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Kurukshetra News: त्रिपुष्कर योग में 29 को होगी धनतेरस, मिलेगा तीन गुणा लाभ
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कुरुक्षेत्र। पंडित रामराज कौशिक।
कुरुक्षेत्र। त्रिपुष्कर योग में धनतेरस इस बार 29 अक्तूबर को होगी। शुभ संयोग के चलते सभी को तीन गुणा लाभ मिलेगा। इस दिन धन की देवता व माता लक्ष्मी की उपासना करने से जहां घर में सुख शांति का वास होगा तो वहीं घर में माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी। साथ ही इस दिन बाजार से सामान खरीदने पर तीन गुणा फल मिलने की उम्मीद रहेगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक, धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धनतेरस जिसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस का नाम धन और तेरस से मिलकर बना है, जिसमें धन का मतलब संपत्ति और समृद्धि है और तेरस का अर्थ हिंदू कैलेंडर की 13वीं तिथि है।
इस दिन कुबेर और लक्ष्मी माता की पूजा काफी अहम मानी जाती है। धनतेरस रोशनी, उमंग और खुशियों के पर्व दिवाली की शुरुआत का प्रतीक है, जो हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। साथ ही इस दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा भी की जाती है। सुख-समृद्धि एवं वैभव पूर्ण जीवन की कामना के लिए धनतेरस का दिन सर्वश्रेष्ठ होता है।
धनतेरस पूजा का शुभ समय
ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि धनतेरस की त्रियोदशी तिथि 29 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी, जो कि 30 अक्तूबर दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर खत्म होगी। इस दिन प्रदोष काल शाम पांच बजकर 38 मिनट से रात आठ बजकर 13 मिनट तक रहेगा। जबकि धनतेरस के लिए 29 अक्तूबर को गोधूलि काल शाम छह बजकर 31 मिनट से रात आठ बजकर 31 मिनट तक रहेगा, इसलिए धनतेरस के पूजन के लिए एक घंटा 42 मिनट का समय ही रहेगा।
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त्रिपुष्कर योग में तीन गुणा लाभ
धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार त्रिपुष्कर योग में किया गया कार्य तीन गुना फल देता है। इस दिन आप कोई व्यापार शुरू करते हैं या कोई भी कार्य करते हैं उसका तीन गुना फल मिलता है। इस दौरान खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है। घर में कोई भी नई वस्तु आती है तो उससे तीन गुणा फल मिलता है।
नई वस्तुएं खरीदना शुभ
धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, गहने व रोशनी से संबंधित सामान खरीदने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन जो भी चीजें खरीदी जाती हैं, वह घर में समृद्धि और धन का आगमन करती हैं। कुछ लोग इस दिन नए वाहन, संपत्ति या अन्य महत्वपूर्ण चीजों की भी खरीदारी करते हैं। इस दिन इलेक्ट्रॉनिक्स और नए उपकरण खरीदना शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन किसी से न कर्ज लेना चाहिए और न ही कर्ज देना चाहिए।
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इस दिन कुबेर और लक्ष्मी माता की पूजा काफी अहम मानी जाती है। धनतेरस रोशनी, उमंग और खुशियों के पर्व दिवाली की शुरुआत का प्रतीक है, जो हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। साथ ही इस दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा भी की जाती है। सुख-समृद्धि एवं वैभव पूर्ण जीवन की कामना के लिए धनतेरस का दिन सर्वश्रेष्ठ होता है।
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धनतेरस पूजा का शुभ समय
ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि धनतेरस की त्रियोदशी तिथि 29 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी, जो कि 30 अक्तूबर दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर खत्म होगी। इस दिन प्रदोष काल शाम पांच बजकर 38 मिनट से रात आठ बजकर 13 मिनट तक रहेगा। जबकि धनतेरस के लिए 29 अक्तूबर को गोधूलि काल शाम छह बजकर 31 मिनट से रात आठ बजकर 31 मिनट तक रहेगा, इसलिए धनतेरस के पूजन के लिए एक घंटा 42 मिनट का समय ही रहेगा।
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त्रिपुष्कर योग में तीन गुणा लाभ
धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार त्रिपुष्कर योग में किया गया कार्य तीन गुना फल देता है। इस दिन आप कोई व्यापार शुरू करते हैं या कोई भी कार्य करते हैं उसका तीन गुना फल मिलता है। इस दौरान खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है। घर में कोई भी नई वस्तु आती है तो उससे तीन गुणा फल मिलता है।
नई वस्तुएं खरीदना शुभ
धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, गहने व रोशनी से संबंधित सामान खरीदने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन जो भी चीजें खरीदी जाती हैं, वह घर में समृद्धि और धन का आगमन करती हैं। कुछ लोग इस दिन नए वाहन, संपत्ति या अन्य महत्वपूर्ण चीजों की भी खरीदारी करते हैं। इस दिन इलेक्ट्रॉनिक्स और नए उपकरण खरीदना शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन किसी से न कर्ज लेना चाहिए और न ही कर्ज देना चाहिए।