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Kurukshetra News: आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से रखी जा रही है सीधी निगरानी
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कुरुक्षेत्र। जिले में आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट के माध्यम से सीधी निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति अपने खेतों में पराली में आग लगाता है तो तुरंत इसकी सूचना सेटेलाइट के माध्यम से अधिकारियों के पास पहुंच जाती है, जिस पर अधिकारी खेतों में पहुंच कर कार्रवाई कर रहे हैं।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को जागरूक करने एवं आगजनी की घटनाओं की मॉनिटरिंग के लिए संबंधित उप मंडल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में उप मंडल वाइज टीम गठित की गई हैं, जिसमें तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी एवं कृषि विभाग के अधिकारी शामिल है। सभी 417 गांव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए है। सभी खंड स्तरों पर अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कृषि विभाग, पुलिस एवं पंचायत विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
पराली जलाने की सूचना डायल 112 पर भी दें
कोई भी व्यक्ति पराली में आगजनी की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दे सकता है ताकि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सकें। उच्चतम न्यायालय व एनजीटी के निर्देशानुसार यदि किसी थाना के क्षेत्र में पराली की आगजनी की घटनाएं पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज जिम्मेदार होंगे। इसके अतिरिक्त सभी शिक्षक स्कूल में प्रात: होने वाली प्रार्थना सभाओं में बच्चों को धान के अवशेषों के जलाने से होने वाले नुकसान बारे में जागरूक करें।
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उपायुक्त ने कहा कि किसानों को जागरूक करने एवं आगजनी की घटनाओं की मॉनिटरिंग के लिए संबंधित उप मंडल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में उप मंडल वाइज टीम गठित की गई हैं, जिसमें तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी एवं कृषि विभाग के अधिकारी शामिल है। सभी 417 गांव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए है। सभी खंड स्तरों पर अधिकारियों की टीमों का गठन कर दिया गया है, जिसमें कृषि विभाग, पुलिस एवं पंचायत विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
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पराली जलाने की सूचना डायल 112 पर भी दें
कोई भी व्यक्ति पराली में आगजनी की सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी दे सकता है ताकि मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सकें। उच्चतम न्यायालय व एनजीटी के निर्देशानुसार यदि किसी थाना के क्षेत्र में पराली की आगजनी की घटनाएं पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज जिम्मेदार होंगे। इसके अतिरिक्त सभी शिक्षक स्कूल में प्रात: होने वाली प्रार्थना सभाओं में बच्चों को धान के अवशेषों के जलाने से होने वाले नुकसान बारे में जागरूक करें।
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