{"_id":"6842055401fb5f31c000ef01","slug":"devotees-took-a-holy-dip-on-ganga-dussehra-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-136789-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गंगा दशहरा पर्व पर वीरवार को ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, सरस्वती तीर्थ सहित अन्य तीर्थों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
अलसुबह से ही लोग पवित्र सरोवरों की ओर रुख करने लगे और गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने विधिवत स्नान कर पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष स्थान है। मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इसी वजह से इस दिन किसी भी पवित्र जलस्रोत, नदी या तीर्थ स्थल में स्नान करने से जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है। ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर जैसे पुण्य स्थलों में स्नान करना तो और भी फलदायी माना जाता है।
श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां गंगा की पूजा कर दीप दान किया और निर्धनों को अन्न, वस्त्र और जलपात्र का दान किया। स्थानीय पुजारियों ने विशेष यज्ञ और आरती भी करवाई। पं. राकेश कुमार ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन स्नान, दान और जप-तप करने से पापों से मुक्ति मिलती है। जो लोग किसी कारणवश गंगा में स्नान नहीं कर पाते तो वह अपने आसपास किसी भी तीर्थ पर स्नान करते हैं या घर में गंगा जल से स्नान करने से भी पूर्ण लाभ मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गंगा दशहरा पर्व पर वीरवार को ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, सरस्वती तीर्थ सहित अन्य तीर्थों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
अलसुबह से ही लोग पवित्र सरोवरों की ओर रुख करने लगे और गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने विधिवत स्नान कर पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष स्थान है। मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इसी वजह से इस दिन किसी भी पवित्र जलस्रोत, नदी या तीर्थ स्थल में स्नान करने से जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है। ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर जैसे पुण्य स्थलों में स्नान करना तो और भी फलदायी माना जाता है।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां गंगा की पूजा कर दीप दान किया और निर्धनों को अन्न, वस्त्र और जलपात्र का दान किया। स्थानीय पुजारियों ने विशेष यज्ञ और आरती भी करवाई। पं. राकेश कुमार ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन स्नान, दान और जप-तप करने से पापों से मुक्ति मिलती है। जो लोग किसी कारणवश गंगा में स्नान नहीं कर पाते तो वह अपने आसपास किसी भी तीर्थ पर स्नान करते हैं या घर में गंगा जल से स्नान करने से भी पूर्ण लाभ मिलता है।
विज्ञापन