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तीन वर्ष में लापता हुए 1707 लोग, 1306 लौटे, 491 आज भी गायब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:01 AM IST
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कुरुक्षेत्र। जिले में पिछले तीन वर्ष में 1707 लोग लापता हुए हैं, जिनमें से 1306 तो घर लौट गए, लेकिन 491 का परिजन आज भी इंतजार कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि लापता होने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा हैं। तीन साल में जहां 713 पुरुष लापता हुए वहीं महिलाओं की संख्या 994 है। इनमें से अब तक 666 महिलाएं को तो पुलिस ने तलाश कर घर पहुंचा दिया, लेकिन 328 का आज तक कोई सुराग ही नहीं लग पाया। पुलिस द्वारा इनमें से जो बड़ों से संबंधित केस हैं, उनकी तफ्तीश पूरी कर फाइल बंद कर दी गई है। वहीं माइनर केसों को स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दिया, जिनकी जांच आज भी जारी है। प्रतिवर्ष देखें तो 2018 में जिले से कुल 502 लोग लापता हुए थे, जिनमें से 195 पुरुष व 226 महिलाओं को पुलिस ने ढूंढ निकाला, जबकि 42 पुरुष व 39 महिलाएं आज भी गायब हैं। इसी प्रकार वर्ष 2019 में 642 लापता हुए, जिनमें 225 पुरुष व 277 महिलाएं हैं। इनमें से 550 की घर वापसी हुई। वर्ष 2020 में 563 लापता होने के मामले पुलिस ने दर्ज किए, जिसमें से 335 को खोज निकाला।
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लॉकडाउन में सबसे ज्यादा लोग हुए लापता
अन्य वर्ष के मुकाबले 2020 में लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा लोग लापता हुए हैं। पुलिस में 563 लोगों के लापता होने के मामले दर्ज किए, जिनमें से 335 वापिस लौटे। कुल लापता में बच्चे 83 व बालिग की संख्या 480 रही। 83 बच्चों में 35 लड़के व 48 लड़कियां और 480 बालिग में 190 पुरुष व 290 महिलाएं शामिल हैं। बच्चों में 27 लड़के व 39 लड़कियों की घर वापसी हुई, वहीं वयस्कों में 107 पुरुष व 162 महिलाओं को पुलिस ने ढूंढ निकाला।
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इस वर्ष इतने लोग लापता और इतने लौटे वापिस
वर्ष कुल वापसी अभी भी लापता
2018 502 421 81
2019 642 550 92
2020 563 335 228
लापता की तलाश के लिए हर संभव प्रयास: डीएसपी
डीएसपी सुभाष ने कहा कि पुलिस द्वारा व्यक्ति को तलाशने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है, जिले में बहुत से लापता लोगों की तलाश कर पुलिस ने उन्हें वापिस घर पहुंचाया है। वहीं जिन मामलों में कोई ट्रेस नहीं हो पाता ऐसे माइनर केस स्टेट क्राइम ब्रांच में भेज दिए जाते हैं। वहीं मेजर केस को पूरे प्रयास के बाद क्लोज कर दिया जाता है।
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