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पद फार्मासिस्ट का, काम वार्डब्वॉय से लेकर डॉक्टर तक का

Sat, 16 Jul 2016 12:13 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Sat, 16 Jul 2016 12:13 AM IST
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disignation fo farmasist, work ward boy to doctor, kurukshetra
च‌िक‌ित्‍सक
गलतियों और कमियों पर तुरंत एक्शन मोड में आने वाले राज्य सरकार के तेज तर्रार स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अंडर आने वाली सीएचसी और पीएचसी की हालत क्या है? यदि यह जानना है तो झांसा की सीएचसी में जाकर देखा जा सकता है। एक वर्ष पहले पीएचसी से अपग्रेड होकर सीएचसी बनाए गए इस स्वास्थ्य केंद्र पर एक अदद फिजिशयन तक नहीं है। हालत यह हैं कि पूरे अस्पताल का जिम्मा एक फार्मासिस्ट के ऊपर है।  यही फार्मासिस्ट आउट डोर में मरीजों को भी देखता है। खुद ही दवा लिखता है और खुद ही दवा बांटता भी है। मरीजों का डाटा भी कंप्यूटर में फीड करता है और अस्पताल के स्टोर से लेकर रखरखाव तक का काम भी इसी फार्मासिस्ट के जिम्मे हैं।
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बदलते हरियाणा के नारे को मुंह चिढ़ाता यह सीएचसी है गांव झांसा में। कहा जाता है कि एक वर्ष पहले जब यह पीएचसी था, तब तक यहां सबकुछ ठीक चल रहा था। ऐसे में इसे अपग्रेड करके सीएचसी का दर्जा दे दिया गया। दर्जा बढनें के साथ ही सुविधाएं भी बढ़नी थी, लेकिन हुआ ठीक इससे उलट। अब हालत यह है कि सीएचसी में एसएमओ भी स्थाई तौर पर नहीं है। शाहाबाद के डॉक्टर रवींद्र को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। वह महज सप्ताह में तीन दिन ही झांसा की इस सीएचसी में आते हैं। ऐसे में यहां हर दिन आने वाले करीब 200 मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य महमके के अंश की नासाज तबीयत का खुलासा करती अमर उजाला की रिपोर्ट। 
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कुरुक्षेत्र से महज 18 किलोमीटर दूर है झांसा। यहां एक वर्ष पहले तक पीएचसी हुआ करती थी। काम बेहतरीन चल रहा था। मरीजों को भी जरूरत के लिहाज से प्राथमिक उपचार मिल रहा था। इसके बाद इसे अपग्रेड करके सीएचसी बना दिया गया था। लेकिन सीएचसी बनने के तुरंत बाद से ही यहां सुविधाएं घटनी शुरू हो गई। इस सीएचसी में फिलहाल न एसएमओ है, न फिजिशियन है न कोई महिला डॉक्टर और न ही स्टाफ नर्स। 
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डेंटिस्ट और फार्मासिस्ट के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र 
ऐसा नहीं है कि यहां कोई स्टाफ ही न हो, सीएचसी में एक डॉक्टर है, लेकिन दांतों का। एक फार्मासिस्ट है, जिसका काम दवा बांटने का है। लेकिन डॉ. अमित सिर्फ दांतों का ही इलाज करते हैं। सीएचसी में हर दिन 150 से 200 मरीज आते हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट राजकुमार सुबह 9 बजे से आउटडोर में डॉक्टर बनकर बैठता है। मरीज को देखता है और दवा लिखता है। इसके बाद तुरंत फार्मासिस्ट की भूमिका में आ जाता है। मरीज को दवा देता है। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर बन जाता है, उस मरीज का डाटा कंप्यूटर में फीड करता है। इसके बाद दूसरे मरीज का नंबर आता है। यह क्रम सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक चलता है। हां मदद के लिए आउट सोर्सिंग पर लगी नर्स हैं। लेकिन इनका काम केवल मरीज की मरहम पट्टी करने तक ही सीमित है। ऐसे में सारा जिम्मा फार्मासिस्ट राजकुमार पर ही है। 

नियम नहीं है, पर मजबूरी है
फिलहाल चिकित्सा नियमों में फार्मासिस्ट को इलाज करने का अधिकार नहीं दिया गया है। हालांकि राजस्थान में इस तरह की मांग दो वर्ष पहले जरूर उठी थी कि स्टाफ नर्स और लंबे वक्त से काम कर रहे फार्मासिस्ट को भी इलाज करने की छूट दी जाए। पीजीआई रोहतक से भी नर्सिंग एसोसिएशन ने सीनियर नर्स को इलाज करने की छूट देने की मांग की थी। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन सीएचसी झांसा में फार्मासिस्ट का इलाज करना मजबूरी बन गया है। लोगों को भी इसका फायदा मिल रहा है। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की तरह इलाज करना संभव नहीं है। 

न खुदा मिला न विसाले सनम 
स्वास्थ्य महमके की उदासीनता के कारण यहां सुविधा बढ़ने के बजाय लगातार घटती चली गई। अपग्रेडेशन होने के साथ ही यहां एक एसएमओ, कम से कम एक फीजिशियन, एक महिला डॉक्टर और कम से कम दो स्टाफ नर्स मरीजों की तादाद के हिसाब से होने ही थी। लेकिन यहां सुविधाएं पीएचसी से भी निचले स्तर की रह गई हैं। ताज्जुब इस बात का है कि एक वर्ष होने के बाद भी विभाग की आंखें अभी तक नहीं खुली हैं। 

ये पद हैं खाली 
इस सीएचसी में नियमानुसार चार मेडिकल ऑफिसर अधिकारी, एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर, एक स्टोर कर्मी, स्टॉफ नर्स, कार्यालय असिस्टेंट, क्लर्क होना चाहिए। लेकिन यह सारे ही पद इस वक्त खाली है। ऐसे में विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठना भी लाजिमी है कि इसे सीएचसी किया ही क्यों गया? 

वर्जन
'गांव झांसा में डॉक्टरों की कमी का मामला संज्ञान में है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचना भी दे दी गई है। जींद के एक एमबीबीएम डॉक्टर सुमित गांव झांसा आने के इच्छुक हैं, उनसे संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद है कमी को जल्द दूर किया जाएगा। 
-डॉ. एनपी सिंह, कार्यवाहक सिविल सर्जन जिला कुरुक्षेत्र
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