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Kurukshetra News: जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंज उठी धर्मनगरी
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कुरुक्षेत्र। इस्कॉन की ओर से सोमवार को भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। जगह-जगह रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया तो वहीं जय जगन्नाथ के उद्घोष से धर्मनगरी गूंज उठी। पांच किलोमीटर तक निकाली गई यात्रा से पूरी नगरी भगवान जगन्नाथमयी रही तो श्रद्धालु प्रभु के कीर्तन पर झूमते रहे। इस्कॉन कुरुक्षेत्र अध्यक्ष साक्षी गोपाल और उपाध्यक्ष मोहन गौरचंद्र प्रभुजी के नेतृत्व में इस विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने भी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। पिछले कई दिनों से रथ यात्रा की व्यापक तौर पर तैयारी की जा रही थी। यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान को सुंदर भोग लगाया तो जमकर कीर्तन भी किया।
आरती के पश्चात भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा को ब्रह्मसरोवर के निकट भव्य रथों पर विराजित किया गया। रथ यात्रा गौडीय मठ से शुरू होकर बिरला मंदिर, गुरुद्वारा चौंक, रेलवे रोड, अहिल्या चौक से होती हुई, सेक्टर 13 में कांग्रेस भवन पर संपूर्ण हुई। हजारों भक्तों ने करीब पांच-पांच किमी पैदल भजन कीर्तन करते हुए यात्रा में भाग लिया। यात्रा के समापन पर भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। माना जाता है कि वृंदावन वासियों द्वारा भगवान कृष्ण का रथ कुरुक्षेत्र से वृंदावन की ओर खींचने को पहली रथ यात्रा कही जाती है, और उसी की तर्ज पर पुरी में हर साल भगवान जगन्नाथ को अपने श्री मंदिर रथ पर बैठकर खींचा जाता है। आज निकाली गई रथ यात्रा को खींचने के लिए महिला श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह देखने को मिला। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान का रथ पर दर्शन करने मात्र से कोटि जन्मों के पाप नष्ट हो जाते है, और यही कृपा देने के लिए भगवान रथ पर बैठकर सड़कों पर दर्शन देते हैं।
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आरती के पश्चात भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा को ब्रह्मसरोवर के निकट भव्य रथों पर विराजित किया गया। रथ यात्रा गौडीय मठ से शुरू होकर बिरला मंदिर, गुरुद्वारा चौंक, रेलवे रोड, अहिल्या चौक से होती हुई, सेक्टर 13 में कांग्रेस भवन पर संपूर्ण हुई। हजारों भक्तों ने करीब पांच-पांच किमी पैदल भजन कीर्तन करते हुए यात्रा में भाग लिया। यात्रा के समापन पर भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। माना जाता है कि वृंदावन वासियों द्वारा भगवान कृष्ण का रथ कुरुक्षेत्र से वृंदावन की ओर खींचने को पहली रथ यात्रा कही जाती है, और उसी की तर्ज पर पुरी में हर साल भगवान जगन्नाथ को अपने श्री मंदिर रथ पर बैठकर खींचा जाता है। आज निकाली गई रथ यात्रा को खींचने के लिए महिला श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह देखने को मिला। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान का रथ पर दर्शन करने मात्र से कोटि जन्मों के पाप नष्ट हो जाते है, और यही कृपा देने के लिए भगवान रथ पर बैठकर सड़कों पर दर्शन देते हैं।
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