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Kurukshetra News: भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों ने चक्रस्नानम कर दर्शाई आराध्य के प्रति आस्था

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:53 AM IST
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Devotees of Lord Venkateshwara showed their faith in the adorable by performing Chakrasnanam
कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में मंत्रोच्चारण सहित पूजा-अर्चना करते पुजारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में ब्रह्मोत्सव के तहत रोजाना शोभायात्रा और परिक्रमा आयोजित की जा रही है। रथोत्सव के बाद शुक्रवार को मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। इस दौरान चक्रस्नानम की प्रक्रिया विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुबह से ही भक्तों ने मंदिर में दर्शन शुरू कर दिए थे। आयोजकों और पुजारियों ने भगवान वेंकटेश्वर के सुदर्शन चक्र का पूजन कर आरती की। वैदिक मंत्रोच्चारण से मंदिर परिसर भक्ति की बयार से भर उठा। इसके बाद पुजारियों, आयोजकों सहित भक्तों ने ब्रह्मसरोवर का रुख किया। पालकी में सजाकर मलयप्पा स्वामी, श्रीदेवी और भूदेवी को घाट पर ले जाया गया। मूर्तियों का दूध, दही, शहद, चंदन और जल से दिव्य अभिषेक किया गया।
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सरोवर पर परिक्रमा करके पुजारियों, आयोजकों और भक्तों ने चक्रस्नानम की रीति पूरी की। मुख्य पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुदर्शन चक्र को श्रद्धापूर्वक सरोवर के पवित्र जल में डुबोया। दोपहर के समय भक्तों को विशेष कृपा प्रसाद खिचड़ी परोसी गई। देर शाम को भगवान का ध्वजावरोहण कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया। भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना की गई और मंदिर परिसर में फूलों से सजावट का कार्य भी चलता रहा।
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चक्रस्नानम से धुलते हैं पाप : गौतम
स्थान। तिरुपति बालाजी वेंकटेश्वर भगवान के मंदिर में नौ दिवसीय ब्रह्मोत्सव चल रहा है। मंदिर के पुजारी आचार्य लवकुश गौतम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी अनुष्ठान तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् की तर्ज पर हो रहे हैं। ब्रह्मोत्सव 24 जून को शुरू हुआ था। इसके आठवें दिन चक्रस्नानम प्रक्रिया पूरी की गई। मान्यता है कि चक्रस्नानम के समय जलकुंड में स्नान करने से भक्तों के पाप धुल जाते हैं। इससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान के दर्शन और परिक्रमा से आध्यात्मिक शांति, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। शनिवार 4 जुलाई को ब्रह्मोत्सव का समापन पुष्पयगम प्रक्रिया से होगा। इसमें देवी-देवताओं की मूर्तियों को ताजे फूलों और पत्तियों से स्नान कराया जाएगा। पुष्पयगम का उद्देश्य पृथ्वी को प्राकृतिक आपदाओं से बचाना और मानव कल्याण है।

कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में मंत्रोच्चारण सहित पूजा-अर्चना करते पुजारी। संवाद

कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में मंत्रोच्चारण सहित पूजा-अर्चना करते पुजारी। संवाद

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