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विभाग चौकस, हड़ताली कर्मियों पर रही पैनी निगाह
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:09 AM IST
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बिजली उपकेंद्र पर तैनात पुलिस
- फोटो : Amar Ujala
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हरियाणा ज्वाइंट पावर एक्शन कमेटी के आह्वान पर विभाग के निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल के पहले दिन जिला के लगभग 786 बिजली कर्मी बुधवार को हड़ताल पर रहे। वहीं निगम के कार्यालय पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में रहे। अपनी मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर गए बिजली विभाग के कर्मचारियों के कारण पहले दिन कार्यालय में पूरी तरह से सन्नाटा छाया रहा, वहीं बिजली विभाग के आला अधिकारी कार्यालयों में मुस्तैदी से बैठे रहे।
कार्यालयों में बैठे अधिकारियों का उनके उच्चाधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाएं रखा। हड़ताल के दौरान कोई भी बिजली कर्मचारियों के संगठन के कार्यकर्ता मौजूद नहीं थे। कार्यालय में डीसी रेट व अनुबंध आधार पर रखे गए कर्मचारी ही मौजूद थे। सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने के भय से हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने अपने फोन भी बंद कर रखे हैं। बता दें कि पिछली हड़ताल के दौरान कई स्थानों पर बिजली कार्य को प्रभावित किया था, जिसको देखते हुए इस बार सरकार ने एस्मा लगा दिया है।
पिहोवा के कार्यकारी अभियंता योगराज सिंह ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण किसी भी तरह की बिजली बाधित नहीं हो रही है, यदि कोई भी कर्मचारी बिजली बाधित करने की कोशिश करेगा तो उसके विरूद्व सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग का निजीकरण नहीं किया जा रहा है, केवल मात्र 11 के वी की लाईनों के रखरखाव के लिए प्राइवेट एजेंसी को दिया जा रहा है। ताकि आम लोगों को बिजली संबंधित कोई परेशानी न हो। जो स्थाई कर्मचारी इन लाइनों पर कार्य कर रहे हैं उन्हें बिजली विभाग के अन्य कार्य सौंप दिए जाएंगे।
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कुल स्थाई कर्मचारियों 216 में से 18 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। इसके अलावा डीसी रेट व अनुबंध आधार पर लगे 133 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। जो कर्मचारी अनुपस्थित हैं उनकी रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
हड़ताल के चलते जिला प्रशासन द्वारा 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। जो कि हड़ताल के मद्देनजर लगातार जिला भर में चेकिंग करते नजर आएं साथ ही पुलिस विभाग के कर्मी भी प्रत्येक बिजली निगम कार्यालयों में चौकस नजर आएं। वहीं अधिकतर बिजली निगम कार्यालयों में ताले लटके मिलें और कार्य के लिए आएं उपभोक्ताओं को परेशानी सामने आई।
अधीक्षक अभियंता परिचालन मंडल उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम राजेश तेवतिया ने बताया कि इसके लिए निगम ने व्यापक प्रबंध करते हुए कुरुक्षेत्र सर्कल के सभी बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त लिखित आदेश जारी कर दिए है। आदेश में कहा गया है कि वे अपने उपकेंद्र का बिना रिलीवर के कही भी छोड़ कर न जाए। अगर कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने सहित नौकरी से तुरंत बर्खास्त करने के आदेश दिए जा सकते हैं। जो कर्मचारी हड़ताल में भाग नहीं लेना चाहते और उन्हें यूनियन का अधिकारी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य करता है, ऐसे में यूनियन के अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र सर्कल में 1166 कर्मचारी कार्यरत
अधीक्षक अभियंता ने बताया कि कुरुक्षेत्र सर्कल में केवल 1166 कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें से 786 कर्मचारी नियमित, 201 कर्मचारी डीसी रेट पर व 179 कर्मचारी अनुबंध लेबर के रुप में कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों में से 498 कर्मचारी कुरुक्षेत्र डिवीजन में, 310 कर्मचारी शाहाबाद में व 358 कर्मचारी पिहोवा डिवीजन में कार्यरत हैं।
कुरुक्षेत्र सर्कल में 32 बिजली उपकेन्द्र
जानकारी अनुसार कुरुक्षेत्र सर्कल में 32 उपकेन्द्र तथा 540 फीडर हैं। जिनमें से कुरुक्षेत्र डिवीजन में 196, शाहाबाद डिवीजन में 160 व पिहोवा डिवीजन में 184 फीडर शामिल हैं और कुरुक्षेत्र सर्कल में एक लाख बिजली उपभोक्ता है।
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कार्यालयों में बैठे अधिकारियों का उनके उच्चाधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाएं रखा। हड़ताल के दौरान कोई भी बिजली कर्मचारियों के संगठन के कार्यकर्ता मौजूद नहीं थे। कार्यालय में डीसी रेट व अनुबंध आधार पर रखे गए कर्मचारी ही मौजूद थे। सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने के भय से हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने अपने फोन भी बंद कर रखे हैं। बता दें कि पिछली हड़ताल के दौरान कई स्थानों पर बिजली कार्य को प्रभावित किया था, जिसको देखते हुए इस बार सरकार ने एस्मा लगा दिया है।
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पिहोवा के कार्यकारी अभियंता योगराज सिंह ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण किसी भी तरह की बिजली बाधित नहीं हो रही है, यदि कोई भी कर्मचारी बिजली बाधित करने की कोशिश करेगा तो उसके विरूद्व सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग का निजीकरण नहीं किया जा रहा है, केवल मात्र 11 के वी की लाईनों के रखरखाव के लिए प्राइवेट एजेंसी को दिया जा रहा है। ताकि आम लोगों को बिजली संबंधित कोई परेशानी न हो। जो स्थाई कर्मचारी इन लाइनों पर कार्य कर रहे हैं उन्हें बिजली विभाग के अन्य कार्य सौंप दिए जाएंगे।
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कुल स्थाई कर्मचारियों 216 में से 18 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। इसके अलावा डीसी रेट व अनुबंध आधार पर लगे 133 कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। जो कर्मचारी अनुपस्थित हैं उनकी रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
हड़ताल के चलते जिला प्रशासन द्वारा 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। जो कि हड़ताल के मद्देनजर लगातार जिला भर में चेकिंग करते नजर आएं साथ ही पुलिस विभाग के कर्मी भी प्रत्येक बिजली निगम कार्यालयों में चौकस नजर आएं। वहीं अधिकतर बिजली निगम कार्यालयों में ताले लटके मिलें और कार्य के लिए आएं उपभोक्ताओं को परेशानी सामने आई।
अधीक्षक अभियंता परिचालन मंडल उतर हरियाणा बिजली वितरण निगम राजेश तेवतिया ने बताया कि इसके लिए निगम ने व्यापक प्रबंध करते हुए कुरुक्षेत्र सर्कल के सभी बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त लिखित आदेश जारी कर दिए है। आदेश में कहा गया है कि वे अपने उपकेंद्र का बिना रिलीवर के कही भी छोड़ कर न जाए। अगर कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने सहित नौकरी से तुरंत बर्खास्त करने के आदेश दिए जा सकते हैं। जो कर्मचारी हड़ताल में भाग नहीं लेना चाहते और उन्हें यूनियन का अधिकारी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य करता है, ऐसे में यूनियन के अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र सर्कल में 1166 कर्मचारी कार्यरत
अधीक्षक अभियंता ने बताया कि कुरुक्षेत्र सर्कल में केवल 1166 कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें से 786 कर्मचारी नियमित, 201 कर्मचारी डीसी रेट पर व 179 कर्मचारी अनुबंध लेबर के रुप में कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों में से 498 कर्मचारी कुरुक्षेत्र डिवीजन में, 310 कर्मचारी शाहाबाद में व 358 कर्मचारी पिहोवा डिवीजन में कार्यरत हैं।
कुरुक्षेत्र सर्कल में 32 बिजली उपकेन्द्र
जानकारी अनुसार कुरुक्षेत्र सर्कल में 32 उपकेन्द्र तथा 540 फीडर हैं। जिनमें से कुरुक्षेत्र डिवीजन में 196, शाहाबाद डिवीजन में 160 व पिहोवा डिवीजन में 184 फीडर शामिल हैं और कुरुक्षेत्र सर्कल में एक लाख बिजली उपभोक्ता है।