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एमडी करने का संजोया सपना, दाखिले पर संशय
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श्रीकृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय अस्पताल। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बीएएमएस की पढ़ाई उत्तीर्ण कर चुके भावी चिकित्सकों ने श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय से एमडी करने का सपना संजोया हुआ है। इसी सपने को साकार करने के लिए भावी चिकित्सकों ने दिन रात मेहनत कर ऑल इंडिया में शानदार प्रदर्शन भी किया है। हरियाणा के ऐसे काफी सारे विद्यार्थी है, जिन्होंने एमडी में दाखिला लेने के लिए आयोजित की गई प्रवेश परीक्षा में एक हजार से कम रैंक हासिल किया है। अब ये विद्यार्थी आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक कॉलेज में दाखिला लेने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी कराने की अनुमति न मिलने से सभी संशय में हैं।
श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को पंचकर्म, शरीर क्रिया, शरीर रचना, कौमारभृत्य और शल्यतंत्र के अलावा आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में एमडी की 42 सीटों पर लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) मिल गया है, जिसके बाद विवि प्रशासन ने पांच विषयों की 24 सीट पर दाखिला करने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अभी आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में एमडी कराने के लिए लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) नहीं मिला, जिसका विद्यार्थी ही नहीं, विवि प्रशासन को भी बेसब्री से इंतजार है।
इस संबंध में आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव कुमार का कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से एलओपी के लिए सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। उम्मीद है कि आज या कल में एलओपी मिल जाएगी। इसके लिए वे प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि भले ही दाखिले का पहला चरण शुरू हो गया है, लेकिन आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में शुरू होने जा रही एमडी में सभी विद्यार्थियों को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा।
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झज्जर वासी हरिंदर सिंह ने श्रीकृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय से बीएएमएस की पढ़ाई पूरी की है। डॉ. हरिंदर सिंह ने कड़ी मेहनत कर ऑल इंडिया में 1299 रैंक हासिल किया है। वे आयुर्वेदिक महाविद्यालय से ही काया चिकित्सा में एमडी करना चाहते हैं, लेकिन अभी तक आयुष विवि को एलओपी नहीं मिला। विद्यार्थियों के भविष्य को जहन में रखते हुए जल्द एलओपी देनी चाहिए।
हिसार वासी डॉ. हिमांशी गोयल का कहना है कि हर कॉलेज स्टेट काउंसलिंग में अपने प्रदेश के बच्चों को कई श्रेणियों में प्राथमिकता देते हैं, लेकिन हरियाणा में श्रीकृष्ण आयुर्वेदिक कॉलेज के अलावा किसी कॉलेज में एमडी नहीं कराई जा रही। उन्होंने इस बार ऑल इंडिया में 689 रैंक हासिल किया है, लेकिन अच्छे कॉलेज में दाखिला होगा या नहीं अभी भी संशय बना हुआ है।
रेवाड़ी वासी डॉ. उपासना यादव प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करना चाहती हैं। डॉ. उपासना का ऑल इंडिया में 796 वां रैंक है। इनका कहना है कि वह कुरुक्षेत्र के आयुर्वेदिक कॉलेज से प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग एमडी करना चाहती हैं। विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए इस सत्र से ही आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी की पढ़ाई शुरू करानी चाहिए, ताकि उन्हें एमडी के लिए दूसरे राज्यों में न भटकना पड़े।
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कुरुक्षेत्र। बीएएमएस की पढ़ाई उत्तीर्ण कर चुके भावी चिकित्सकों ने श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय से एमडी करने का सपना संजोया हुआ है। इसी सपने को साकार करने के लिए भावी चिकित्सकों ने दिन रात मेहनत कर ऑल इंडिया में शानदार प्रदर्शन भी किया है। हरियाणा के ऐसे काफी सारे विद्यार्थी है, जिन्होंने एमडी में दाखिला लेने के लिए आयोजित की गई प्रवेश परीक्षा में एक हजार से कम रैंक हासिल किया है। अब ये विद्यार्थी आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक कॉलेज में दाखिला लेने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी कराने की अनुमति न मिलने से सभी संशय में हैं।
श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को पंचकर्म, शरीर क्रिया, शरीर रचना, कौमारभृत्य और शल्यतंत्र के अलावा आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में एमडी की 42 सीटों पर लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) मिल गया है, जिसके बाद विवि प्रशासन ने पांच विषयों की 24 सीट पर दाखिला करने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अभी आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में एमडी कराने के लिए लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) नहीं मिला, जिसका विद्यार्थी ही नहीं, विवि प्रशासन को भी बेसब्री से इंतजार है।
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इस संबंध में आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव कुमार का कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से एलओपी के लिए सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। उम्मीद है कि आज या कल में एलओपी मिल जाएगी। इसके लिए वे प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि भले ही दाखिले का पहला चरण शुरू हो गया है, लेकिन आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में शुरू होने जा रही एमडी में सभी विद्यार्थियों को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा।
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झज्जर वासी हरिंदर सिंह ने श्रीकृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय से बीएएमएस की पढ़ाई पूरी की है। डॉ. हरिंदर सिंह ने कड़ी मेहनत कर ऑल इंडिया में 1299 रैंक हासिल किया है। वे आयुर्वेदिक महाविद्यालय से ही काया चिकित्सा में एमडी करना चाहते हैं, लेकिन अभी तक आयुष विवि को एलओपी नहीं मिला। विद्यार्थियों के भविष्य को जहन में रखते हुए जल्द एलओपी देनी चाहिए।
हिसार वासी डॉ. हिमांशी गोयल का कहना है कि हर कॉलेज स्टेट काउंसलिंग में अपने प्रदेश के बच्चों को कई श्रेणियों में प्राथमिकता देते हैं, लेकिन हरियाणा में श्रीकृष्ण आयुर्वेदिक कॉलेज के अलावा किसी कॉलेज में एमडी नहीं कराई जा रही। उन्होंने इस बार ऑल इंडिया में 689 रैंक हासिल किया है, लेकिन अच्छे कॉलेज में दाखिला होगा या नहीं अभी भी संशय बना हुआ है।
रेवाड़ी वासी डॉ. उपासना यादव प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करना चाहती हैं। डॉ. उपासना का ऑल इंडिया में 796 वां रैंक है। इनका कहना है कि वह कुरुक्षेत्र के आयुर्वेदिक कॉलेज से प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग एमडी करना चाहती हैं। विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए इस सत्र से ही आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी की पढ़ाई शुरू करानी चाहिए, ताकि उन्हें एमडी के लिए दूसरे राज्यों में न भटकना पड़े।