानों साथ न केवल कैंपस बल्कि सभी संबंधित कॉलेजों में पूरे देश में सबसे पहले लगाया है।  भारतीय संस्कृति के अनुसार विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए कैम्पस में अंग्रेजी की बाध्यता को समाप्त किया है। विद्यार्थी अपनी परीक्षा को हिंदी में लिख सकते हैं। इस दौरान कुवि कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, आरएसएस वरिष्ठ प्रचारक विजय कुमार नड्डा, शिक्षाविद देशराज शर्मा, प्रांत प्रचारक सुरेन्द्र कुमार, डॉ. शमशेर सिंह, उपाध्यक्ष चेतराम, ऋषिराज वशिष्ठ, लोक संपर्क विभाग की उपनिदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. जितेश पांडे सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के निदेशक, प्रतिनिधि, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
कौशल विकास के माध्यम से शिक्षा देना जरूरी : गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने मूल्यपरक एवं कौशल विकास के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा देने की बात कही। वहीं केन्द्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली पूरे विश्व का सही मार्ग प्रशस्त कर सकती है। सीबीएलयू की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को मानव कल्याण के योग्य बनाती है।
वहीं अखिल भारतीय विद्या संस्थान के अवनीश भटनागर ने कहा कि भारतीय शिक्षा की संकल्पना ही वैश्विक कल्याण की भावना है। उन्होंने कहा कि भारत की दृष्टि से भारत को देखने की जरूरत है क्योंकि ज्ञान सार्वभौमिक है। शिक्षा सदैव राष्ट्रीय ही होगी तभी वह राष्ट्र की चुनौतियों व समस्याओं का समाधान कर पाएगी।

माय होम इंडिया के फाउंडर एवं राजनीतिज्ञ सुनील देवधर ने कहा कि गुरुकुल आश्रम में शिक्षा पद्धति के माध्यम से जीवन की व्यवहारिकता का अर्थ समझ में आता था। आज पाश्चात्य देश भारतीय संस्कृति का महत्व समझकर उसका अनुकरण कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed