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डिजिटल नवाचार से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी : प्रो. धीमान
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में सेमिनार के दौरान भगवान धन्वंतरि का पूजन करते कुलप
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में असीम संभावनाएं मौजूद हैं। यदि विद्यार्थी वर्तमान दौर में भी तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ते तो यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि केवल डिग्री हासिल करने से सफलता नहीं मिलेगी, विद्यार्थियों को छोटे-छोटे नवाचार और नए मॉडल विकसित करने होंगे। आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, रिसर्च और डिजिटल इनोवेशन के साथ जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस और रिसर्च आधारित तकनीकों के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को नई दिशा देने के लिए आगे आना चाहिए।
कुलसचिव डॉ. गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान व तकनीक के साथ जोड़कर नई पीढ़ी के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए शोध, स्टार्टअप और नवाचार की संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है।
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आयुर्वेद अध्ययन और अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक तकनीक के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और जनहितकारी बनाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि केवल डिग्री हासिल करने से सफलता नहीं मिलेगी, विद्यार्थियों को छोटे-छोटे नवाचार और नए मॉडल विकसित करने होंगे। आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, रिसर्च और डिजिटल इनोवेशन के साथ जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस और रिसर्च आधारित तकनीकों के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को नई दिशा देने के लिए आगे आना चाहिए।
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कुलसचिव डॉ. गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान व तकनीक के साथ जोड़कर नई पीढ़ी के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए शोध, स्टार्टअप और नवाचार की संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है।
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आयुर्वेद अध्ययन और अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक तकनीक के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और जनहितकारी बनाया जा सकता है।
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में सेमिनार के दौरान भगवान धन्वंतरि का पूजन करते कुलप