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गंदगी से अटे नाले-नालियां, बारिश में डूबेगा शहर
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मोहन नगर में गंदगी से अटी पड़ी नाली। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नगर परिषद की लापरवाही पूरे शहर पर भारी पड़ सकती है। मानसून आने से पहले शहर के नाले, नालियों और ड्रेन की सफाई का काम शुरू नहीं किया है। इससे बारिश के मौसम में शहर डूब सकता है। वहीं सफाई के लिए परिषद ने साजो सामान भी दुरुस्त नहीं कराया है। एक जेसीबी पिछले काफी समय से खराब पड़ी है, परिषद ने उसकी मरम्मत के लिए भी जहमत नहीं उठाई है, जबकि एक महीना पहले विधायक सुभाष सुधा अधिकारियों की बैठक के दौरान शहर के नाले, नालियों और ड्रेन की सफाई के आदेश जारी कर चुके हैं।
मामले को लेकर शनिवार को शहर के नाले और नालियों की सफाई व्यवस्था जांची गई। इस दौरान शहर के झांसा रोड पर डेहा बस्ती, जनता स्कूल के पास, रेलवे ओवरब्रिज के नीचे वशिष्ठ कॉलोनी, लायलपुर बस्ती, मोहन नगर, सिरसला रोड, लक्ष्मण कॉलोनी, शांति नगर और पुराने बाईपास के नाले और नालियां गंदगी से अटे पाए गए। सुबह शांति नगर में बने नाले में अचानक एक गाय गिर गई, जिसे दमकल विभाग के कर्मियों ने अभियान चलाकर बाहर निकाला।
इससे वहां के नाले की वास्तविक स्थिति भी नजर आ गई। वहीं ड्रेन की सफाई का कार्य भी लंबित है। गत वर्ष बारिश के समय शहर की कई कॉलोनियां, मोहल्ले, गलियां तथा सड़कें जलमग्न हो गए थे। उस समय शासन और प्रशासन के दावे की पोल जनता के सामने आ गई थी। इस बार भी नाले की सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा रहा है, जो मानसून सीजन में शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
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वहीं दूसरी ओर नगर परिषद ने शहर के 11 नाले चिह्नित किए हैं, जिनकी सफाई का कार्य नगर परिषद के अधिकारी करने का दावा कर रहे हैं। वहीं नगर की एक जेसीबी पिछले काफी समय से खराब पड़ी हुई है। उसे भी अभी तक नप की ओर से दुरुस्त नहीं कराया गया है। उधर, लोगों का आरोप है कि नप की ओर से नाले और नालियों की सफाई का कार्य नहीं किया जा रहा है।
रविंद्र अरोड़ा ने बताया कि लायलपुर बस्ती में उनका कार्यालय है। यहां पिछले पांच साल में एक भी नाले और नालियों की सफाई नहीं हुई है। इसे लेकर कई बार निवर्तमान पार्षद को शिकायत कर चुके हैं, मगर सफाई तो दूर नप के कर्मी यहां तक पहुंचे भी नहीं है।
कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश के दिनों में सबसे अधिक समस्या निचले इलाके में रहने वाले लोगों को होती है। लायलपुर बस्ती, साधु मंडी और सेक्टर-13 में थोड़ी बारिश में पानी जमा हो जाता है। प्रशासन निचले इलाकों में स्थित नाले, नालियों की सफाई कराए।
बोबी शर्मा ने बताया कि पिछले साल बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियों में पानी जमा हो गया था। जहां-जहां नाले और नालियों की सफाई होनी है उसे समय रहते पूरा किया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिल्ला ने बताया कि नगर परिषद ने शहर में 11 नालों को सफाई के लिए चिह्नित किया है। दो टीमें नालों की सफाई कर रही है। ड्रेन की सफाई जेसीबी से कराई जाएगी। वहीं जिन इलाकों में सफाई नहीं हुई, वहां भी करा दी जाएगी।
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कुरुक्षेत्र। नगर परिषद की लापरवाही पूरे शहर पर भारी पड़ सकती है। मानसून आने से पहले शहर के नाले, नालियों और ड्रेन की सफाई का काम शुरू नहीं किया है। इससे बारिश के मौसम में शहर डूब सकता है। वहीं सफाई के लिए परिषद ने साजो सामान भी दुरुस्त नहीं कराया है। एक जेसीबी पिछले काफी समय से खराब पड़ी है, परिषद ने उसकी मरम्मत के लिए भी जहमत नहीं उठाई है, जबकि एक महीना पहले विधायक सुभाष सुधा अधिकारियों की बैठक के दौरान शहर के नाले, नालियों और ड्रेन की सफाई के आदेश जारी कर चुके हैं।
मामले को लेकर शनिवार को शहर के नाले और नालियों की सफाई व्यवस्था जांची गई। इस दौरान शहर के झांसा रोड पर डेहा बस्ती, जनता स्कूल के पास, रेलवे ओवरब्रिज के नीचे वशिष्ठ कॉलोनी, लायलपुर बस्ती, मोहन नगर, सिरसला रोड, लक्ष्मण कॉलोनी, शांति नगर और पुराने बाईपास के नाले और नालियां गंदगी से अटे पाए गए। सुबह शांति नगर में बने नाले में अचानक एक गाय गिर गई, जिसे दमकल विभाग के कर्मियों ने अभियान चलाकर बाहर निकाला।
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इससे वहां के नाले की वास्तविक स्थिति भी नजर आ गई। वहीं ड्रेन की सफाई का कार्य भी लंबित है। गत वर्ष बारिश के समय शहर की कई कॉलोनियां, मोहल्ले, गलियां तथा सड़कें जलमग्न हो गए थे। उस समय शासन और प्रशासन के दावे की पोल जनता के सामने आ गई थी। इस बार भी नाले की सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा रहा है, जो मानसून सीजन में शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
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वहीं दूसरी ओर नगर परिषद ने शहर के 11 नाले चिह्नित किए हैं, जिनकी सफाई का कार्य नगर परिषद के अधिकारी करने का दावा कर रहे हैं। वहीं नगर की एक जेसीबी पिछले काफी समय से खराब पड़ी हुई है। उसे भी अभी तक नप की ओर से दुरुस्त नहीं कराया गया है। उधर, लोगों का आरोप है कि नप की ओर से नाले और नालियों की सफाई का कार्य नहीं किया जा रहा है।
रविंद्र अरोड़ा ने बताया कि लायलपुर बस्ती में उनका कार्यालय है। यहां पिछले पांच साल में एक भी नाले और नालियों की सफाई नहीं हुई है। इसे लेकर कई बार निवर्तमान पार्षद को शिकायत कर चुके हैं, मगर सफाई तो दूर नप के कर्मी यहां तक पहुंचे भी नहीं है।
कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश के दिनों में सबसे अधिक समस्या निचले इलाके में रहने वाले लोगों को होती है। लायलपुर बस्ती, साधु मंडी और सेक्टर-13 में थोड़ी बारिश में पानी जमा हो जाता है। प्रशासन निचले इलाकों में स्थित नाले, नालियों की सफाई कराए।
बोबी शर्मा ने बताया कि पिछले साल बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियों में पानी जमा हो गया था। जहां-जहां नाले और नालियों की सफाई होनी है उसे समय रहते पूरा किया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिल्ला ने बताया कि नगर परिषद ने शहर में 11 नालों को सफाई के लिए चिह्नित किया है। दो टीमें नालों की सफाई कर रही है। ड्रेन की सफाई जेसीबी से कराई जाएगी। वहीं जिन इलाकों में सफाई नहीं हुई, वहां भी करा दी जाएगी।

झांसा रोड पर गंदगी से अटा पड़ा नाला। संवाद- फोटो : Kurukshetra

जनता स्कूल के पास नाले में गंदगी की भरमार। संवाद- फोटो : Kurukshetra