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भरनी थी सपनों की उड़ान तो लगा दी जी-जान
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डाक्टर बन अपने सपनों को साकार करने के लिए किसी ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी तो किसी ने जी-जान से मेहनत की। अब नीट (नेशनल एलीजिविलिटी इंट्रेंस टेस्ट) का परिणाम सामने आने के बाद सफल अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। इसमें ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल रहे जिनके माता-पिता ने मजदूरी कर उन्हें पढ़ाया।
पिछले पांच सालों से सोशल मीडिया, टीवी और मोबाइल से दूरी बनाकर सेक्टर-5 वासी अर्चित ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अर्चित ने 720 में से 646 अंक हासिल किए हैं। पिछले साल ही अर्चित ने गुरुकुल से कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, उन्होंने कक्षा 12वीं के साथ-साथ नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन कुछ ही नंबरों से वंचित रह गया था। अर्चित ने रोजाना 12 घंटे पढ़ाई को दिए। अर्चित के पिता सतीश कुमार गुरुकुल कुरुक्षेत्र में गणित विभाग के अध्यक्ष हैं। पिछले साल ही अर्चित के बड़े भाई उत्सव ने भी नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जो मध्यप्रदेश स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
सुंदरपुर वासी हरिओम पुत्र राजकुमार ने नीट परीक्षा में 720 में से 542 अंक प्राप्त कर अनुसूचित जाति श्रेणी में ऑल इंडिया 1364 रैंक हासिल की है। हरिओम ने वर्ष 2018 में कक्षा 12वीं के बाद बीएएमएस में दाखिला लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह पढ़ाई सुचारु नहीं रख पाए। इसके बाद वर्ष 2020 में फिर तैयारी शुरू की और अबकी बार फिर नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। हरिओम का कहना है कि डॉक्टर बनना ही उनका एकमात्र सपना था। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने मेहनत की। हालांकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते थोड़ी दिक्कत जरूर आएगी, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। विदित हो कि हरिओम के माता-पिता मजदूरी कर परिवार का जीवन-यापन करते हैं।
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पिपली वासी दिशांक सैनी ने नीट परीक्षा में 720 में से 625 अंक हासिल किए हैं। उसने ऑल इंडिया में 9612 रैंक और ओबीसी ऑल इंडिया में 3624 रैंक हासिल कर परीक्षा उत्तीर्ण की। दिशांक सैनी के पिता डॉ. चंद्रेश्वर सैनी का पिपली में कपूर क्लीनिक है। उन्होंने बताया कि दिशांक का बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था जो अब पूरा हो सकेगा। बता दें कि दिशांक सैनी की बड़ी बहन दीक्षा सैनी भी एम्स पटना में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा है।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के छात्र रहे अमन शर्मा और गौतम कुमार ने नीट में सफलता हासिल कर गुरुकुल के साथ-साथ माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान बढ़ाया है। छात्रों की सफलता पर गुरुकुल में जश्न का माहौल है।
प्रधान कुलवंत सैनी ने बताया कि आज गुरुकुल के छात्र हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। चाहे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जैसे उच्च पदों पर जाने की बात हो या फिर कॉमर्स में देश के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज में प्रवेश, गुरुकुल के छात्र सभी जगह छाए हुए हैं। अब मेडिकल क्षेत्र में भी गुरुकुल के छात्र नित नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।
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पिछले पांच सालों से सोशल मीडिया, टीवी और मोबाइल से दूरी बनाकर सेक्टर-5 वासी अर्चित ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अर्चित ने 720 में से 646 अंक हासिल किए हैं। पिछले साल ही अर्चित ने गुरुकुल से कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, उन्होंने कक्षा 12वीं के साथ-साथ नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन कुछ ही नंबरों से वंचित रह गया था। अर्चित ने रोजाना 12 घंटे पढ़ाई को दिए। अर्चित के पिता सतीश कुमार गुरुकुल कुरुक्षेत्र में गणित विभाग के अध्यक्ष हैं। पिछले साल ही अर्चित के बड़े भाई उत्सव ने भी नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जो मध्यप्रदेश स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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सुंदरपुर वासी हरिओम पुत्र राजकुमार ने नीट परीक्षा में 720 में से 542 अंक प्राप्त कर अनुसूचित जाति श्रेणी में ऑल इंडिया 1364 रैंक हासिल की है। हरिओम ने वर्ष 2018 में कक्षा 12वीं के बाद बीएएमएस में दाखिला लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह पढ़ाई सुचारु नहीं रख पाए। इसके बाद वर्ष 2020 में फिर तैयारी शुरू की और अबकी बार फिर नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। हरिओम का कहना है कि डॉक्टर बनना ही उनका एकमात्र सपना था। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने मेहनत की। हालांकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते थोड़ी दिक्कत जरूर आएगी, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। विदित हो कि हरिओम के माता-पिता मजदूरी कर परिवार का जीवन-यापन करते हैं।
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पिपली वासी दिशांक सैनी ने नीट परीक्षा में 720 में से 625 अंक हासिल किए हैं। उसने ऑल इंडिया में 9612 रैंक और ओबीसी ऑल इंडिया में 3624 रैंक हासिल कर परीक्षा उत्तीर्ण की। दिशांक सैनी के पिता डॉ. चंद्रेश्वर सैनी का पिपली में कपूर क्लीनिक है। उन्होंने बताया कि दिशांक का बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था जो अब पूरा हो सकेगा। बता दें कि दिशांक सैनी की बड़ी बहन दीक्षा सैनी भी एम्स पटना में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा है।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के छात्र रहे अमन शर्मा और गौतम कुमार ने नीट में सफलता हासिल कर गुरुकुल के साथ-साथ माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान बढ़ाया है। छात्रों की सफलता पर गुरुकुल में जश्न का माहौल है।
प्रधान कुलवंत सैनी ने बताया कि आज गुरुकुल के छात्र हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। चाहे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जैसे उच्च पदों पर जाने की बात हो या फिर कॉमर्स में देश के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज में प्रवेश, गुरुकुल के छात्र सभी जगह छाए हुए हैं। अब मेडिकल क्षेत्र में भी गुरुकुल के छात्र नित नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।