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Kurukshetra News: मौसम परिवर्तन से सर्दी, खांसी के मरीज बढ़े, डॉक्टर दे रहे सलाह
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कुरुक्षेत्र। डॉ आशीष अनेजा।
कुरुक्षेत्र। मौसम में बदलाव के चलते सुबह और शाम को लोगों को हल्की सर्दी का एहसास होने लगा है। मौसम में बदलाव के खांसी, सर्दी, जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। यही कारण है कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। छोटे बच्चों सहित बड़े बुजुर्ग खांसी, जुकाम से पीड़ित होने के बाद जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
लोगों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को दिन भर बादल छाए रहने से धूप नहीं खिली, जिससे हल्की सर्दी बनी रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। एक्यूआई भी कम होकर 204 तक रहा जबकि शुक्रवार को एक्यूआई का लेवल 222 तक पहुंच गया था। मौसम परिवर्तन के कारण बीमारियां अधिक बढ़ने लगी है। खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की अस्पताल में भीड़ लगी रहती है। बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। शाम ढलने के साथ ही ठंड बढ़ने लगती है
बदलते मौसम में अधिक बढ़ जाती है अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें : डॉ. अनेजा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हेल्थ सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि बदलते मौसम में लोग जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में जलन, फ्लू और एक्जिमा जैसी कई बीमारियों का शिकार होने लगे हैं। जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से बचने के लिए हाथों को साफ रखना चाहिए। डेंगू के मरीज नारियल पानी का सेवन करें और डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं खाएं। प्रतिदिन कम से कम आठ से नौ गिलास पानी पीकर अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें। डेंगू से बचने के लिए घर में या आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें। इस मौसम में अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं। अस्थमा से पीड़ित लोग खुद को गर्म रखें और डॉक्टर के बताए सभी निर्देशों का पालन करते रहें। पानी से इस दौरान बीमारी फैलने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए पानी उबाल कर पीना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही समय पर उचित कदम उठाने से डेंगू बुखार से आसानी से बचाव किया जा सकता है।
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लोगों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को दिन भर बादल छाए रहने से धूप नहीं खिली, जिससे हल्की सर्दी बनी रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। एक्यूआई भी कम होकर 204 तक रहा जबकि शुक्रवार को एक्यूआई का लेवल 222 तक पहुंच गया था। मौसम परिवर्तन के कारण बीमारियां अधिक बढ़ने लगी है। खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की अस्पताल में भीड़ लगी रहती है। बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। शाम ढलने के साथ ही ठंड बढ़ने लगती है
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बदलते मौसम में अधिक बढ़ जाती है अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें : डॉ. अनेजा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हेल्थ सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि बदलते मौसम में लोग जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में जलन, फ्लू और एक्जिमा जैसी कई बीमारियों का शिकार होने लगे हैं। जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से बचने के लिए हाथों को साफ रखना चाहिए। डेंगू के मरीज नारियल पानी का सेवन करें और डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं खाएं। प्रतिदिन कम से कम आठ से नौ गिलास पानी पीकर अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें। डेंगू से बचने के लिए घर में या आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें। इस मौसम में अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं। अस्थमा से पीड़ित लोग खुद को गर्म रखें और डॉक्टर के बताए सभी निर्देशों का पालन करते रहें। पानी से इस दौरान बीमारी फैलने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए पानी उबाल कर पीना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही समय पर उचित कदम उठाने से डेंगू बुखार से आसानी से बचाव किया जा सकता है।

कुरुक्षेत्र। डॉ आशीष अनेजा।
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